महाराष्ट्र

नासिक में बिजनेसमैन के परिवार को ₹2 करोड़ की रंगदारी की धमकी

Kavita2
23 Aug 2026 2:01 PM IST
नासिक में बिजनेसमैन के परिवार को ₹2 करोड़ की रंगदारी की धमकी
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नासिक। महाराष्ट्र के नासिक में एक कारोबारी के परिवार को कथित तौर पर कुख्यात बिश्नोई गैंग के नाम का इस्तेमाल कर रंगदारी मांगने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, एक व्यक्ति ने कारोबारी के परिवार से संपर्क कर कथित तौर पर दो करोड़ रुपये की मांग की। रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दिए जाने की बात सामने आई है। घटना के बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि धमकी देने वाला व्यक्ति वास्तव में किसी आपराधिक गिरोह से जुड़ा है या उसने कारोबारी परिवार को डराकर पैसे ऐंठने के लिए बिश्नोई गैंग के नाम का इस्तेमाल किया। जांच एजेंसियां धमकी देने के लिए इस्तेमाल किए गए फोन नंबर और कॉल से संबंधित तकनीकी जानकारी जुटाने में लगी हैं।

दो करोड़ रुपये की कथित मांग

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी ने कारोबारी के परिवार से संपर्क कर खुद को बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया। इसके बाद कथित तौर पर परिवार से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। रकम नहीं देने की स्थिति में गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।

अचानक आई इस धमकी से कारोबारी परिवार में चिंता का माहौल बन गया। परिवार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने धमकी भरे कॉल की जांच शुरू कर दी है।

हालांकि, अभी तक पुलिस की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि धमकी देने वाला व्यक्ति वास्तव में किसी संगठित आपराधिक गिरोह का सदस्य है या नहीं। इसी बिंदु को जांच का प्रमुख हिस्सा बनाया गया है।

गैंग के नाम का दुरुपयोग तो नहीं?

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि धमकी देने वाले व्यक्ति का बिश्नोई गैंग से वास्तव में कोई संबंध है या उसने गैंग के नाम का इस्तेमाल केवल भय पैदा करने के लिए किया। आपराधिक मामलों में कई बार बदमाश किसी चर्चित गिरोह या अपराधी का नाम लेकर लोगों को डराने और उनसे पैसे वसूलने का प्रयास करते हैं।

इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए जांच अधिकारी धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान और उसके संभावित आपराधिक संपर्कों की जानकारी जुटा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने कारोबारी परिवार को ही निशाना क्यों बनाया और क्या परिवार के संबंध में पहले से कोई जानकारी उसके पास थी।

फोन नंबर और तकनीकी साक्ष्यों की जांच

पुलिस ने धमकी देने के लिए इस्तेमाल किए गए फोन नंबर की जांच शुरू कर दी है। जांचकर्ता कॉल रिकॉर्ड, तकनीकी जानकारी और नंबर से जुड़े अन्य विवरणों का विश्लेषण कर रहे हैं। इसके अलावा कॉल की अवधि, बातचीत के दौरान दी गई जानकारी और आरोपी द्वारा परिवार के संबंध में बताई गई बातों की भी जांच की जा सकती है।

पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कॉलर की संभावित लोकेशन और पहचान तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि इस्तेमाल किया गया मोबाइल नंबर किसके नाम पर पंजीकृत है और क्या वह व्यक्ति स्वयं धमकी देने में शामिल है या किसी अन्य तरीके से उसके नाम का इस्तेमाल किया गया।

कारोबारी परिवार में बढ़ी चिंता

धमकी के बाद कारोबारी परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। कथित तौर पर बड़ी रकम की मांग और गंभीर परिणाम की चेतावनी मिलने के बाद परिवार ने पुलिस का रुख किया। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए उपलब्ध तथ्यों और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकती हैं कि परिवार को पहले कभी इस तरह की धमकी मिली थी या नहीं। इसके साथ ही परिवार के किसी सदस्य से संपर्क करने या कारोबारी गतिविधियों के बारे में जानकारी हासिल करने का कोई प्रयास पहले हुआ था या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी सच्चाई

फिलहाल पुलिस के सामने दो प्रमुख संभावनाएं हैं। पहली यह कि धमकी देने वाला व्यक्ति किसी आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। दूसरी संभावना यह है कि आरोपी ने केवल बिश्नोई गैंग का नाम लेकर परिवार को डराने की कोशिश की हो। दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के लिए आरोपी की वास्तविक पहचान और उसके मकसद का पता लगाना प्राथमिकता है। इसके लिए तकनीकी जांच के साथ अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का भी सहारा लिया जा रहा है।

पुलिस यह भी जांच करेगी कि कथित धमकी का कोई संबंध किसी पुराने विवाद, कारोबारी लेनदेन या अन्य व्यक्तिगत कारण से तो नहीं है। यदि जांच में संगठित अपराध से जुड़े किसी नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

रंगदारी के मामलों में सतर्कता जरूरी

कारोबारी और बड़े आर्थिक लेनदेन से जुड़े लोगों को अक्सर साइबर और आपराधिक गिरोहों के नाम पर धमकी देने की घटनाओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में पुलिस को तत्काल सूचना देना महत्वपूर्ण माना जाता है। किसी भी धमकी के बाद आरोपी से सीधे बातचीत करने या अपनी ओर से कोई कदम उठाने के बजाय पुलिस को पूरी जानकारी देना जांच में मददगार हो सकता है।

नासिक के इस मामले में भी परिवार ने पुलिस से संपर्क किया है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि दो करोड़ रुपये की कथित मांग के पीछे वास्तव में कौन है और बिश्नोई गैंग का नाम किस उद्देश्य से इस्तेमाल किया गया।

फिलहाल पुलिस फोन नंबर, कॉल रिकॉर्ड, तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्ध की पहचान से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में आरोपी की वास्तविक पहचान सामने आने और धमकी की सच्चाई स्पष्ट होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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