महाराष्ट्र

गीले सीमेंट में फंसी कार, मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर लगा लंबा जाम

Kavita2
25 Aug 2026 5:46 PM IST
गीले सीमेंट में फंसी कार, मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर लगा लंबा जाम
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पुणे। मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर मंगलवार को एक अजीबोगरीब घटना के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। पाशन के पास कटराज-देहू रोड बाईपास सेक्शन में ताजा डाले गए गीले सीमेंट में एक कार फंस गई। घटना के बाद मौके पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई और देखते ही देखते सड़क पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।

यह घटना पाशन इलाके में कुमार पैपिलॉन के सामने हुई। बताया जा रहा है कि सड़क पर निर्माण कार्य चल रहा था और वहां ताजा सीमेंट डाला गया था। इसी दौरान एक कार उस हिस्से में पहुंच गई और गीले सीमेंट में फंस गई। कार के फंसने के बाद उसे तत्काल बाहर निकालना संभव नहीं हो सका, जिसके चलते सड़क के उस हिस्से में यातायात प्रभावित हुआ।

गीले सीमेंट में फंसी कार

मंगलवार को कटराज-देहू रोड बाईपास के पाशन हिस्से में सड़क निर्माण या मरम्मत का काम चल रहा था। सड़क पर ताजा सीमेंट डाले जाने के बाद उस हिस्से को वाहनों की आवाजाही से रोकने की व्यवस्था की गई थी। इसी दौरान एक कार गीले सीमेंट वाले हिस्से में पहुंच गई।



कार के पहिए सीमेंट में धंस गए और वाहन आगे नहीं बढ़ सका। कार के फंसते ही आसपास मौजूद लोगों का ध्यान घटनास्थल की ओर गया। वाहन को निकालने की कोशिश की गई, लेकिन गीले सीमेंट में पहिए धंस जाने के कारण समस्या बढ़ गई।

यातायात पर पड़ा असर

कार के सड़क पर फंसने से हाईवे के इस हिस्से में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पुणे शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है और यहां दिनभर बड़ी संख्या में वाहन चलते हैं। ऐसे में सड़क के एक हिस्से के बाधित होने का असर यातायात पर तेजी से पड़ा।

घटना के बाद वाहनों की कतारें लगने लगीं। कई वाहन चालकों को जाम में फंसकर इंतजार करना पड़ा। पाशन और आसपास के इलाकों में आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

निर्माणाधीन सड़क पर वाहन के पहुंचने से न केवल कार फंसी, बल्कि यातायात प्रबंधन की चुनौती भी सामने आई। सड़क पर निर्माण कार्य के दौरान पर्याप्त बैरिकेडिंग और संकेतक नहीं होने पर वाहन चालकों को स्थिति का अंदाजा लगाने में परेशानी हो सकती है।

निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस घटना ने निर्माणाधीन सड़क पर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब किसी सड़क पर गीला सीमेंट या अन्य निर्माण सामग्री डाली जाती है तो उस हिस्से को वाहनों से पूरी तरह अलग करना जरूरी होता है।

बैरिकेड, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त संकेतक होने से वाहन चालक समय रहते रास्ता बदल सकते हैं। यदि निर्माणाधीन हिस्से को पर्याप्त रूप से बंद नहीं किया गया हो तो वाहन अनजाने में वहां पहुंच सकते हैं।

पाशन में हुई घटना में कार के गीले सीमेंट में फंसने के बाद यातायात प्रभावित हुआ। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि व्यस्त हाईवे पर निर्माण कार्य के दौरान यातायात प्रबंधन को लेकर अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है।

कार निकालने में आई परेशानी

गीले सीमेंट में कार के पहिए धंस जाने के कारण उसे सामान्य तरीके से बाहर निकालना मुश्किल हो गया। वाहन को हटाने के लिए विशेष प्रयास करने की आवश्यकता पड़ी। इस दौरान सड़क पर जमा वाहनों के कारण समस्या और बढ़ गई।

जाम में फंसे वाहन चालकों को आगे बढ़ने के लिए रास्ता नहीं मिल रहा था। हाईवे पर यातायात का दबाव अधिक होने के कारण थोड़ी देर की रुकावट भी बड़ी कतार में बदल गई।

वाहन चालकों को हुई परेशानी

घटना के कारण प्रभावित मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को काफी समय तक इंतजार करना पड़ा। कामकाजी लोगों, स्थानीय निवासियों और हाईवे से गुजरने वाले यात्रियों को जाम का सामना करना पड़ा।

पुणे में पहले से ही प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव बना रहता है। ऐसे में निर्माण कार्य के कारण सड़क का हिस्सा बाधित होने पर वाहनों की रफ्तार प्रभावित होती है। मंगलवार को कार के गीले सीमेंट में फंसने के बाद भी यही स्थिति देखने को मिली।

निर्माण एजेंसियों से सतर्कता की उम्मीद

इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए निर्माण एजेंसियों को व्यस्त सड़कों पर काम करते समय सुरक्षा उपायों का विशेष ध्यान रखना होगा। गीला सीमेंट डालने के बाद उसके पूरी तरह सूखने तक उस हिस्से में वाहनों की आवाजाही रोकना जरूरी है।

इसके लिए पर्याप्त बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेत लगाए जाने चाहिए। रात या कम दृश्यता की स्थिति में अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था भी उपयोगी हो सकती है।

पाशन में मंगलवार को गीले सीमेंट में कार फंसने की घटना भले ही असामान्य रही, लेकिन इससे मुंबई-बेंगलुरु हाईवे जैसे व्यस्त मार्ग पर निर्माण कार्य के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत एक बार फिर सामने आई। कार के फंसने के कारण लगा जाम वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बना और निर्माण स्थल पर बेहतर यातायात प्रबंधन की जरूरत को उजागर किया।

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