महाराष्ट्र

Ajit Pawar बोले, किसी भी गलत काम में पारिवारिक दबाव के बावजूद नहीं करूंगा समर्थन

SHIDDHANT
8 Nov 2025 9:02 PM IST
Ajit Pawar बोले, किसी भी गलत काम में पारिवारिक दबाव के बावजूद नहीं करूंगा समर्थन
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अफवाहों को गंभीरता
Maharashtra महाराष्ट्र। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अपने पुत्र पार्थ पवार को लेकर चल रही अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने प्रशासन को मार्गदर्शन और सलाह देने के अलावा किसी भी तरह के गैरकानूनी या अनैतिक कार्य में किसी भी रिश्तेदार का समर्थन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई परिवार का सदस्य किसी गलत काम में लिप्त होता है, तो भी उन्हें इस मामले में किसी का दबाव स्वीकार नहीं करना चाहिए।
अजित पवार ने पत्रकारों से कहा, “मैंने कल ही प्रशासन को एक सलाह दी थी। उसके बाद यदि मेरे किसी नज़दीकी या दूर के रिश्तेदार से कोई गलत काम, अनियमितता या गलती होती है, और यह आपके संज्ञान में आता है, तो उसमें कोई भी दबाव या निर्देश का पालन करने की जरूरत नहीं है। मुझे किसी के दबाव से डरने की आवश्यकता नहीं है। मैं हमेशा नियमों का पालन करने वाला कार्यकर्ता रहा हूँ, आज भी हूँ और भविष्य में भी रहूँगा। मैं जीवन में कभी भी ऐसे कार्यों का समर्थन नहीं करूंगा; मुझे यह सही नहीं लगता।”
उपमुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि उनका परिवार, चाहे नजदीकी हो या दूर का, किसी भी अवैध या अनैतिक गतिविधि में शामिल नहीं होगा, और अगर ऐसा होता है तो प्रशासन को उचित कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और नियमों का पालन सबसे महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अजित पवार का यह बयान पारिवारिक और राजनीतिक दबाव के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश को दर्शाता है। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि राजनीतिक पद और जिम्मेदारी निभाने वाले किसी भी व्यक्ति को अपने व्यक्तिगत या पारिवारिक हितों से प्रभावित नहीं होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि पारिवारिक संबंधों को लेकर किसी भी तरह की अटकलों या अफवाहों को गंभीरता से लेने की बजाय, नियम और कानून का पालन करना सर्वोपरि है। अजित पवार का यह موقف महाराष्ट्र में राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाने वाले नेताओं के लिए एक मिसाल पेश करता है।
इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि उपमुख्यमंत्री पारिवारिक दबाव के बावजूद किसी भी अनियमित या गलत कार्य का समर्थन नहीं करेंगे और प्रशासनिक मामलों में नियमों और कानून की सर्वोच्चता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।
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