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शिवाजी पार्क से आज ‘जेल भरो आंदोलन’ का ऐलान, CJP के प्रदर्शन से पहले बैरिकेडिंग

Kavita2
2 Oct 2026 10:05 AM IST
शिवाजी पार्क से आज ‘जेल भरो आंदोलन’ का ऐलान, CJP के प्रदर्शन से पहले बैरिकेडिंग
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मुंबई। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शुक्रवार, 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क से ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू करने की घोषणा की है। पार्टी ने यह आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बुलाया है। प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए शिवाजी पार्क और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और बैरिकेडिंग की गई है। मुंबई पुलिस पहले ही इस कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दे चुकी है।

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने गांधी जयंती के दिन आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया था। पार्टी की ओर से शिवाजी पार्क में शाम चार बजे ‘जेल भरो आंदोलन’ आयोजित करने की बात कही गई है। प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस की नजर शिवाजी पार्क और आसपास की गतिविधियों पर बनी हुई है।

इस आंदोलन का केंद्र मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर CJP की ओर से लगाए जा रहे आरोप हैं। पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR समेत चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर कई सवाल उठाए हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है। चुनाव आयोग इन आरोपों से असहमति जताता रहा है और उसका कहना है कि उसकी प्रक्रियाएं कानून और निर्धारित नियमों के तहत संचालित होती हैं।

CJP ने पहले शिवाजी पार्क में सामान्य विरोध-प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी। मुंबई पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद अभिजीत दीपके ने ‘जेल भरो आंदोलन’ की घोषणा की। पुलिस की ओर से शिवाजी पार्क के इस्तेमाल से जुड़े नियमों और कानून-व्यवस्था समेत अन्य कारणों का हवाला दिया गया था।

पार्टी का कहना है कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद उसका विरोध जारी रहेगा। CJP ने अपने समर्थकों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। इसके चलते शुक्रवार को शिवाजी पार्क क्षेत्र में लोगों और कार्यकर्ताओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

शिवाजी पार्क मुंबई के प्रमुख और संवेदनशील सार्वजनिक स्थलों में शामिल है। यहां राजनीतिक सभाओं और बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों का लंबा इतिहास रहा है। ऐसे में बिना अनुमति प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए सतर्क है।

आंदोलन से पहले अभिजीत दीपके ने गुरुवार को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी। इसमें उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपने आरोप दोहराए और कहा कि CJP का आंदोलन केवल मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने गोवा, बेंगलुरु और कोलकाता समेत अन्य शहरों में भी विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बताई।

पार्टी की योजना के अनुसार मुंबई से शुरू होने वाले इस अभियान को आगे देश के अन्य हिस्सों तक ले जाने का प्रयास किया जाएगा। CJP ने अक्टूबर के अंत में दिल्ली के जंतर-मंतर तक आंदोलन ले जाने की बात भी कही है।

शिवाजी पार्क में कार्यक्रम की अनुमति न मिलने के बाद ‘जेल भरो आंदोलन’ की घोषणा को पार्टी ने अपनी वैकल्पिक रणनीति के रूप में पेश किया है। आम तौर पर ‘जेल भरो’ आंदोलन में प्रदर्शनकारी अपनी मांगों के समर्थन में गिरफ्तारी देने की घोषणा करते हैं। हालांकि शुक्रवार को पुलिस किस तरह कार्रवाई करती है, यह मौके की परिस्थितियों और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर निर्भर करेगा।

मुंबई में प्रस्तावित आंदोलन से पहले राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। CJP की मांगों का कुछ विपक्षी नेताओं ने समर्थन किया है, जबकि अन्य राजनीतिक नेताओं ने पार्टी और अभिजीत दीपके की गतिविधियों की आलोचना की है। इन प्रतिक्रियाओं के बीच पुलिस का फोकस कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है।

CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगाए जा रहे आरोपों को अभी पार्टी और उसके समर्थकों के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इन आरोपों पर चुनाव आयोग का पक्ष अलग है। आयोग अपने निर्णयों और मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रियाओं को संस्थागत तथा कानूनी ढांचे के तहत किए जाने की बात कहता है।

इस बीच शिवाजी पार्क के आसपास बैरिकेडिंग होने से यहां आने-जाने वाले लोगों को भी अतिरिक्त पुलिस जांच और यातायात संबंधी बदलावों का सामना करना पड़ सकता है। बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने की स्थिति में आसपास के रास्तों पर दबाव बढ़ सकता है।

आंदोलन को गांधी जयंती के दिन आयोजित किए जाने के कारण भी इस पर विशेष नजर है। पार्टी ने इसे अपने विरोध अभियान की शुरुआत के तौर पर पेश किया है और कहा है कि मांगें पूरी होने तक अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन जारी रहेगा।

इससे एक दिन पहले अभिजीत दीपके को मरीन ड्राइव पर कथित रूप से हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आई थीं। CJP ने इन रिपोर्टों का खंडन किया था। पार्टी का कहना था कि दीपके को हिरासत में नहीं लिया गया था। इस घटनाक्रम ने शुक्रवार के प्रस्तावित आंदोलन से पहले राजनीतिक चर्चा और बढ़ा दी।

फिलहाल शिवाजी पार्क में होने वाले ‘जेल भरो आंदोलन’ के लिए पुलिस की अनुमति नहीं है, लेकिन CJP अपने कार्यक्रम पर कायम है। सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग और पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि कितने समर्थक शिवाजी पार्क पहुंचते हैं और पुलिस बिना अनुमति होने वाले इस प्रदर्शन को लेकर क्या कदम उठाती है।

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