महाराष्ट्र

Chandrapur : ट्रेन की चपेट में आकर बाघिन की मौत

Kavita2
28 May 2026 3:57 PM IST
Chandrapur : ट्रेन की चपेट में आकर बाघिन की मौत
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Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिला में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां रेलवे ट्रैक पार करते समय एक बाघिन ट्रेन की चपेट में आ गई और उसकी मौत हो गई। यह घटना वन्यजीव संरक्षण और रेलवे कॉरिडोर पर जानवरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर रही है।

जानकारी के अनुसार यह हादसा मंगलवार शाम को सिंदेवाही तहसील के नवेगांव गांव के पास बल्लारशाह-गोंदिया रेलवे रूट पर हुआ। गुरुवार को प्राप्त रिपोर्ट्स में इस घटना की पुष्टि की गई है। हादसे के बाद वन विभाग और रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया।

यह दुर्घटना सिंदेवाही फॉरेस्ट रेंज के अंतर्गत लोंखैरी बीट के कंपार्टमेंट नंबर 247 में हुई बताई जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार बाघिन रेलवे ट्रैक पार कर रही थी, तभी तेज गति से आ रही ट्रेन ने उसे टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बाघिन के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। वन अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसे के समय ट्रैक के आसपास सुरक्षा उपाय कितने प्रभावी थे।

स्थानीय लोगों और पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र में जंगली जानवरों की आवाजाही लगातार बनी रहती है, क्योंकि यह इलाका घने जंगलों और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के बीच स्थित है। ऐसे में रेलवे ट्रैक इनके रास्ते में बाधा बन जाता है, जिससे इस तरह की दुर्घटनाएं होती रहती हैं।

वन्यजीव प्रेमियों ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई है और रेलवे प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में स्पीड कंट्रोल, अलार्म सिस्टम और अंडरपास जैसी सुविधाएं बढ़ाई जाएं, ताकि जानवरों की जान बचाई जा सके।

भारतीय रेलवे और वन विभाग की संयुक्त जिम्मेदारी मानी जाती है कि ऐसे क्षेत्रों में वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, लेकिन बार-बार हो रही घटनाएं इस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह इलाका बाघों की सक्रिय मूवमेंट वाला क्षेत्र है, जहां अक्सर जानवर भोजन और पानी की तलाश में ट्रैक पार करते हैं। रेलवे लाइन पर बढ़ती ट्रेनों की आवाजाही और तेज गति इन जानवरों के लिए बड़ा खतरा बन रही है।

फिलहाल वन विभाग ने आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और यह जांच की जा रही है कि क्या किसी प्रकार की लापरवाही या तकनीकी कमी इस हादसे का कारण बनी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों की पुष्टि होगी।

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर रेलवे विकास और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन की जरूरत को उजागर कर दिया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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