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BKC में फ्रांसीसी महिला से 98 लाख रुपये की कथित हीरा खरीद धोखाधड़ी

मुंबई। मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) पुलिस ने हीरा खरीद के एक मामले में ‘शीतल सॉलिटेयर LLP’ के कानूनी प्रतिनिधि रिमेश शाह के खिलाफ कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि पेरिस की रहने वाली एक फ्रांसीसी महिला के साथ हीरा खरीदने के नाम पर करीब 98 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।
पुलिस के मुताबिक, मामले में शिकायत महिला के कानूनी प्रतिनिधि और अधिवक्ता मंगेश मुकुंद देवकर भोसले के माध्यम से दर्ज कराई गई। FIR में दर्ज आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पर्यटक के तौर पर मुंबई आई थीं महिला
शिकायत के मुताबिक, फ्रांसीसी नागरिक मल्लिका आप्टिसी 8 से 13 अगस्त 2023 के बीच पर्यटक के तौर पर मुंबई आई थीं। मुंबई यात्रा के दौरान उन्होंने हीरा खरीदने की इच्छा जताई थी। इसी सिलसिले में वह बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित भारत डायमंड बोर्स पहुंचीं।
बताया गया है कि महिला ने हीरा खरीदने के लिए वहां स्थित ‘शीतल सॉलिटेयर LLP’ से संपर्क किया। कंपनी के कानूनी प्रतिनिधि के तौर पर रिमेश शाह का नाम शिकायत में सामने आया है।
हीरे की खरीद को लेकर हुआ संपर्क
FIR के अनुसार, महिला ने हीरे की खरीद को लेकर कंपनी के प्रतिनिधियों से बातचीत की। खरीद की प्रक्रिया के दौरान हीरे की कीमत और लेनदेन से संबंधित बातचीत हुई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी प्रक्रिया में उनसे करीब 98 लाख रुपये की रकम ली गई।
बाद में महिला को कथित तौर पर यह जानकारी मिली कि जिस तरीके से लेनदेन हुआ, उसमें धोखाधड़ी की गई है। इसके बाद उन्होंने अपने कानूनी प्रतिनिधि के माध्यम से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
हालांकि, पुलिस जांच के दौरान यह स्पष्ट किया जाएगा कि रकम किस माध्यम से दी गई, हीरे की डिलीवरी के संबंध में क्या हुआ और कथित धोखाधड़ी किस स्तर पर हुई।
कानूनी प्रतिनिधि के जरिए शिकायत
महिला ने मामले में सीधे पुलिस से संपर्क करने के बजाय अपने कानूनी प्रतिनिधि के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। अधिवक्ता मंगेश मुकुंद देवकर भोसले ने शिकायत के आधार पर पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
पुलिस ने शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मामला दर्ज किया है। जांच में लेनदेन से जुड़े दस्तावेज, भुगतान का रिकॉर्ड, हीरे की खरीद से संबंधित कागजात और दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत की जांच की जा सकती है।
करीब 98 लाख रुपये की रकम का आरोप
मामले में सबसे महत्वपूर्ण आरोप करीब 98 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शिकायतकर्ता से कितनी रकम किस चरण में ली गई और उस रकम के बदले उन्हें क्या दिया गया या देने का आश्वासन दिया गया था।
हीरे की खरीद से जुड़े मामलों में कीमत, गुणवत्ता, प्रमाणपत्र और डिलीवरी से संबंधित दस्तावेज महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए जांच एजेंसियां संबंधित दस्तावेजों और लेनदेन के रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर सकती हैं।
भारत डायमंड बोर्स में हुई थी बातचीत
मामले का स्थान भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि शिकायतकर्ता ने मुंबई में हीरा खरीदने के लिए भारत डायमंड बोर्स स्थित कंपनी से संपर्क किया था। BKC स्थित भारत डायमंड बोर्स हीरा कारोबार से जुड़े प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में से एक है।
पर्यटक के तौर पर मुंबई आई महिला द्वारा वहां संपर्क किए जाने के बाद कथित लेनदेन हुआ। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि पूरी प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी।
पुलिस ने शुरू की जांच
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान शिकायतकर्ता के बयान, भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड और हीरा खरीद से संबंधित दस्तावेजों को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा सकता है।
पुलिस संबंधित कंपनी और उसके प्रतिनिधियों से भी पूछताछ कर सकती है। इसके अलावा यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि कथित लेनदेन के दौरान कोई लिखित समझौता हुआ था या नहीं और उसमें हीरे की कीमत, गुणवत्ता तथा डिलीवरी को लेकर क्या शर्तें तय की गई थीं।
पुलिस यह भी जांच करेगी कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि करने वाले पर्याप्त दस्तावेज और अन्य साक्ष्य उपलब्ध हैं या नहीं।
आरोपी पक्ष का रुख जांच के बाद स्पष्ट होगा
फिलहाल मामला पुलिस जांच के शुरुआती चरण में है। रिमेश शाह के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। FIR में दर्ज आरोप अपने आप में दोष सिद्ध नहीं करते हैं।
पुलिस कथित धोखाधड़ी के पूरे घटनाक्रम और रकम के लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच में यह भी स्पष्ट होगा कि महिला को हीरे की डिलीवरी हुई थी या नहीं और कथित रूप से रकम लेने के बाद क्या कार्रवाई की गई।
पर्यटकों के साथ लेनदेन में सतर्कता का सवाल
यह मामला विदेश से आने वाले पर्यटकों और महंगे सामान की खरीदारी से जुड़े लेनदेन में सावधानी के महत्व को भी सामने लाता है। हीरे जैसे महंगे उत्पादों की खरीद में प्रमाणपत्र, भुगतान रिकॉर्ड, विक्रेता की जानकारी और खरीद की शर्तों का स्पष्ट होना जरूरी माना जाता है।
फिलहाल BKC पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि करीब 98 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी कैसे हुई और इसमें आरोपी की क्या भूमिका थी। शिकायत में सामने आए दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की जांच के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।





