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मुंबई-रॉटरडम के बीच ग्रीन और डिजिटल कॉरिडोर पर हुआ समझौता
SHIDDHANT
28 Oct 2025 8:11 PM IST

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Mumbai मुंबई। भारत और नीदरलैंड के बीच आर्थिक और समुद्री सहयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। दोनों देशों ने ग्रीन और डिजिटल कॉरिडोर (Green and Digital Corridor) के निर्माण के लिए आपसी सहमति जताई है, जो मुंबई से लेकर यूरोप के प्रमुख बंदरगाह रॉटरडम (Rotterdam) तक व्यापार और तकनीकी साझेदारी को नई ऊंचाई देगा। मुंबई में आयोजित एक व्यापारिक सम्मेलन में नीदरलैंड के मंत्री रॉबर्ट टीमान (Robert Tieman) ने कहा, “भारत और नीदरलैंड दोनों जल-प्रधान देश हैं। भौगोलिक रूप से हमारा देश छोटा है, लेकिन हमारे पास जल प्रबंधन, तटीय अवसंरचना और पोर्ट निर्माण में गहरी विशेषज्ञता है। हमने रॉटरडम पोर्ट का हाल ही में पुनर्विकास किया है, और उस अनुभव को भारत के विभिन्न हिस्सों में साझा किया जा सकता है।”
टीमान ने बताया कि भारत के बंदरगाहों को आधुनिक, पर्यावरण-सम्मत और डिजिटल रूप से कनेक्टेड बनाने के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा, “हमारी विशेषज्ञता भारत के विकास के लिए उपयोगी साबित होगी। नीदरलैंड के पास बड़े और टिकाऊ बंदरगाहों के निर्माण की तकनीक है, जिसे भारत की बढ़ती समुद्री अर्थव्यवस्था के साथ जोड़ा जा सकता है। मंत्री ने यह भी बताया कि केंद्रीय पोत, जलमार्ग और बंदरगाह मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और उनके बीच एक Letter of Intent (LoI) पर हस्ताक्षर हुए हैं। इसके तहत दोनों देश ग्रीन पोर्ट डेवलपमेंट, समुद्री लॉजिस्टिक्स के डिजिटलीकरण और सतत ऊर्जा समाधानों पर मिलकर काम करेंगे।
टीमान ने कहा, “हम भारत के साथ मिलकर ऐसे समाधान विकसित करना चाहते हैं जो पर्यावरण के अनुकूल हों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को और अधिक मजबूत बनाएं। मुंबई और रॉटरडम के बीच यह कॉरिडोर सिर्फ व्यापार का नहीं बल्कि हरित ऊर्जा और तकनीकी सहयोग का प्रतीक होगा। इस समझौते के बाद भारत और नीदरलैंड के बीच समुद्री व्यापार, क्लीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और डेटा-आधारित संचालन में निवेश बढ़ने की उम्मीद है। भारत सरकार की ओर से इसे ‘मेक इन इंडिया’ और ‘ब्लू इकॉनमी’ के लक्ष्यों के अनुरूप एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
भारत और नीदरलैंड के बीच पहले से ही जल प्रबंधन, स्मार्ट सिटी और कृषि तकनीक के क्षेत्रों में साझेदारी चल रही है। अब दोनों देश इस सहयोग को समुद्री अवसंरचना और डिजिटल कनेक्टिविटी तक विस्तारित कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस समझौते से भारत को सतत बंदरगाह विकास और समुद्री व्यापार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। वहीं, यूरोप में रॉटरडम को भारत के साथ एक “ग्रीन गेटवे” के रूप में स्थापित किया जा सकेगा। नीदरलैंड के मंत्री ने कहा, “यह सहयोग सिर्फ आर्थिक साझेदारी नहीं, बल्कि एक साझा दृष्टिकोण है — एक ऐसा भविष्य जहां व्यापार, तकनीक और पर्यावरण एक साथ आगे बढ़ें।”
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