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70 फीट नीचे रेलवे ट्रैक पर गिरी कार, नाबालिग गंभीर घायल, 18 साल के दोस्त पर केस

नवी मुंबई। नवी मुंबई के पारसिक हिल इलाके में एक कार करीब 70 फीट नीचे बेलापुर-उरण रेलवे ट्रैक पर गिरने से 17 वर्षीय किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद CBD पुलिस ने नाबालिग के 18 वर्षीय दोस्त प्रणव गवहाने के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि युवक ने अपने नाबालिग दोस्त को होंडा सिटी कार चलाने की अनुमति दी थी, जबकि उसके पास वाहन चलाने की कानूनी इजाजत नहीं थी।
घटना गुरुवार शाम की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक 17 वर्षीय किशोर होंडा सिटी कार चला रहा था। पारसिक हिल इलाके में पहुंचने के बाद कार अचानक अनियंत्रित हो गई और पहाड़ी से करीब 70 फीट नीचे गिरते हुए बेलापुर-उरण रेलवे ट्रैक पर जा पहुंची। हादसा इतना गंभीर था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसे चला रहा किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। घायल किशोर को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे की जानकारी मिलने के बाद CBD पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में सामने आया कि दुर्घटना के समय कार एक नाबालिग चला रहा था।
इसके बाद पुलिस ने यह पता लगाना शुरू किया कि नाबालिग के पास कार कैसे पहुंची और उसे वाहन चलाने की अनुमति किसने दी थी। जांच में उसके 18 वर्षीय दोस्त प्रणव गवहाने का नाम सामने आया। प्रणव सानपाडा का रहने वाला बताया गया है। आरोप है कि उसने नाबालिग दोस्त को कार चलाने दी थी।
मामला केवल नाबालिग के वाहन चलाने तक सीमित नहीं रहा। पुलिस की शुरुआती जांच में होंडा सिटी कार की खरीद को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार कार कथित तौर पर 17 वर्षीय किशोर ने ही करीब 1.90 लाख रुपये में खरीदी थी।
नाबालिग होने के कारण कार की खरीद में उसके 18 वर्षीय दोस्त प्रणव गवहाने के दस्तावेजों का कथित रूप से इस्तेमाल किया गया था। आरोप है कि गवहाने ने इस लेन-देन को पूरा कराने में नाबालिग की मदद की। अब पुलिस इस पूरे सौदे की जांच कर रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कार किस व्यक्ति से खरीदी गई थी और खरीद के दौरान कौन-कौन से दस्तावेज दिए गए थे। इसके अलावा वाहन का पंजीकरण किसके नाम पर था और 1.90 लाख रुपये का भुगतान किस तरीके से किया गया, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कार बेचने वाले व्यक्ति को खरीदार की वास्तविक उम्र के बारे में जानकारी थी या नहीं। नाबालिग द्वारा अपने दोस्त के दस्तावेजों का कथित इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि कानूनी रूप से कार चलाने की अनुमति नहीं होने के बावजूद 17 वर्षीय किशोर वाहन कैसे चला रहा था। इसी पहलू को देखते हुए CBD पुलिस ने 18 वर्षीय प्रणव गवहाने के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
पारसिक हिल से कार के करीब 70 फीट नीचे गिरने के कारण हादसा गंभीर हो गया। कार सीधे बेलापुर-उरण रेलवे ट्रैक तक पहुंच गई। इतनी ऊंचाई से गिरने के कारण वाहन को भारी नुकसान पहुंचा और नाबालिग गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस अब हादसे के वास्तविक कारण का भी पता लगाने में जुटी है। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि दुर्घटना के समय कार की रफ्तार कितनी थी और किस वजह से वाहन चालक ने नियंत्रण खो दिया। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में हादसे की सटीक वजह स्पष्ट नहीं हुई है।
पुलिस यह भी जांच रही है कि दुर्घटना के समय कार में नाबालिग के अलावा कोई और व्यक्ति मौजूद था या नहीं। घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को समझने का प्रयास किया जा रहा है।
इस मामले में कार की खरीद पुलिस जांच का अहम हिस्सा बन गई है। यदि नाबालिग ने वास्तव में अपने 18 वर्षीय दोस्त के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर कार खरीदी थी तो यह पता लगाया जाएगा कि दस्तावेज किस उद्देश्य से और किसकी जानकारी में दिए गए थे। प्रणव गवहाने ने कथित तौर पर किस स्तर तक खरीद में मदद की, इसकी भी जांच की जा रही है।
वहीं नाबालिग के पास वाहन चलाने की कानूनी अनुमति नहीं होने के बावजूद उसे कार उपलब्ध कराने के आरोप को भी पुलिस गंभीरता से देख रही है। मामले से जुड़े लोगों के बयान और वाहन के दस्तावेज जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
हादसे में किशोर के गंभीर रूप से घायल होने के कारण पुलिस घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं को जोड़ रही है। कार की खरीद से लेकर दुर्घटना तक की पूरी कड़ी की जांच की जा रही है। वाहन के स्वामित्व और खरीद से जुड़े रिकॉर्ड से यह स्पष्ट हो सकता है कि होंडा सिटी कार वास्तव में किसके नाम पर खरीदी गई थी।
फिलहाल CBD पुलिस ने 18 वर्षीय युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कार खरीदने और नाबालिग को वाहन चलाने देने में किसकी कितनी भूमिका थी। प्रणव गवहाने पर लगे आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही मामले में अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
इस घटना ने एक बार फिर नाबालिगों के वाहन चलाने से जुड़े खतरे को सामने रखा है। यहां कार अनियंत्रित होकर पहाड़ी से करीब 70 फीट नीचे रेलवे ट्रैक तक जा पहुंची और किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। अब पुलिस दुर्घटना के साथ-साथ कार खरीदने के पूरे लेन-देन की भी जांच कर रही है।





