महाराष्ट्र

भिवंडी डंपिंग ग्राउंड से ₹25 लाख का प्रतिबंधित गुटखा JCB से खोदकर निकाला गया

Kavita2
13 April 2026 10:35 AM IST
भिवंडी डंपिंग ग्राउंड से ₹25 लाख का प्रतिबंधित गुटखा JCB से खोदकर निकाला गया
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Maharashtra महाराष्ट्र: ठाणे जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पहले से जब्त और नष्ट किया गया प्रतिबंधित गुटखा कथित तौर पर डंपिंग ग्राउंड से दोबारा खोदकर निकाले जाने का आरोप लगा है। इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और कार्रवाई की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला चाविंद्रा-रामनगर डंपिंग ग्राउंड का है, जहां भिवंडी क्राइम ब्रांच और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की संयुक्त कार्रवाई में लगभग ₹25 लाख मूल्य का प्रतिबंधित गुटखा पहले जब्त किया गया था। इस गुटखे को सोनाले ग्रामीण इलाके में एक बड़े अभियान के दौरान पकड़ा गया था और कोर्ट की अनुमति के बाद इसे 20 से 25 फीट गहरे गड्ढे में दबाकर नष्ट किया गया था।

हालांकि, स्थानीय लोगों और शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, नष्ट करने की प्रक्रिया के कुछ ही घंटों बाद देर रात कुछ अज्ञात लोग मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इन लोगों ने जेसीबी मशीन की मदद से डंपिंग ग्राउंड में दबाए गए गुटखे को फिर से खोदकर बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि बड़ी मात्रा में गुटखा टेंपो में लोड किया गया, जबकि कुछ हिस्सा मौके पर ही मौजूद लोगों द्वारा रोकने की कोशिश के दौरान हटाया गया।

स्थानीय निवासियों ने दावा किया है कि इतनी बड़ी मशीनरी और ऑपरेशन बिना किसी अंदरूनी जानकारी या मिलीभगत के संभव नहीं हो सकता। उनका कहना है कि इस पूरे मामले में किसी संगठित गिरोह या गुटखा माफिया के सक्रिय होने की आशंका है। यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि नगर निगम या संबंधित विभागों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए, क्योंकि इतनी संवेदनशील जगह पर इस तरह की गतिविधि आसानी से नहीं हो सकती।

घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और इस गतिविधि का विरोध किया। इसी दौरान पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, आरोपी गुटखे से भरा एक टेंपो छोड़कर फरार हो चुके थे। इस घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई।

पुलिस ने मौके से टेंपो को जब्त कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। तालुका पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर डंप किए गए गुटखे को दोबारा निकालने के पीछे कौन लोग शामिल थे और उन्हें इस बारे में जानकारी कैसे मिली।

इस बीच, स्थानीय पार्षद रोहिदास वाघमारे और पूर्व पार्षद विकास निकम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने घटनास्थल का दौरा किया और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल चोरी या लापरवाही का नहीं, बल्कि एक सुनियोजित नेटवर्क की ओर इशारा करता है।

फिलहाल प्रशासन और पुलिस की ओर से जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि क्या यह घटना किसी बड़े तस्करी रैकेट का हिस्सा है। इस पूरे मामले ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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