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भिवंडी में खतरनाक कोहिनूर अपार्टमेंट पर कार्रवाई तेज, A-विंग खाली कराई गई

भिवंडी। महाराष्ट्र के भिवंडी में कोहिनूर अपार्टमेंट के एक हिस्से के खतरनाक तरीके से गिरने की घटना के बाद नगर प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। भिवंडी-निजामपुर सिटी म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (BNCMC) ने सुरक्षा कारणों को देखते हुए इमारत के बचे हुए A-विंग को भी पूरी तरह खाली करा लिया है। नगर निकाय ने ऐलान किया है कि रविवार को इस असुरक्षित इमारत को गिराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्रशासन ने बताया कि हादसे के बाद पूरी इमारत की सुरक्षा जांच कराई गई थी। जांच में सामने आया कि इमारत का ढांचा कमजोर हो चुका है और यहां रहना लोगों की जान के लिए खतरा बन सकता है। इसी को देखते हुए नगर निगम ने एहतियाती कदम उठाते हुए सभी निवासियों को बाहर निकाल दिया। खाली कराने की प्रक्रिया से पहले इमारत की बिजली और पानी की आपूर्ति भी बंद कर दी गई, ताकि कोई भी व्यक्ति दोबारा अंदर प्रवेश न कर सके।
कोहिनूर अपार्टमेंट का B-विंग पहले ही गिर चुका है। इसके बाद प्रशासन ने बाकी हिस्से को लेकर भी सतर्कता बरती और पूरे रिहायशी परिसर को खाली कराने का फैसला लिया। नगर निगम के अनुसार, दोनों विंग में कुल मिलाकर 98 फ्लैट और आठ व्यावसायिक दुकानें थीं। इमारत खाली होने के बाद करीब 98 परिवारों को रातों-रात अपना घर छोड़ना पड़ा।
अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित परिवारों की सुरक्षा को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जा रही है। नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी व्यक्ति की जान को खतरा न हो और तोड़फोड़ की कार्रवाई के दौरान आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जाए।
BNCMC के अतिक्रमण विभाग के प्रभारी और असिस्टेंट म्युनिसिपल कमिश्नर फैसल तातली ने बताया कि एहतियात के तौर पर पूरी इमारत को खाली कराया गया है। उन्होंने कहा कि इमारत को रहने के लिए असुरक्षित घोषित कर दिया गया है और अब इसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन ने यह फैसला किसी भी संभावित बड़े हादसे को रोकने के उद्देश्य से लिया है।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, रविवार को इमारत गिराने का काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए जरूरी तैयारियां पूरी की जा रही हैं। तोड़फोड़ के दौरान आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। मशीनों और अन्य संसाधनों की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि कार्रवाई सुरक्षित तरीके से पूरी की जा सके।
कोहिनूर अपार्टमेंट की घटना ने भिवंडी में पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। शहर में कई ऐसी इमारतें हैं जो वर्षों पुरानी हैं और जिनकी संरचनात्मक मजबूती पर सवाल उठते रहे हैं। प्रशासन अब ऐसी इमारतों की पहचान और जांच प्रक्रिया को और तेज करने की तैयारी में है।
भिवंडी क्षेत्र में लगातार बढ़ते शहरीकरण और पुरानी इमारतों की संख्या को देखते हुए नगर निगम के सामने जर्जर भवनों की निगरानी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जिन इमारतों को रहने के लिए खतरनाक पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन के कदम का समर्थन किया है। उनका कहना है कि जान-माल की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और यदि कोई इमारत खतरा बन चुकी है तो उसे हटाना जरूरी है। हालांकि, प्रभावित परिवारों ने अपने पुनर्वास और रहने की व्यवस्था को लेकर चिंता भी जताई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों की मदद के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने की बात कही गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पुरानी इमारतों की समय-समय पर जांच और मरम्मत बेहद जरूरी है। यदि समय रहते कमजोर ढांचों की पहचान कर ली जाए तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता है। भिवंडी की घटना ने एक बार फिर भवन सुरक्षा मानकों और नगर निकायों की निगरानी व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित कर दिया है।
फिलहाल BNCMC की टीम इमारत को सुरक्षित तरीके से गिराने की तैयारी में जुटी है। प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। कोहिनूर अपार्टमेंट को हटाने की कार्रवाई के बाद नगर निगम अन्य खतरनाक इमारतों की समीक्षा भी कर सकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।





