महाराष्ट्र

मनोरी बीच के पास फंसे जहाज पर चोरी की कोशिश, जहरीली गैस से चार लोगों की मौत

Kavita2
1 Oct 2026 3:27 PM IST
मनोरी बीच के पास फंसे जहाज पर चोरी की कोशिश, जहरीली गैस से चार लोगों की मौत
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मुंबई। मुंबई के गोराई इलाके में मनोरी बीच के पास पिछले करीब चार महीने से फंसे एक विदेशी झंडे वाले जहाज पर कथित चोरी की कोशिश के दौरान बड़ा हादसा हो गया। पुलिस के अनुसार जहाज के अंदर जहरीली गैस की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई। घटना दो-तीन दिन पहले हुई थी, लेकिन इसका पता बाद में चला। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शुरुआती जांच में सामने आया है कि एक गिरोह पिछले करीब एक महीने से इस जहाज को बार-बार निशाना बना रहा था।

पुलिस के अनुसार यह विदेशी झंडे वाला जहाज तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण लगभग चार महीने पहले मनोरी तट के पास फंस गया था। जहाज लंबे समय से समुद्र में एक ही स्थान पर खड़ा था और उसमें नियमित गतिविधि नहीं हो रही थी। इसी कारण यह कथित चोरी करने वाले लोगों की नजर में आ गया।

जांच में सामने आया है कि कुछ लोग छोटी नाव के जरिए जहाज तक पहुंचे थे। उनका उद्देश्य जहाज के भीतर मौजूद धातु और अन्य कीमती सामान चुराना था। पुलिस को संदेह है कि जहाज के इंजन रूम के आसपास मौजूद तांबे के पाइप और अन्य धातु के सामान को निशाना बनाया जा रहा था।

पुलिस के मुताबिक जहाज के अंदर पाइप काटने के दौरान अचानक जहरीली या दम घोंटने वाली गैस फैल गई। इससे अंदर मौजूद चार लोग उसकी चपेट में आ गए। बंद और सीमित जगह होने के कारण गैस तेजी से जमा हुई और लोगों को बाहर निकलने का पर्याप्त मौका नहीं मिला। प्रारंभिक तौर पर दम घुटने से मौत की आशंका जताई जा रही है। मौत का सही कारण पोस्टमार्टम और तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

घटना के समय जहाज पर कुल सात लोगों के मौजूद होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से चार की मौत हो गई, जबकि बाकी लोग किसी तरह जहाज से बाहर निकलने में सफल रहे। एक व्यक्ति के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस अब घटना के समय मौजूद सभी लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है।

मामले की जानकारी पुलिस को तत्काल नहीं मिली थी। एक जीवित बचे व्यक्ति ने बाद में पुलिस से संपर्क किया और जहाज पर हुए हादसे की जानकारी दी। इसके बाद गोराई पुलिस ने संबंधित एजेंसियों के साथ जहाज तक पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया। जहाज के भीतर इंजन रूम के पास चार शव मिले।

पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि यह जहाज पिछले कुछ समय से चोरी करने वाले गिरोह के निशाने पर था। जहाज पर इससे पहले भी चोरी की कोशिश किए जाने की बात सामने आई है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार गिरोह ने इससे पहले भी जहाज से सामान निकालने का प्रयास किया था।

इसी वजह से पुलिस अब केवल चार लोगों की मौत की जांच नहीं कर रही है, बल्कि पिछले एक महीने में जहाज पर हुई संभावित चोरी की घटनाओं को भी खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अब तक जहाज से क्या-क्या सामान गायब हुआ और इसमें कितने लोग शामिल थे।

जहाज के लंबे समय से फंसे होने के कारण उसकी सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के दायरे में आ गई है। समुद्र में खड़े ऐसे जहाजों में ईंधन, गैस, रसायन और तकनीकी उपकरण मौजूद हो सकते हैं। बिना सुरक्षा उपकरण के जहाज में प्रवेश करना बेहद खतरनाक हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार जहाज के इंजन रूम और बंद हिस्सों में कई तरह की गैसें जमा हो सकती हैं। यदि किसी पाइप को काटा जाए या तकनीकी उपकरण से छेड़छाड़ की जाए तो गैस रिसाव, आग या विस्फोट जैसी स्थिति बन सकती है। इसी वजह से ऐसे जहाजों में बिना अनुमति और सुरक्षा उपकरणों के प्रवेश पर रोक होती है।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि जिस पाइप को काटा गया वह किस सिस्टम से जुड़ा था और उससे कौन-सी गैस निकली। फोरेंसिक टीम और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से जहाज के अंदर की स्थिति का आकलन किया जा सकता है।

मृतकों की पहचान और उनके परिवारों से संपर्क की प्रक्रिया भी की जा रही है। पुलिस उनके मोबाइल फोन, आपसी संपर्क और घटना से पहले की गतिविधियों की जांच कर सकती है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि चोरी की योजना कब और किसने बनाई थी।

जहाज तक पहुंचने के लिए इस्तेमाल की गई नाव के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि यह नाव किसकी थी और क्या इसी नाव का इस्तेमाल पहले भी जहाज तक पहुंचने के लिए किया गया था।

घटना के बाद मनोरी और गोराई इलाके में सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत भी महसूस की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से समुद्र में फंसे जहाज की लगातार निगरानी होनी चाहिए थी। जहाज तक अनधिकृत लोगों की पहुंच रोकने के लिए समुद्री सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी।

इस मामले में पुलिस ने चोरी की कोशिश से जुड़े सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। जिन लोगों के जहाज पर पहले जाने की आशंका है, उनसे पूछताछ की जा सकती है। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि चोरी किए गए सामान को कहां बेचा गया या किसके पास पहुंचाया गया।

चार लोगों की मौत के बाद जहाज की तकनीकी स्थिति की भी समीक्षा की जा रही है। यह देखा जाएगा कि उसमें अभी भी कोई जहरीली गैस, रसायन या अन्य खतरनाक पदार्थ मौजूद तो नहीं है।

फिलहाल पुलिस का प्राथमिक अनुमान यही है कि कथित चोरी की कोशिश के दौरान पाइप काटने से गैस रिसाव हुआ और उसी की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हुई। हालांकि अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम, फोरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही सामने आएगा।

मनोरी बीच के पास हुई इस घटना ने समुद्र में फंसे या परित्यक्त जहाजों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक जहाज का महीनों तक एक ही जगह फंसा रहना और फिर बार-बार चोरी का निशाना बनना गंभीर सुरक्षा चिंता माना जा रहा है।

अब पुलिस की जांच का फोकस चारों मौतों के कारण, जहाज पर मौजूद लोगों की भूमिका और पिछले एक महीने में हुई संभावित चोरी की घटनाओं पर है। आने वाले दिनों में जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं।

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