महाराष्ट्र

बीजेपी नेता के तीखे बोल- नो बॉल पर मेरा विकेट...अब दोनों हाथों से बॉलिंग करूंगा....जाने पूरा मामला

jantaserishta.com
5 July 2021 11:26 AM GMT
बीजेपी नेता के तीखे बोल- नो बॉल पर मेरा विकेट...अब दोनों हाथों से बॉलिंग करूंगा....जाने पूरा मामला
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महाराष्ट्र विधानसभा में जबरदस्त हंगामा हुआ है. इस हंगामे के बाद स्पीकर ने बीजेपी के 12 विधायकों को एक साल के लिए निलंबित कर दिया है. बता दें कि आज ही महाराष्ट्र विधानसभा का मॉनसून सत्र शुरू हुआ था.

विधानसभा में कार्यवाहक स्पीकर का पद संभाल रहे भास्कर जाधव ने कहा कि जब सदन को स्थगित किया गया था तो विपक्ष के नेता मेरे कैबिन में आए और नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस और वरिष्ठ बीजेपी नेता चंद्रकात पाटिल के सामने मुझसे बदतमीजी करने लगे.
वहीं विपक्षी नेताओं का आरोप है कि कार्यवाहक स्पीकर ने भी उनके साथ अभद्र व्यवहार किया. स्पीकर ने इस मामले की संसदीय कार्यमंत्री से जांच की मांग की है.
12 विधायकों के निलंबन पर बीजेपी और सदन से निलंबित किए आशीष शेलार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि इस सरकार ने तो तालिबान को भी शर्मिंदा कर दिया है. स्पीकर के चैंबर में शिवसेना के विधायकों द्वारा गाली गलौज किया किया. फिर भी हमने स्पीकर की मर्यादा का ख्याल करते हुए माफी मांग ली. उन्होंने कहा कि शिवसेना के लोगों में मेरा सामना करने की हिम्मत नहीं है. मैं सिर्फ छगन भुजबल द्वारा पीएम मोदी को लेकर कही गई बातों को ठीक करने की कोशिश कर रहा था.
आशीष शेलार ने कहा कि आपने नो बॉल पर मेरा विकेट ले लिया है. मैं मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष रहा हूं अब मैं सदन के बाहर दोनों हाथों से बॉलिंग करूंगा.
बीजेपी विधायकों के निलंबन पर नेता प्रतिपक्ष और पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सरकार ने विधायकों के हंगामे की झूठी कहानी बनाई और हमारे 12 विधायकों को निलंबित कर दिया. फडणवीस ने कहा कि विधायकों की कार्यवाहक स्पीकर से कुछ तीखी बहस हुई थी लेकिन हमारे वरिष्ठ सदस्य आशीष शेलार ने सभी विधायकों की तरफ से कार्यवाहक स्पीकर से माफी मांगी. लेकिन बाद में सरकार ने हमारे विधायकों को सस्पेंड करने की योजना के साथ आई. उन्होंने कहा कि हमारा संघर्ष जारी रहेगा.
बता दें कि सदन में ओबीसी आरक्षण पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया था. विपक्ष का आरोप था कि कार्यवाहक स्पीकर ने विपक्ष को बोलने का पर्याप्त मौका नहीं दिया. इसके बाद विपक्ष ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया.


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