महाराष्ट्र

अजित पवार के चिरसंस्कार: शव की राख का किया गया रामकुंड गंगा घाट में विसर्जन

SHIDDHANT
2 Feb 2026 10:36 PM IST
अजित पवार के चिरसंस्कार: शव की राख का किया गया रामकुंड गंगा घाट में विसर्जन
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Maharashtra महाराष्ट्र: पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के अंतिम संस्कार के पश्चात उनके चिरसंस्कार के दौरान शव की राख का विसर्जन नाशिक के रामकुंड गंगा घाट में किया गया। यह श्रद्धांजलि उनके अनुयायियों, परिवार और राजनीतिक साथियों के लिए भावपूर्ण क्षण रहा। रविवार को अजित पवार का निधन हुआ, और उनके निधन से राज्य की राजनीतिक और सामाजिक जीवन में शोक की लहर दौड़ गई। नाशिक में आयोजित अंतिम संस्कार और गंगा घाट में विसर्जन कार्यक्रम में उनके परिवार के सदस्य, करीबी मित्र और कई वरिष्ठ राजनेता उपस्थित रहे।
गंगा घाट पर आयोजित इस धार्मिक और पारंपरिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित किए और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। विसर्जन से पहले अंतिम संस्कार के दौरान देशभक्ति और सांस्कृतिक गीतों के माध्यम से उनके जीवन और योगदान को याद किया गया। अजित पवार का राजनीतिक जीवन महाराष्ट्र में विकास और जनहित के कार्यों के लिए जाना जाता था। उन्होंने राज्य के विभिन्न विकास परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन के बाद कई राजनीतिक दलों और नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को सराहा।
रामकुंड गंगा घाट में हुए इस विसर्जन समारोह में स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने भी व्यवस्था सुनिश्चित की। सुरक्षा के उपायों के तहत श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। कार्यक्रम के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य स्वास्थ्य नियमों का पालन किया गया। अजित पवार के निधन के बाद राज्य में शोक की स्थिति रही। उनके समर्थक और राजनीतिक सहयोगियों ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके जीवन और सेवा के महत्व को याद करते हुए, राज्य सरकार और राजनीतिक संगठनों ने उन्हें अंतिम सम्मान देने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की।
इस कार्यक्रम ने केवल एक राजनीतिक नेता को अंतिम विदाई देने का अवसर नहीं दिया, बल्कि उनके व्यक्तित्व, जनसेवा और महाराष्ट्र में उनके योगदान की याद को भी सहेजा। गंगा घाट में विसर्जन की यह परंपरा उनके जीवन और उनके आदर्शों को सम्मान देने की प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति बन गई।
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