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Mira रोड में बकरीद से पहले बकरियों को लेकर विवाद, सोसाइटी में तनाव बढ़ा

Maharashtra महाराष्ट्र: बकरीद से पहले मुंबई के मीरा रोड इलाके में सोमवार को एक रिहायशी सोसाइटी में बकरियों को रखने को लेकर बड़ा विवाद सामने आया, जिसने देखते ही देखते तनाव का रूप ले लिया। यह घटना पूनम एस्टेट क्लस्टर-1 कॉम्प्लेक्स में हुई, जहां कथित तौर पर करीब 25 बकरियों को परिसर के अंदर लाया गया और एक अस्थायी शेड में रखा गया था।
जानकारी के अनुसार, बकरीद के त्योहार से पहले बकरियों को रखने की यह व्यवस्था सोसाइटी परिसर में की गई थी। इसी दौरान कई निवासियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि बिना किसी आधिकारिक सोसाइटी बैठक या निवासियों की सहमति के यह टेम्पररी शेड बनाया गया, जिससे नियमों का उल्लंघन हुआ है।
विवाद बढ़ने के बाद सोसाइटी के अंदर माहौल तनावपूर्ण हो गया और निवासियों के बीच बहस की स्थिति बन गई। कुछ लोगों ने इसे धार्मिक परंपरा से जुड़ा मामला बताया, जबकि विरोध करने वाले निवासियों का कहना था कि आवासीय परिसर में इस तरह की गतिविधियों से स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उत्पन्न हो सकते हैं।
स्थिति के बिगड़ने की आशंका को देखते हुए स्थानीय स्तर पर माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया, हालांकि किसी बड़े नुकसान या गंभीर हिंसा की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस मुद्दे को लेकर शहर प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि मुंबई की कई हाउसिंग सोसाइटियों में कथित रूप से गैर-कानूनी कुर्बानी की गतिविधियों को लेकर चिंता जताई जा रही है और इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है, क्योंकि बकरीद के करीब आते ही ऐसे विवाद कई जगहों पर सामने आने लगते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के मामलों में स्पष्ट दिशा-निर्देश और नियमों का पालन जरूरी है ताकि सामाजिक तनाव को रोका जा सके।
प्रशासनिक स्तर पर अभी इस मामले की जांच या कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पुलिस और स्थानीय अधिकारी मामले से जुड़े सभी पक्षों से जानकारी जुटा रहे हैं।
कुल मिलाकर, मीरा रोड की यह घटना धार्मिक परंपराओं और आवासीय नियमों के बीच संतुलन की आवश्यकता को उजागर करती है, जहां एक ओर त्योहार की तैयारी चल रही थी, वहीं दूसरी ओर नियमों और सहमति को लेकर विवाद खड़ा हो गया।





