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गणेश विसर्जन जुलूस में फंसी एम्बुलेंस, स्ट्रेचर पर सड़क से मरीज को ले जाना पड़ा अस्पताल

पुणे। गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान गुरुवार शाम सदाशिव पेठ में एक अस्पताल तक पहुंचने वाला रास्ता बाधित हो गया। अस्पताल के गेट के पास एक मंडल का डीजे सेटअप और रथ फंस जाने के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा बंद हो गया। इसी दौरान मरीज को लेकर अस्पताल जा रही एक एम्बुलेंस भी भीड़ और जुलूस के बीच फंस गई। एम्बुलेंस अस्पताल तक नहीं पहुंच सकी तो मरीज को बीच रास्ते वाहन से उतारकर स्ट्रेचर पर सड़क के रास्ते अस्पताल तक ले जाना पड़ा।
घटना गुरुवार शाम की है। सदाशिव पेठ इलाके में गणेश विसर्जन के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर मौजूद थे। अलग-अलग गणेश मंडलों के जुलूस निकल रहे थे। इनमें डीजे सिस्टम और रथ भी शामिल थे। भारी भीड़ के कारण पहले से ही सड़कों पर यातायात का दबाव था।
इसी दौरान एक मंडल का डीजे सेटअप और रथ अस्पताल के प्रवेश द्वार के पास फंस गए। सड़क का काफी हिस्सा इनके कारण घिर गया और अस्पताल की ओर जाने वाला रास्ता बाधित हो गया। इससे सामान्य वाहनों के साथ आपातकालीन वाहन के लिए भी आगे बढ़ना मुश्किल हो गया।
बताया जा रहा है कि इसी समय एक मरीज को लेकर एम्बुलेंस अस्पताल की ओर आ रही थी। एम्बुलेंस चालक ने अस्पताल तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन भीड़ से भरे रास्ते पर वाहन आगे नहीं बढ़ सका। आखिरकार एम्बुलेंस को अस्पताल से पहले एक नजदीकी जंक्शन पर ही रोकना पड़ा।
मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाना जरूरी था। ऐसे में एम्बुलेंस के अस्पताल के गेट तक पहुंचने का इंतजार करने के बजाय मरीज को वाहन से बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे स्ट्रेचर पर लिटाकर सड़क के रास्ते अस्पताल तक ले जाया गया।
जुलूस के बीच स्ट्रेचर पर मरीज को अस्पताल ले जाने की स्थिति ने आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता उपलब्ध रखने की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के सड़क पर आने के कारण यातायात प्रभावित होता है, लेकिन अस्पतालों और अन्य आपात सेवाओं तक पहुंचने वाले रास्तों को खुला रखना महत्वपूर्ण होता है।
सदाशिव पेठ में गुरुवार शाम गणेश विसर्जन के कारण भारी भीड़ थी। डीजे सिस्टम और रथों ने सड़क के बड़े हिस्से को घेर रखा था। इससे वाहनों के निकलने के लिए जगह काफी कम बची थी। अस्पताल के गेट के पास भी ऐसी ही स्थिति बनने के कारण मरीज को लेकर आ रही एम्बुलेंस को परेशानी का सामना करना पड़ा।
घटना में मरीज को एम्बुलेंस से स्ट्रेचर पर स्थानांतरित करना पड़ा। इसके बाद अस्पताल तक की शेष दूरी सड़क पर ही तय की गई। भीड़ के बीच मरीज को स्ट्रेचर से अस्पताल तक पहुंचाने में भी परेशानी हुई।
घटना ने त्योहारों के दौरान भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन वाहनों के लिए अलग रास्ता बनाए रखने की जरूरत को सामने लाया है। विशेष रूप से उन इलाकों में अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है, जहां अस्पताल, नर्सिंग होम या अन्य चिकित्सा संस्थान स्थित हैं।
गणेश विसर्जन जैसे बड़े आयोजनों में जुलूस के मार्ग पर हजारों लोगों की मौजूदगी हो सकती है। इसके अलावा डीजे वाहन, रथ और अन्य बड़े वाहन भी जुलूस का हिस्सा होते हैं। ऐसी स्थिति में सड़क पर उपलब्ध जगह कम हो जाती है और यातायात प्रभावित होता है।
सदाशिव पेठ की घटना में समस्या तब और गंभीर हो गई जब अस्पताल का प्रवेश मार्ग ही प्रभावित हो गया। मरीज को लेकर पहुंची एम्बुलेंस के लिए रास्ता नहीं मिलने से वाहन को अस्पताल से पहले ही रोकना पड़ा।
आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस के लिए कुछ मिनट की देरी भी महत्वपूर्ण हो सकती है। इसी कारण आमतौर पर बड़े आयोजनों और जुलूसों के दौरान एम्बुलेंस, दमकल और अन्य आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता खुला रखने की जरूरत होती है।
इस घटना के बाद यह सवाल सामने आया है कि अस्पताल के आसपास जुलूस के दौरान डीजे सेटअप और रथों की आवाजाही किस तरह व्यवस्थित की जाए, जिससे चिकित्सा सेवाओं पर असर न पड़े। अस्पताल के प्रवेश और निकास मार्ग पर किसी प्रकार की रुकावट मरीजों और उनके परिजनों के लिए मुश्किल पैदा कर सकती है।
गुरुवार शाम अस्पताल के पास बनी स्थिति में मरीज को आखिरकार स्ट्रेचर के सहारे अस्पताल पहुंचाया गया। एम्बुलेंस को जंक्शन पर रोककर मरीज को वाहन से बाहर निकालना पड़ा। इसके बाद लोगों के बीच से रास्ता बनाते हुए स्ट्रेचर को अस्पताल तक पहुंचाया गया।
गणेश विसर्जन के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर निकलते हैं। जुलूसों के साथ डीजे और रथ होने से प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में अस्पतालों की ओर जाने वाले मार्गों की पहचान कर उन्हें आपातकालीन वाहनों के लिए खुला रखने की व्यवस्था महत्वपूर्ण हो जाती है।
सदाशिव पेठ में हुई घटना ने इसी आवश्यकता को रेखांकित किया है। जुलूस के दौरान सड़क पर मौजूद लोगों और आयोजन से जुड़े लोगों के साथ यातायात व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियों के बीच समन्वय से ऐसी परिस्थितियों को रोका जा सकता है।
फिलहाल इस घटना में मरीज की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार एम्बुलेंस के अस्पताल तक नहीं पहुंच पाने के बाद मरीज को स्ट्रेचर पर ले जाकर अस्पताल में पहुंचाया गया।
गुरुवार शाम की इस घटना ने बड़े त्योहारों और धार्मिक जुलूसों के दौरान आपातकालीन सेवाओं के लिए निर्बाध रास्ता सुनिश्चित करने की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है। अस्पताल के गेट के पास डीजे सेटअप और रथ फंसने से बनी रुकावट के कारण एम्बुलेंस आगे नहीं बढ़ सकी और मरीज को स्ट्रेचर पर सड़क के रास्ते अस्पताल पहुंचाना पड़ा





