महाराष्ट्र

नागपुर में त्योहारों पर हाई-पावर साउंड सिस्टम और लेजर लाइट पर रोक

Kavita2
4 Sept 2026 10:59 AM IST
नागपुर में त्योहारों पर हाई-पावर साउंड सिस्टम और लेजर लाइट पर रोक
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नागपुर। आने वाले त्योहारों के मौसम को देखते हुए नागपुर पुलिस ने शहर में सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने हाई-पावर और मॉडिफाइड साउंड सिस्टम, तेज बीम लाइट और लेजर लाइट के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत जारी किया गया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह प्रतिबंध 4 सितंबर से लागू हो गया है और 1 नवंबर की रात 11:59 बजे तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं, जिनमें तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम और लेजर लाइट का इस्तेमाल किया जाता है। इससे आम लोगों को परेशानी के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी खतरे भी पैदा हो सकते हैं।

नागपुर पुलिस कमिश्नर विश्वास नांगरे पाटिल ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। पुलिस का कहना है कि त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।

हाई-पावर साउंड सिस्टम पर क्यों लगी रोक

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम से ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

इसके अलावा, कई बार मॉडिफाइड साउंड सिस्टम का इस्तेमाल निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज पैदा करने के लिए किया जाता है। इससे कानून व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होने की आशंका रहती है।

इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने ऐसे साउंड सिस्टम के उपयोग पर रोक लगाने का फैसला किया है।

लेजर और बीम लाइट पर भी प्रतिबंध

आदेश में तेज बीम और लेजर लाइट के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है। पुलिस का कहना है कि शक्तिशाली लेजर लाइट कई बार वाहन चालकों और आम लोगों के लिए खतरा बन सकती है।

विशेष रूप से रात के समय तेज रोशनी से वाहन चालकों का ध्यान भटक सकता है, जिससे दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है। सुरक्षा कारणों को देखते हुए पुलिस ने इन पर भी प्रतिबंध लगाया है।

त्योहारों को देखते हुए लिया फैसला

नागपुर में आने वाले दिनों में कई बड़े त्योहार और सार्वजनिक आयोजन होने वाले हैं। इन आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर जुटते हैं।

पुलिस का मानना है कि ऐसे समय में ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था को नियंत्रित करना जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह आदेश किसी विशेष समुदाय या कार्यक्रम को ध्यान में रखकर नहीं बल्कि शहर में कानून व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है।

BNSS की धारा 163 के तहत आदेश

नागपुर पुलिस ने यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत की है। इस धारा के तहत प्रशासन को ऐसी परिस्थितियों में तत्काल आदेश जारी करने का अधिकार होता है, जहां सार्वजनिक शांति और सुरक्षा बनाए रखना जरूरी हो।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

आयोजकों को दिए जाएंगे निर्देश

पुलिस की ओर से त्योहार आयोजकों और कार्यक्रम संचालकों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें। किसी भी कार्यक्रम में साउंड सिस्टम और लाइटिंग का इस्तेमाल निर्धारित मानकों के अनुसार ही किया जाए।

अधिकारियों का कहना है कि आयोजन की अनुमति लेते समय भी सुरक्षा नियमों की जानकारी दी जाएगी।

पुणे में बहस के बीच नागपुर का फैसला

हाई-पावर साउंड सिस्टम और लेजर लाइट को लेकर महाराष्ट्र के अन्य शहरों में भी चर्चा चल रही है। इसी बीच नागपुर पुलिस का यह फैसला सामने आया है।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि त्योहारों के दौरान लोगों की धार्मिक और सामाजिक भावनाओं का सम्मान करते हुए सुरक्षा और शांति बनाए रखना प्राथमिकता है।

नागपुर पुलिस के इस आदेश के बाद अब शहर में त्योहारों के दौरान ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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