महाराष्ट्र

कर्ज वसूली के नाम पर किसान से ज्यादती का आरोप

Ratna Netam
27 Oct 2026 9:17 PM IST
कर्ज वसूली के नाम पर किसान से ज्यादती का आरोप
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नांदेड़ : 27 अक्टूबर 2026। महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कर्ज वसूली के लिए कथित तौर पर अगवा किए गए 40 वर्षीय किसान का शव एक निजी फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान चंद्रकांत शिंदे के रूप में हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि किसान ने केवल 10 हजार रुपये का कर्ज लिया था, लेकिन फाइनेंस कंपनी उससे 70 हजार रुपये की मांग कर रही थी। रकम नहीं चुकाने पर कथित तौर पर उसका अपहरण कर बंधक बनाया गया और मारपीट की गई। पुलिस ने हत्या, अपहरण और अवैध रूप से बंधक बनाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
10 हजार के कर्ज के बदले 70 हजार रुपये मांगने का आरोप
मृतक चंद्रकांत शिंदे नांदेड़ जिले की मुदखेड़ तहसील के मालकौठा गांव के निवासी थे। उनके पास लगभग दो एकड़ कृषि भूमि थी।परिजनों के मुताबिक, चंद्रकांत ने अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए एक निजी फाइनेंस कंपनी से 10 हजार रुपये उधार लिए थे।परिवार का आरोप है कि कंपनी के कर्मचारी ब्याज और अन्य रकम जोड़कर 70 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। कर्ज चुकाने को लेकर किसान पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।परिजनों ने आरोप लगाया कि समय पर भुगतान नहीं होने के कारण वसूली एजेंटों ने किसान के साथ जबरदस्ती की।
घर से जबरन ले जाने का आरोप
मृतक की पत्नी ज्योति शिंदे की शिकायत के अनुसार, 22 अक्टूबर को दो व्यक्ति मोटरसाइकिल से गांव पहुंचे और चंद्रकांत को अपने साथ नांदेड़ ले गए।आरोप है कि इसके बाद किसान को फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में बंधक बनाकर रखा गया।परिवार का कहना है कि चंद्रकांत के साथ मारपीट की गई और पैसे चुकाने का दबाव बनाया गया।शनिवार, 24 अक्टूबर को नांदेड़ के चिखलीवाड़ी रोड स्थित केएफ एंटरप्राइजेज के कार्यालय में उनका शव फंदे से लटका मिला।घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
चंद्रकांत की मां सरजाबाई और बेटी रूपाली ने आरोप लगाया है कि फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने पहले किसान के साथ मारपीट की और फिर उसकी हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया, ताकि घटना आत्महत्या जैसी दिखाई दे।परिवार ने पुलिस से निष्पक्ष जांच और सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।हालांकि पुलिस ने अभी मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।परिजनों के आरोपों को ध्यान में रखते हुए पुलिस हत्या के पहलू से भी मामले की जांच कर रही है।
तीन आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
मृतक के परिजनों की शिकायत पर नांदेड़ के वजीराबाद पुलिस थाने में हत्या, अपहरण और अवैध रूप से बंधक बनाने के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है।पुलिस ने जांच के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद पुलिस हिरासत में भेजा गया है।जांच के दौरान फाइनेंस कंपनी से संबंधित दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है।नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक नीलाभ रोहन ने कहा है कि निजी फाइनेंस कंपनियों की ओर से प्रताड़ना झेल रहे किसान पुलिस से शिकायत कर सकते हैं। ऐसी शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एक अन्य व्यक्ति के साथ मारपीट का मामला भी आया सामने
इस घटना के बाद नांदेड़ में कर्ज वसूली से जुड़ा एक अन्य मामला भी सामने आया है।मुदखेड़ के रहने वाले 37 वर्षीय दत्ता किसान गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि आठ हजार रुपये का कर्ज बकाया होने पर 6 अक्टूबर को फाइनेंस कंपनी से जुड़े लोगों ने उनके साथ मारपीट की थी।उनके अनुसार, कर्मचारियों ने उन्हें कार्यालय ले जाकर पीटा और बाद में दूसरी जगह ले जाकर जान से मारने की धमकी दी।इस शिकायत के आधार पर मुदखेड़ पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ अलग मामला दर्ज किया है।पुलिस दोनों घटनाओं की जांच कर रही है।
जबरन कर्ज वसूली को लेकर उठे सवाल
महाराष्ट्र के कई हिस्सों में सूखे और फसल नुकसान के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। ऐसे समय में निजी वित्तीय संस्थाओं की कथित जबरन वसूली को लेकर चिंता बढ़ गई है।राज्य सरकार पहले ही सूखा प्रभावित किसानों से जबरन कर्ज वसूली नहीं करने के निर्देश दे चुकी है।नांदेड़ की इस घटना ने वित्तीय संस्थाओं की वसूली प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।फिलहाल पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चंद्रकांत शिंदे की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इस मामले में किन लोगों की भूमिका थी।पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है।
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