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ट्रैफिक कांस्टेबल को BMW से कुचलने की कथित कोशिश, महिला COO की कार जब्त

मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के जुहू इलाके में एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी को कथित तौर पर BMW कार से कुचलने की कोशिश का मामला सामने आया है। मामूली सड़क दुर्घटना के बाद हुए विवाद में एक महिला पर ट्रैफिक कांस्टेबल की ओर कार बढ़ाने का आरोप लगा है। इस मामले में जुहू पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला की BMW कार जब्त कर ली है। इसके साथ ही पुलिस ने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) से महिला का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की है। आरोपी की पहचान जूही मेहता के रूप में हुई है, जो एक डिजिटल मीडिया कंपनी में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) के पद पर कार्यरत हैं। पुलिस के अनुसार, महिला को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। बाद में अंधेरी की मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अदालत ने उन्हें नकद जमानत पर रिहा कर दिया।
𝕄𝕌𝕄𝔹𝔸𝕀 | BMW DRIVER ALLEGEDLY RAMS MULTIPLE VEHICLES IN MUMBAI’S JUHU, REFUSES TO STOP; TRAFFIC COP NARROWLY ESCAPES DANGER | A shocking incident reported from Mumbai’s upscale Juhu area has triggered outrage after a video showing a woman driving a luxury BMW allegedly ramming into multiple vehicles went viral on social media. According to the circulating footage, the BMW allegedly hit a woman’s scooter, a motorcycle and another car before attempting to drive away without stopping. Traffic police personnel reportedly tried to intercept the vehicle by signalling the driver and stepping in front of it. However, the woman allegedly ignored repeated instructions to stop and continued driving, reportedly moving towards a traffic officer who was attempting to halt the car, putting his safety at risk. Bystanders eventually managed to bring the vehicle to a halt and opened its doors. However, instead of cooperating, the woman was seen recording the police personnel and people gathered at the spot, allegedly accusing them of harassment and saying, “This is how they harass us.” The incident has raised serious questions about road safety, accountability and the conduct of motorists who allegedly refuse to follow police instructions. A luxury car does not come with a licence to break the law. No one is above the law — and putting the lives of traffic personnel and innocent road users at risk must be taken seriously. @Santacruz_PS @MTPHereToHelp
— ℝ𝕒𝕛 𝕄𝕒𝕛𝕚 (@Rajmajiofficial) October 31, 2026
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना मुंबई के जुहू इलाके में एक मामूली वाहन टक्कर के बाद हुई। बताया जा रहा है कि सड़क पर दो वाहनों के बीच हल्की टक्कर होने के बाद विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी। इसी दौरान मौके पर मौजूद ट्रैफिक कांस्टेबल ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। आरोप है कि महिला चालक ने पुलिसकर्मी के निर्देशों का पालन करने के बजाय अपनी BMW कार उसकी ओर बढ़ा दी। इस घटना को पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
पुलिस का आरोप है कि महिला ने ट्रैफिक कांस्टेबल को वाहन से कुचलने की कोशिश की। हालांकि, घटना के समय कार की गति, पुलिसकर्मी की स्थिति और घटनाक्रम की अन्य परिस्थितियों का स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले घटना की वास्तविक परिस्थितियों पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जुहू पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। शनिवार को जूही मेहता को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उन्हें अंधेरी स्थित मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद उन्हें नकद जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। जमानत मिलने के बावजूद मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रह सकती है।
पुलिस ने इस मामले में आरोपी की BMW कार भी जब्त कर ली है। वाहन की जब्ती को जांच की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच अधिकारी वाहन की स्थिति, दुर्घटना से संबंधित संभावित साक्ष्यों और घटना के दौरान कार के इस्तेमाल की परिस्थितियों की पड़ताल कर सकते हैं। हालांकि, वाहन की तकनीकी जांच से संबंधित कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इसके अलावा जुहू पुलिस ने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय को आरोपी महिला का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की है। पुलिस का यह कदम सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के उल्लंघन से संबंधित कार्रवाई का हिस्सा बताया जा रहा है। हालांकि, ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने का अंतिम निर्णय संबंधित परिवहन प्राधिकरण निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत करेगा। पुलिस की सिफारिश का अर्थ यह नहीं है कि लाइसेंस तत्काल रद्द कर दिया गया है।
इस मामले ने सड़क पर तैनात यातायात पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। मुंबई जैसे महानगर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन सड़कों पर चलते हैं। यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों को व्यस्त चौराहों और सड़कों पर ड्यूटी करनी पड़ती है। ऐसे में वाहन चालकों की ओर से लापरवाही या आक्रामक व्यवहार पुलिसकर्मियों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
यातायात नियमों के अनुसार, वाहन चालकों के लिए सड़क पर तैनात अधिकृत पुलिसकर्मियों के वैध निर्देशों का पालन करना आवश्यक है। किसी दुर्घटना या विवाद की स्थिति में वाहन रोककर संबंधित अधिकारियों को सहयोग देना चाहिए। सड़क पर हुए मामूली विवाद को हिंसक रूप देना या वाहन का इस्तेमाल किसी व्यक्ति को डराने अथवा नुकसान पहुंचाने के लिए करना गंभीर कानूनी परिणाम पैदा कर सकता है।
कानूनी जानकारों के अनुसार, वाहन से किसी व्यक्ति को जानबूझकर टक्कर मारने की कोशिश के आरोपों में घटना की परिस्थितियों, चालक की मंशा और उपलब्ध साक्ष्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि जांच में किसी व्यक्ति को गंभीर नुकसान पहुंचाने की मंशा से वाहन इस्तेमाल करने के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित आपराधिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, इस मामले में कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं, इसकी पुष्टि उपलब्ध विवरण से नहीं होती।
आरोपी महिला के एक डिजिटल मीडिया कंपनी में वरिष्ठ पद पर कार्यरत होने के कारण भी मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, किसी व्यक्ति का पेशा या सामाजिक पद उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों की सत्यता निर्धारित नहीं करता। मामले में कानूनी जिम्मेदारी का निर्धारण जांच, साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
मुंबई में सड़क सुरक्षा और यातायात अनुशासन लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दे रहे हैं। व्यस्त सड़कों पर वाहनों की अधिक संख्या, पार्किंग की समस्याएं और जल्दबाजी में वाहन चलाने की प्रवृत्ति कई बार दुर्घटनाओं तथा विवादों का कारण बनती है। ऐसे मामलों में पुलिस और नागरिकों के बीच सहयोग बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
सड़क पर मामूली टक्कर होने की स्थिति में वाहन चालकों को शांत रहकर परिस्थितियों का समाधान करना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को चोट लगी हो तो तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध करानी चाहिए। दुर्घटना की सूचना पुलिस को देना और जांच में सहयोग करना भी जरूरी है। विवाद के दौरान वाहन को आक्रामक तरीके से चलाना आसपास मौजूद लोगों की जान के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
जुहू पुलिस की ओर से BMW कार जब्त किए जाने और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश के बाद अब संबंधित परिवहन प्राधिकरण की कार्रवाई पर नजर रहेगी। इसके अलावा पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों से यह स्पष्ट होगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।
फिलहाल आरोपी महिला नकद जमानत पर रिहा हैं। यह मामला अभी आरोप और जांच के स्तर पर है। अदालत द्वारा दोष सिद्ध होने तक उन्हें दोषी नहीं माना जा सकता। पुलिस की आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर मामले की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।





