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GST देनदारी निपटाने के नाम पर 7.99 करोड़ की ठगी का आरोप बांद्रा पुलिस ने दर्ज की FIR

मुंबई : बांद्रा पुलिस ने करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में हिरेन उर्फ रोमी भगत और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि आरोपियों ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) की देनदारियों को निपटाने और कानूनी मदद दिलाने के नाम पर एक कंपनी के पूर्व अधिकारी से करीब 7.99 करोड़ रुपये की ठगी की।
पुलिस ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि फिलहाल इस केस में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस अब शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपों से जुड़े दस्तावेजों व लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।
पूर्व कंपनी अधिकारी ने दर्ज कराई शिकायत
मामले की शिकायत 50 वर्षीय अमित टिपनीस ने दर्ज कराई है। अमित दादर ईस्ट के रहने वाले हैं और वह BWW ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड में पूर्व कंट्री मैनेजर रह चुके हैं।
शिकायत के अनुसार, आरोपी हिरेन उर्फ रोमी भगत और उसके साथी आकाश गुप्ता ने कंपनी की GST देनदारियों को लेकर मदद करने का भरोसा दिलाया था।
आरोप है कि दोनों ने कंपनी की बकाया टैक्स देनदारी को कानूनी तरीके से निपटाने और अन्य सहायता उपलब्ध कराने की बात कहकर शिकायतकर्ता का विश्वास हासिल किया।
कोरोना काल में बढ़ी थी कंपनी की परेशानी
FIR में दर्ज शिकायत के अनुसार, वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान BWW ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड का कारोबार प्रभावित हुआ था और बाद में कंपनी का संचालन बंद हो गया था।
शिकायतकर्ता ने बताया कि कारोबार बंद होने के बाद कंपनी पर करीब 11 करोड़ रुपये की देनदारियां आ गई थीं। इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने GST से जुड़े मामलों को सुलझाने के नाम पर संपर्क किया।
सहायता के नाम पर लिए गए पैसे
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने GST बकाया और अन्य कानूनी मामलों को निपटाने के लिए पैसे की मांग की। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अलग-अलग समय पर आरोपियों को रकम दी।
आरोप है कि कुल मिलाकर करीब 7.99 करोड़ रुपये आरोपियों को दिए गए। लेकिन बाद में न तो GST से जुड़ी समस्याओं का समाधान हुआ और न ही रकम वापस की गई।
भरोसा जीतकर किया गया कथित फर्जीवाड़ा
पुलिस के अनुसार, मामले में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने पहले कानूनी और टैक्स मामलों में मदद करने का भरोसा दिलाया और फिर पैसे हासिल किए।
शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उन्हें धोखाधड़ी का एहसास हुआ तो उन्होंने आरोपियों से संपर्क कर रकम वापस मांगी, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
पुलिस ने शुरू की जांच
FIR दर्ज होने के बाद बांद्रा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपियों की भूमिका, पैसों के लेनदेन और दस्तावेजों की जांच कर रही है।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों ने रकम का इस्तेमाल कहां किया और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
वित्तीय दस्तावेजों की होगी जांच
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में बैंक ट्रांजैक्शन, कंपनी रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
इसके अलावा शिकायतकर्ता और आरोपियों के बीच हुई बातचीत व अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।
गिरफ्तारी पर पुलिस ने नहीं की पुष्टि
बांद्रा पुलिस ने बताया कि मामले में अभी तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। जांच पूरी होने और पर्याप्त सबूत मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
बड़े वित्तीय धोखाधड़ी मामलों पर बढ़ी निगरानी
मुंबई में टैक्स, निवेश और कानूनी सहायता के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी के कई मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में पुलिस लोगों से सतर्क रहने और किसी भी वित्तीय लेनदेन से पहले पूरी जांच करने की अपील करती है।
फिलहाल बांद्रा पुलिस इस 7.99 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी मामले में जांच आगे बढ़ा रही है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और खुलासे होने की संभावना है।





