महाराष्ट्र

Arnala: अतिक्रमण हटाओ अभियान पर विरोध तेज, बेघर हुए परिवारों का प्रदर्शन

Kavita2
20 May 2026 9:58 AM IST
Arnala: अतिक्रमण हटाओ अभियान पर विरोध तेज, बेघर हुए परिवारों का प्रदर्शन
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Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के अरनाला इलाके में राजस्व विभाग द्वारा अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाए गए तोड़फोड़ अभियान के बाद स्थानीय स्तर पर विरोध तेज हो गया है। सोमवार को बड़ी संख्या में नागरिकों ने सड़क पर उतरकर इस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन लाल बावटा (लाल झंडा) पार्टी के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें क्षेत्रीय विधायक राजन नाइक के आवास तक मार्च निकालने की योजना थी।

हालांकि, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने नाला मच्छी मार्केट इलाके के पास ही इस विरोध मार्च को रोक दिया। पुलिस की रोक के बाद प्रदर्शनकारी नाराज हो गए और उन्होंने वहीं सड़क पर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताया।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब राजस्व विभाग ने विरार के अरनाला पश्चिमी क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बने कई घरों और झोपड़ियों को अवैध बताते हुए ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान कई ढांचों को गिरा दिया गया, जिससे कई परिवार बेघर हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई अचानक की गई, जिससे लोग अपने घरों का सामान भी पूरी तरह नहीं बचा पाए।

मॉनसून की शुरुआत से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई ने प्रभावित परिवारों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। बेघर हुए लोगों ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि उनके पुनर्वास की कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई और उन्हें बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के सड़क पर छोड़ दिया गया।

इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। कुछ स्थानीय नागरिकों और लाल बावटा पार्टी के नेताओं का कहना है कि इस अभियान में राजनीतिक दबाव के कारण चुनिंदा घरों को ही निशाना बनाया गया। उनका आरोप है कि सभी अवैध निर्माणों के खिलाफ समान कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि कुछ विशेष परिवारों को ही प्रभावित किया गया।

लाल बावटा पार्टी के नेता शेरू वाघ ने दावा किया कि विधायक राजन नाइक ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे को उठाया था, जिसके बाद राजस्व विभाग ने कार्रवाई शुरू की। हालांकि, उनका कहना है कि कार्रवाई में निष्पक्षता नहीं बरती गई और चयनात्मक तरीके से तोड़फोड़ की गई।

प्रशासन की ओर से कहा गया है कि यह अभियान सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए चलाया गया था और सभी कार्रवाई नियमों के तहत की गई है। वहीं, स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल पुनर्वास की व्यवस्था की जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

कुल मिलाकर, अरनाला का यह अतिक्रमण हटाओ अभियान अब राजनीतिक और सामाजिक विवाद का रूप ले चुका है, जिसमें एक ओर प्रशासनिक कार्रवाई है तो दूसरी ओर बेघर हुए लोगों का आक्रोश और न्याय की मांग।

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