महाराष्ट्र

BMC कमिश्नर अश्विनी भिड़े का कांजुरमार्ग वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट का औचक निरीक्षण

Kavita2
13 May 2026 11:19 AM IST
BMC कमिश्नर अश्विनी भिड़े का कांजुरमार्ग वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट का औचक निरीक्षण
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Maharashtra महाराष्ट्र: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Brihanmumbai Municipal Corporation) की कमिश्नर अश्विनी भिड़े (Ashwini Bhide) ने बुधवार सुबह कांजुरमार्ग स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट का औचक निरीक्षण किया। इस अचानक किए गए दौरे का उद्देश्य साइट पर चल रहे वेस्ट प्रोसेसिंग कार्यों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना और व्यवस्थाओं में सुधार की संभावनाओं की समीक्षा करना था।

करीब 90 मिनट तक चले इस निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने प्लांट के विभिन्न महत्वपूर्ण हिस्सों का दौरा किया और वहां चल रही कचरा प्रसंस्करण (वेस्ट ट्रीटमेंट) प्रक्रिया को करीब से देखा। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर ध्यान दिया कि कचरे के निस्तारण के दौरान बदबू को नियंत्रित करने के लिए कौन-कौन से उपाय अपनाए जा रहे हैं और क्या ये उपाय पर्याप्त प्रभावी हैं या नहीं।

कांजुरमार्ग सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (Kanjurmarg Solid Waste Management Facility) मुंबई के प्रमुख कचरा प्रबंधन केंद्रों में से एक है, जहां शहर से आने वाले बड़े पैमाने पर कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाता है। कमिश्नर ने यहां मौजूद विभिन्न मशीनरी, प्रोसेसिंग यूनिट्स और पर्यावरणीय नियंत्रण प्रणालियों का विस्तृत निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अश्विनी भिड़े ने अधिकारियों से संचालन प्रक्रिया, क्षमता उपयोग और तकनीकी दक्षता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह भी समझा कि किस तरह से गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग प्रोसेसिंग किया जा रहा है और गंध नियंत्रण के लिए कौन सी आधुनिक तकनीकें अपनाई जा रही हैं।

कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे सिस्टम में ऑपरेशनल सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि कचरा प्रसंस्करण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल बन सके। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में आसपास के क्षेत्रों में बदबू या प्रदूषण की समस्या नहीं होनी चाहिए और इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग जरूरी है।

इसके साथ ही उन्होंने वेस्ट मैनेजमेंट की कार्यक्षमता बढ़ाने और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहर की आबादी को देखते हुए कचरा प्रबंधन प्रणाली का मजबूत और आधुनिक होना बेहद आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी तरह की पर्यावरणीय समस्या उत्पन्न न हो।

इस औचक निरीक्षण को प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था सुचारू रूप से काम कर रही है। BMC अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के नियमित निरीक्षण से सिस्टम की कमजोरियों की पहचान कर समय पर सुधार किया जा सकता है।

स्थानीय स्तर पर भी इस निरीक्षण को सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। लोगों का मानना है कि यदि कचरा प्रबंधन प्रणाली को लगातार मॉनिटर किया जाए तो शहर की स्वच्छता और पर्यावरण दोनों में सुधार संभव है।

फिलहाल कमिश्नर के निर्देशों के बाद संबंधित विभागों को सुधार कार्यों की समीक्षा और रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है। आने वाले दिनों में इस प्रोजेक्ट में और तकनीकी सुधार किए जाने की संभावना है।

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