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नवी मुंबई: महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित खारघर के प्रसिद्ध पांडवकड़ा वॉटरफॉल में हुए दर्दनाक हादसों के बाद चार दिनों तक चले बड़े खोज एवं बचाव अभियान का मंगलवार को समापन हो गया। रेस्क्यू टीम ने तेज बहाव में लापता हुए दूसरे युवक का शव बरामद कर लिया। इसके साथ ही लगातार चार दिनों से चल रहा व्यापक सर्च ऑपरेशन समाप्त हो गया। लगातार दो दिनों में हुई अलग-अलग घटनाओं ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया और एक बार फिर मानसून के दौरान झरनों और नदी-नालों के पास जाने के खतरे को उजागर कर दिया।
अधिकारियों के अनुसार, पहली घटना 3 जुलाई (शुक्रवार) को हुई थी। तलोजा फेज-1 स्थित जनता गैराज के पास सागर विहार बिल्डिंग में रहने वाले 20 वर्षीय मोहम्मद मोबाशिर मोहम्मद शाहिद अपने दोस्तों के साथ पांडवकड़ा वॉटरफॉल घूमने पहुंचे थे। बारिश के कारण झरने का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ था और पानी का बहाव अत्यधिक तेज था।
तेज बहाव में बह गया युवक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वॉटरफॉल के पास घूमने के दौरान मोहम्मद मोबाशिर अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गए। उनके साथ मौजूद दोस्तों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि वे कुछ ही क्षणों में आंखों से ओझल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन टीम और अन्य बचाव एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया, लेकिन खराब मौसम, तेज बहाव और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण शुरुआती घंटों में सफलता नहीं मिल सकी।
तलाश के बीच हुआ दूसरा हादसा
पहले युवक की तलाश जारी ही थी कि अगले ही दिन यानी 4 जुलाई (शनिवार) को उसी वॉटरफॉल पर एक और हादसा हो गया।
जानकारी के अनुसार, 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा शेनन गैसपर किनी, जो मुंबई के सांताक्रूज़ क्षेत्र की रहने वाली थीं, अपने दोस्तों के साथ पांडवकड़ा वॉटरफॉल घूमने आई थीं। इसी दौरान वह भी तेज बहाव की चपेट में आ गईं और पानी में बह गईं।
इस दूसरी घटना के बाद बचाव एजेंसियों के सामने चुनौती और बढ़ गई। रेस्क्यू टीम को एक साथ दो अलग-अलग लापता लोगों की तलाश करनी पड़ी। इसके लिए खोज अभियान का दायरा भी बढ़ाया गया।
चार दिन तक चला सर्च ऑपरेशन
लगातार बारिश और तेज बहाव के बावजूद रेस्क्यू टीम ने चार दिनों तक अभियान जारी रखा। इस दौरान पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन दल, स्थानीय प्रशासन और प्रशिक्षित गोताखोरों ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाया।
बचाव दल ने नदी के बहाव वाले क्षेत्रों, चट्टानों के आसपास, झाड़ियों और निचले इलाकों में व्यापक खोजबीन की। कई स्थानों पर नावों और विशेष उपकरणों की भी मदद ली गई। ड्रोन और अन्य तकनीकी साधनों का उपयोग कर संभावित स्थानों की निगरानी की गई।
मंगलवार को अभियान के दौरान रेस्क्यू टीम को दूसरे लापता युवक का शव बरामद हुआ। इसके बाद चार दिनों से चल रहा खोज अभियान समाप्त कर दिया गया।
बारिश के मौसम में बढ़ जाता है खतरा
पांडवकड़ा वॉटरफॉल मानसून के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है। हालांकि भारी बारिश के समय यहां पानी का बहाव अचानक बहुत तेज हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार लोग चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा निर्देशों की अनदेखी कर झरनों के बेहद करीब चले जाते हैं या पानी में उतरने का प्रयास करते हैं। ऐसे में तेज बहाव उन्हें अपनी चपेट में ले लेता है।
प्रशासन की अपील
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मानसून के दौरान झरनों, नदियों और जलाशयों के आसपास विशेष सावधानी बरतें। यदि किसी स्थान पर प्रवेश प्रतिबंधित किया गया हो या चेतावनी जारी की गई हो तो उसका पूरी तरह पालन करें।
अधिकारियों ने कहा कि तेज बारिश के दौरान जलस्तर कुछ ही मिनटों में अचानक बढ़ सकता है, जिससे जान का खतरा पैदा हो जाता है। इसलिए रोमांच के लिए किसी भी तरह का जोखिम उठाने से बचना चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्था और सख्त करने की तैयारी
लगातार हो रही ऐसी घटनाओं को देखते हुए प्रशासन पांडवकड़ा वॉटरफॉल और अन्य लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त करने पर विचार कर रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और पर्यटकों की निगरानी बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।
इसके अलावा लोगों को मानसून के दौरान प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर सतर्क रहने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
रेस्क्यू अभियान समाप्त होने के बाद प्रशासन ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में किसी भी झरने, नदी या तेज बहाव वाले जल स्रोत के पास जाने से पहले सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
पांडवकड़ा वॉटरफॉल में लगातार दो दिनों में हुए इन दर्दनाक हादसों ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया है। यह घटनाएं मानसून पर्यटन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने और प्राकृतिक जल स्रोतों के आसपास अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता की एक गंभीर याद दिलाती हैं।





