महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में ट्रेन के अंदर युवक से मारपीट का आरोप, महिलाओं से बदसलूकी पर भड़के यात्री

Kavita2
22 Oct 2026 12:38 PM IST
महाराष्ट्र में ट्रेन के अंदर युवक से मारपीट का आरोप, महिलाओं से बदसलूकी पर भड़के यात्री
x

हिंगोली। महाराष्ट्र के हिंगोली रेलवे स्टेशन पर गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब यात्रियों ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों पर एक युवक के साथ मारपीट और महिलाओं से दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। नाराज यात्रियों ने जोधपुर से हैदराबाद की ओर जा रही भगत की कोठी-काचेगुडा एक्सप्रेस को दो घंटे से अधिक समय तक रोक दिया। प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक पर बैठ गए और आरपीएफ जवानों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और यात्रियों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस की ओर से शिकायत की जांच कराने का आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और ट्रेन को आगे रवाना किया गया।

वाशिम रेलवे स्टेशन पार करने के बाद हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, यह घटना गुरुवार तड़के ट्रेन संख्या 17606 भगत की कोठी-काचेगुडा एक्सप्रेस में हुई। ट्रेन जब महाराष्ट्र के वाशिम रेलवे स्टेशन को पार कर चुकी थी, उसी दौरान कुछ यात्रियों और रेलवे सुरक्षा बल के जवानों के बीच विवाद हो गया।

वाशिम रेलवे स्टेशन हिंगोली से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित है। ट्रेन में सवार कुछ यात्री नागपुर में आयोजित दशहरा कार्यक्रम में शामिल होकर अपने घर लौट रहे थे।

ये यात्री डॉ. भीमराव अंबेडकर के अनुयायी बताए जा रहे हैं। उन्होंने नागपुर से लौटने के दौरान अकोला रेलवे स्टेशन से नांदेड़ जाने के लिए ट्रेन पकड़ी थी।

यात्रा के दौरान समूह में शामिल एक किशोर गलती से आरक्षित डिब्बे में प्रवेश कर गया। आरोप है कि इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ और देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई।

आरक्षित कोच में चढ़ने पर युवक से मारपीट का आरोप

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, उनके समूह का एक किशोर गलती से आरक्षित कोच में चढ़ गया था। इसके बाद कुछ यात्रियों ने उसके साथ विवाद शुरू कर दिया।

आरोप है कि विवाद के दौरान कुछ यात्रियों और आरपीएफ जवानों ने किशोर के साथ मारपीट की। इस घटना से उसके साथ यात्रा कर रहे अन्य लोग नाराज हो गए।

समूह के सदस्यों का कहना है कि किशोर के साथ अनुचित व्यवहार किया गया। जब उसके साथ मौजूद महिलाओं ने हस्तक्षेप करने का प्रयास किया तो उनके साथ भी कथित तौर पर धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार किया गया।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि समूह के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट हुई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच की जानी है।

महिलाओं के साथ बदसलूकी पर भड़के यात्री

यात्रियों का आरोप है कि जब महिलाओं ने किशोर को बचाने और विवाद शांत कराने की कोशिश की, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

इस घटना के बाद समूह के यात्रियों में भारी नाराजगी फैल गई। उन्होंने आरपीएफ जवानों के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मियों को संयम से काम लेना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

हालांकि, विवाद किस बात से शुरू हुआ और किस व्यक्ति की क्या भूमिका रही, इसकी स्पष्ट जानकारी जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।

हिंगोली स्टेशन पर रेलवे ट्रैक पर बैठे प्रदर्शनकारी

जब ट्रेन हिंगोली रेलवे स्टेशन पहुंची, तो नाराज यात्री अपने डिब्बों से नीचे उतर गए। इसके बाद उन्होंने स्टेशन परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

देखते ही देखते प्रदर्शनकारी ट्रेन के इंजन के सामने रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। उन्होंने रेलवे सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कथित मारपीट की घटना का विरोध किया।

प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया कि उनकी शिकायत पर कार्रवाई का भरोसा मिलने तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे।

रेलवे ट्रैक पर यात्रियों के बैठ जाने के कारण ट्रेन आगे नहीं बढ़ सकी। इससे एक्सप्रेस का संचालन बाधित हो गया और ट्रेन में सवार अन्य यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

दो घंटे से अधिक समय तक रुकी रही एक्सप्रेस

हिंगोली रेलवे स्टेशन पर हुए प्रदर्शन के चलते भगत की कोठी-काचेगुडा एक्सप्रेस दो घंटे से अधिक समय तक रुकी रही।

ट्रेन के अचानक रुकने से अपने गंतव्य तक पहुंचने वाले यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई। इस दौरान स्टेशन पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

रेलवे स्टेशन पर मौजूद लोगों और यात्रियों के बीच घटना को लेकर चर्चा होती रही। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि उनके साथ हुए कथित दुर्व्यवहार को गंभीरता से लिया जाए।

इस बीच घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की।

पुलिस के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन

हंगामे की सूचना मिलते ही हिंगोली शहर पुलिस रेलवे स्टेशन पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे यात्रियों से बातचीत की और उनकी शिकायत सुनी।

अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि युवक के साथ कथित मारपीट और महिलाओं से दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच की जाएगी।

पुलिस के आश्वासन के बाद यात्रियों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इसके बाद रेलवे ट्रैक खाली कराया गया और ट्रेन को आगे की यात्रा के लिए रवाना किया गया।

अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन समाप्त होने के बाद स्थिति सामान्य हो गई। हालांकि, शिकायत से जुड़े आरोपों की जांच का विषय अभी बाकी है।

आरपीएफ जवानों की भूमिका पर उठे सवाल

इस घटना ने रेलवे सुरक्षा बल के जवानों के व्यवहार और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

आरपीएफ की मुख्य जिम्मेदारियों में रेलवे संपत्ति की सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने में सहयोग करना शामिल है।

रेलवे नियमों के अनुसार, आरक्षित डिब्बों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए निर्धारित व्यवस्था का पालन करना आवश्यक है। लेकिन किसी भी नियम के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही होनी चाहिए।

यात्रियों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति गलती से आरक्षित कोच में प्रवेश करता है, तो उसे नियमों की जानकारी देकर उचित कार्रवाई की जा सकती है। ऐसी स्थिति में कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप गंभीर हैं।

निष्पक्ष जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई

हिंगोली रेलवे स्टेशन की घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि ट्रेन के भीतर विवाद वास्तव में कैसे शुरू हुआ और किन परिस्थितियों में मामला कथित मारपीट तक पहुंच गया।

पुलिस जांच के दौरान संबंधित यात्रियों, आरपीएफ जवानों और अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान महत्वपूर्ण होंगे। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट किया जा सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

फिलहाल किसी आरपीएफ जवान के खिलाफ निलंबन या गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

इस पूरे मामले में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को उनकी शिकायत की जांच का आश्वासन दिया है। अब यात्रियों की निगाहें जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

Next Story