महाराष्ट्र

टीकाकरण और सुरक्षित प्रसव के लिए धार्मिक नेताओं का सहयोग लेगा BNCMC

Kavita2
11 Sept 2026 5:57 PM IST
टीकाकरण और सुरक्षित प्रसव के लिए धार्मिक नेताओं का सहयोग लेगा BNCMC
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भिवंडी : भिवंडी-निजामपुर सिटी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएनसीएमसी) ने शहर में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं और साफ-सफाई की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए समुदाय आधारित पहल शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत बच्चों के नियमित टीकाकरण को बढ़ावा देने, असुरक्षित घरेलू प्रसव को रोकने और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए धार्मिक नेताओं, डॉक्टरों तथा समुदाय के प्रभावशाली व्यक्तियों का सहयोग लिया जाएगा। नगर निगम का मानना है कि धार्मिक और सामाजिक नेतृत्व के माध्यम से उन परिवारों तक प्रभावी तरीके से पहुंचा जा सकता है, जो सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं।

म्युनिसिपल कमिश्नर अनमोल सागर की देखरेख में इस संबंध में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न समुदायों के धार्मिक नेताओं, चिकित्सकों, स्वास्थ्य अधिकारियों और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान शहर की प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों पर चर्चा की गई। खास तौर पर ऐसे परिवारों तक पहुंचने की रणनीति बनाने पर जोर दिया गया, जो बच्चों का टीकाकरण कराने से हिचकिचाते हैं या प्रसव के लिए अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र के बजाय घर को प्राथमिकता देते हैं।

अधिकारियों ने बैठक में बताया कि बच्चों को समय पर टीके लगवाना उन्हें कई गंभीर और जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए जरूरी है। इसके बावजूद जागरूकता की कमी, भ्रम, अफवाहों और सामाजिक आशंकाओं के कारण कुछ अभिभावक अपने बच्चों का नियमित टीकाकरण नहीं कराते। ऐसे मामलों में स्वास्थ्य कर्मचारियों की सलाह के बावजूद परिवारों को समझाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। नगर निगम अब धार्मिक नेताओं और स्थानीय प्रभावशाली लोगों की मदद से इन आशंकाओं को दूर करने का प्रयास करेगा।

बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि धार्मिक स्थल केवल आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि वे बड़ी संख्या में लोगों तक सामाजिक संदेश पहुंचाने के प्रभावी माध्यम भी हैं। धार्मिक नेता अपने प्रवचनों, सभाओं और सामुदायिक बैठकों में टीकाकरण की आवश्यकता तथा सुरक्षित प्रसव के महत्व के बारे में लोगों को जानकारी दे सकते हैं। समाज में उनकी स्वीकार्यता और प्रभाव को देखते हुए नगर निगम को उम्मीद है कि उनकी अपील से स्वास्थ्य कार्यक्रमों में लोगों की भागीदारी बढ़ेगी।

असुरक्षित होम डिलीवरी का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठाया गया। अधिकारियों और चिकित्सकों ने बताया कि बिना प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी और पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं के घर पर प्रसव कराने से मां तथा नवजात शिशु दोनों के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है। अचानक अधिक रक्तस्राव, संक्रमण या दूसरी चिकित्सकीय जटिलता पैदा होने पर समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो जाता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों और मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव कराने के लिए प्रेरित करना आवश्यक है।

नगर निगम की योजना के अनुसार, गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को संस्थागत प्रसव के लाभ समझाने में डॉक्टरों, आशा कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कर्मचारियों तथा समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच समन्वय बढ़ाया जाएगा। धार्मिक और सामाजिक नेताओं से आग्रह किया जाएगा कि वे परिवारों को चिकित्सकीय सलाह मानने और प्रसव से पहले आवश्यक जांच कराने के लिए प्रोत्साहित करें। जरूरत पड़ने पर स्थानीय स्तर पर जागरूकता बैठकें भी आयोजित की जा सकती हैं।

बैठक में सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ शहर की साफ-सफाई की स्थिति पर भी विस्तार से विचार किया गया। अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता केवल नगर निगम के कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है। कचरा निर्धारित स्थान पर डालने, आसपास पानी जमा न होने देने और सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। धार्मिक स्थलों तथा सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को कचरा प्रबंधन और व्यक्तिगत स्वच्छता के बारे में जागरूक किया जाएगा।

नगर निगम का प्रयास है कि धार्मिक नेताओं की अपील से लोग सड़कों, नालियों और खुले स्थानों पर कचरा फेंकने से बचें। समुदाय के प्रभावशाली लोग अपने क्षेत्रों में स्वच्छता अभियानों को गति देने के साथ नागरिकों और नगर निगम के बीच संवाद की कड़ी बन सकते हैं। वे स्थानीय समस्याओं की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाने और नगर निगम के संदेशों को आम परिवारों तक ले जाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

विशेष बैठक के दौरान डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों ने सुझाव दिया कि जागरूकता संदेश सरल तथा स्थानीय लोगों की समझ के अनुरूप होने चाहिए। टीकाकरण अथवा अस्पताल में प्रसव को लेकर किसी परिवार के मन में सवाल हो तो उसे डराने या दबाव बनाने के बजाय वैज्ञानिक जानकारी और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे सरकारी स्वास्थ्य तंत्र के प्रति भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी।

बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से संबंधित संदेशों को धार्मिक मंचों और सामुदायिक नेटवर्क के जरिए घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। नगर निगम ने स्पष्ट किया कि इस पहल का उद्देश्य सभी समुदायों को साथ लेकर जनस्वास्थ्य की चुनौतियों का समाधान करना है। यदि धार्मिक नेताओं, डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और नागरिकों के बीच प्रभावी तालमेल बनता है तो बच्चों का टीकाकरण बढ़ाने, सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने और शहर को स्वच्छ बनाने के अभियान को नई गति मिल सकती है।

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