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महाराष्ट्र
अबू धाबी पोर्ट्स में 2 अरब डॉलर का समझौता, ब्लू इकॉनमी को बढ़ावा
SHIDDHANT
28 Oct 2025 11:19 PM IST

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Mumbai मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने अबू धाबी पोर्ट्स के साथ एक ऐतिहासिक समझौता (MoU) किया है, जो भारत में इस पोर्ट अथॉरिटी का किसी राज्य सरकार के साथ पहला करार है। यह समझौता राज्य को समुद्री क्षेत्र में वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने और ‘ब्लू इकॉनमी’ के विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस करार के तहत करीब 2 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹16,700 करोड़) के निवेश की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में हुए इस समझौते के दौरान महाराष्ट्र सरकार और अबू धाबी पोर्ट्स ग्रुप के बीच कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने राज्य में जहाज निर्माण, पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और समुद्री उद्योगों में संयुक्त निवेश की रूपरेखा तैयार की है। इसका उद्देश्य न केवल राज्य के बंदरगाहों की क्षमता को बढ़ाना है, बल्कि रोजगार और औद्योगिक अवसरों का भी सृजन करना है।
अबू धाबी पोर्ट्स के अधिकारियों ने कहा कि महाराष्ट्र के पास समुद्री व्यापार के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थिति है, और इस साझेदारी के ज़रिए राज्य में बंदरगाहों और औद्योगिक गलियारों को विश्वस्तरीय सुविधाओं में तब्दील किया जाएगा। इस MoU से महाराष्ट्र की "ब्लू इकॉनमी 2030 विज़न" को नई गति मिलने की उम्मीद है, जिसके तहत समुद्री संसाधनों का सतत उपयोग और तटीय इलाकों का विकास प्राथमिक लक्ष्य है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि यह समझौता महाराष्ट्र को भारत के सबसे बड़े मैरिटाइम हब के रूप में विकसित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार आने वाले वर्षों में समुद्री अर्थव्यवस्था के योगदान को जीडीपी का 20% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। इसके लिए कोकण, मुंबई और रायगढ़ जिलों में नई पोर्ट परियोजनाओं और शिपयार्ड्स की स्थापना की योजना है।
अबू धाबी पोर्ट्स की ओर से बताया गया कि निवेश का एक बड़ा हिस्सा ग्रीन पोर्ट्स, डिजिटल लॉजिस्टिक्स सिस्टम और सस्टेनेबल शिपिंग टेक्नोलॉजी के विकास पर खर्च किया जाएगा। यह पहल अंतरराष्ट्रीय समुद्री मानकों के अनुरूप होगी, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके।राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इस साझेदारी से स्थानीय युवाओं को स्किल डेवलपमेंट और प्रशिक्षण के अवसर भी मिलेंगे। इस परियोजना से सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों नौकरियां सृजित होने की संभावना है। समझौते के बाद विशेषज्ञों का कहना है कि महाराष्ट्र का यह कदम भारत को समुद्री व्यापार के वैश्विक नक्शे पर और सशक्त बनाएगा। इसके साथ ही अबू धाबी पोर्ट्स के सहयोग से राज्य में आधुनिक जहाज निर्माण, बंदरगाह प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नेटवर्किंग का नया दौर शुरू होगा।
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