- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- घाटकोपर में बनेगा...
घाटकोपर में बनेगा अण्णाभाऊ साठे स्मारक, 305 करोड़ की परियोजना शुरू

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को मुंबई के घाटकोपर स्थित चिराग नगर में बहुप्रतीक्षित ‘लोकशाहीर अण्णाभाऊ साठे प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान’ (ARTI) और भव्य स्मारक परियोजना की आधारशिला रखी। करीब 305 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जुलाई 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह परियोजना महान समाज सुधारक, लेखक और लोक कवि लोकशाहीर अण्णाभाऊ साठे की विरासत को सम्मान देने के उद्देश्य से विकसित की जा रही है। इसके साथ ही यह संस्थान वंचित और जरूरतमंद समुदायों के युवाओं के लिए शोध, प्रशिक्षण और कौशल विकास का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।
इस परियोजना की शुरुआत मुंबई स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) की ओर से की गई है। अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य केवल एक स्मारक बनाना नहीं है, बल्कि अण्णाभाऊ साठे के विचारों, सामाजिक योगदान और साहित्यिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना भी है।
यह स्मारक घाटकोपर के चिराग नगर में करीब 18,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनाया जा रहा है। परियोजना के लिए क्षेत्र में रहने वाले लगभग 220 परिवारों के पुनर्वास के बाद यह विकास कार्य शुरू किया गया है। पुनर्वास प्रक्रिया पूरी होने के बाद उपलब्ध भूमि पर स्मारक और प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण किया जा रहा है।
प्रस्तावित स्मारक में अण्णाभाऊ साठे की 20 मीटर ऊंची कांस्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इस प्रतिमा को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा, जिसमें लेजर प्रोजेक्शन मैपिंग के माध्यम से उनके जीवन और कार्यों को दर्शाया जाएगा। इसके अलावा, परिसर में छह मीटर ऊंची ‘इंस्पिरेशन वॉल’ (प्रेरणा दीवार) बनाई जाएगी, जिस पर भित्ति चित्रों के माध्यम से उनके संघर्ष और सामाजिक योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा।
परियोजना की एक खास विशेषता यहां आयोजित होने वाला साउंड एंड लाइट शो होगा। इस शो के माध्यम से अण्णाभाऊ साठे के जीवन, साहित्यिक यात्रा और समाज सुधार के क्षेत्र में उनके योगदान को लोगों तक पहुंचाया जाएगा। इससे आने वाली पीढ़ियों को उनके विचारों और कार्यों के बारे में जानकारी मिलेगी।
स्मारक परिसर में अण्णाभाऊ साठे के मूल चिराग नगर स्थित घर को भी संरक्षित किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस घर को उनके वाटेगांव स्थित आवास की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, ताकि लोग उनके जीवन से जुड़े स्थानों और यादों को करीब से समझ सकें।
अण्णाभाऊ साठे महाराष्ट्र के प्रमुख समाज सुधारकों और साहित्यकारों में से एक थे। उन्होंने अपने लेखन और लोक कला के माध्यम से समाज के कमजोर और वंचित वर्गों की आवाज को मजबूती दी। उनके साहित्य में सामाजिक समानता, संघर्ष और आम लोगों के जीवन से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता मिली।
महाराष्ट्र की सांस्कृतिक और सामाजिक परंपरा में अण्णाभाऊ साठे का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने लोकशाहीर के रूप में समाज के विभिन्न वर्गों तक अपने विचार पहुंचाए और सामाजिक बदलाव के लिए काम किया। उनके योगदान को सम्मान देने के लिए लंबे समय से इस तरह के स्मारक और संस्थान की मांग की जा रही थी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आधारशिला कार्यक्रम के दौरान कहा कि यह परियोजना केवल एक स्मारक नहीं होगी, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और शिक्षा का केंद्र बनेगी। इसके माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण और शोध के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
ARTI के माध्यम से वंचित समुदायों के विद्यार्थियों और युवाओं को कौशल विकास, अध्ययन और अनुसंधान के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इससे उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
SRA अधिकारियों के अनुसार, परियोजना में आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ अण्णाभाऊ साठे के विचारों और कार्यों को प्रदर्शित करने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। स्मारक को ऐसा स्वरूप देने की योजना है, जहां लोग इतिहास, संस्कृति और सामाजिक आंदोलन से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकें।
घाटकोपर में बनने वाला यह स्मारक मुंबई के महत्वपूर्ण सांस्कृतिक स्थलों में शामिल होने की उम्मीद है। परियोजना पूरी होने के बाद यह स्थान न केवल अण्णाभाऊ साठे को श्रद्धांजलि देगा, बल्कि सामाजिक अध्ययन और कौशल विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
305 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के जुलाई 2029 तक पूरा होने की संभावना है। सरकार को उम्मीद है कि यह स्मारक अण्णाभाऊ साठे की विचारधारा और सामाजिक संदेश को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण माध्यम साबित होगा।





