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मुंबई। महाराष्ट्र के मुंबई स्थित घाटकोपर इलाके में बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) के एक स्कूल में मिड-डे मील को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गुरुवार को स्कूल में छात्रों को परोसे गए भोजन में कथित तौर पर कांच के छोटे टुकड़े मिलने का मामला सामने आया। घटना के बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत सतर्कता बरती और छात्रों को खाना खाने से रोक दिया। अब इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना घाटकोपर के पंतनगर अपर प्राइमरी हिंदी स्कूल में हुई। बताया जा रहा है कि मिड-डे मील खाते समय एक छात्र को अपने दांतों के बीच किसी कठोर वस्तु का अहसास हुआ। जब उसने ध्यान से देखा तो कथित तौर पर वह कांच का छोटा टुकड़ा था। छात्र की शिकायत के बाद स्कूल के शिक्षकों ने तुरंत कार्रवाई की और सभी बच्चों को भोजन करना बंद करने के निर्देश दिए।
घटना के बाद स्कूल परिसर में कुछ समय के लिए चिंता का माहौल बन गया। शिक्षकों ने एहतियात के तौर पर छात्रों को आगे भोजन न करने दिया, ताकि किसी अन्य बच्चे को नुकसान न पहुंचे। स्कूल प्रशासन ने तुरंत संबंधित अधिकारियों को मामले की जानकारी दी और भोजन की गुणवत्ता की जांच की मांग की।
मिड-डे मील योजना के तहत सरकारी और नगर निगम स्कूलों में छात्रों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना का उद्देश्य बच्चों को बेहतर पोषण देना और स्कूलों में उनकी उपस्थिति बढ़ाना है। ऐसे में भोजन में किसी बाहरी वस्तु के मिलने की शिकायत सामने आने से खाद्य सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
घटना के बाद अभिभावकों में भी चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि स्कूलों में बच्चों को दिया जाने वाला भोजन पूरी तरह सुरक्षित और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होना चाहिए। अभिभावकों ने मांग की है कि मामले की गहन जांच की जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
स्कूल से जुड़े लोगों का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिक्षकों ने समय रहते भोजन रोक दिया, जिससे किसी संभावित नुकसान को टाला जा सका। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि भोजन में कथित रूप से कांच का टुकड़ा कैसे पहुंचा।
मामले की जांच के लिए संबंधित विभागों को सूचना दी गई है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि भोजन तैयार करने, पैकिंग और वितरण की प्रक्रिया में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई। जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
बीएमसी स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर पहले भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। प्रशासन की ओर से भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कई नियम और निरीक्षण व्यवस्था लागू की गई है। इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों में बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की नियमित जांच जरूरी है। भोजन बनाने वाली एजेंसियों की निगरानी, साफ-सफाई और पैकेजिंग प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
नगर निगम और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे इस मामले में जल्द रिपोर्ट तैयार करेंगे। यदि जांच में भोजन आपूर्ति करने वाली एजेंसी या किसी अन्य स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उचित कार्रवाई की जा सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के कारण इसकी जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। केवल घटना की जांच ही नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
फिलहाल स्कूल प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। कथित रूप से कांच मिलने की घटना ने मिड-डे मील की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर चर्चा शुरू कर दी है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिससे पता चल सकेगा कि भोजन में कांच का टुकड़ा कैसे पहुंचा और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।





