महाराष्ट्र

मुंबई के सभी बीच का होगा व्यापक सर्वे

Kavita2
23 Aug 2026 9:56 AM IST
मुंबई के सभी बीच का होगा व्यापक सर्वे
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मुंबई। महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) के चेयरमैन सिद्धेश कदम ने मुंबई के सभी समुद्र तटों की सफाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए बीएमसी को व्यापक सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि समुद्र तटों की नियमित और लगातार सफाई के लिए जरूरी मशीनरी, आधुनिक तकनीक और पर्याप्त मैनपावर की तत्काल व्यवस्था की जाए। अधिकारियों को सफाई अभियान को केवल विशेष अवसरों तक सीमित रखने के बजाय इसे नियमित प्रक्रिया के रूप में लागू करने पर जोर दिया गया है।

शुक्रवार को बीएमसी मुख्यालय में समुद्र तटों की सफाई और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को लेकर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में MPCB चेयरमैन सिद्धेश कदम, एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर विपिन शर्मा के साथ MPCB और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान मुंबई के समुद्र तटों पर चल रहे सफाई अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई और सफाई व्यवस्था में सामने आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में मुंबई शहर और उपनगरों के प्रमुख समुद्र तटों की स्थिति पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इनमें जुहू, गोराई, वर्सोवा, दादर समेत अन्य समुद्र तट शामिल रहे। अधिकारियों ने इन क्षेत्रों में जमा होने वाले कचरे, सफाई की आवृत्ति, उपलब्ध संसाधनों और कर्मचारियों की तैनाती से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की। समुद्र के जरिए किनारे पर पहुंचने वाले कचरे को हटाने और समुद्र तटों को साफ रखने के लिए मौजूदा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।

MPCB चेयरमैन ने निर्देश दिया कि मुंबई के सभी समुद्र तटों का एक व्यापक और व्यवस्थित सर्वे किया जाए। सर्वे के दौरान प्रत्येक बीच पर कचरा जमा होने की मात्रा, सफाई की जरूरत, संवेदनशील क्षेत्रों और मौजूदा संसाधनों का आकलन किया जाए। इसके आधार पर अलग-अलग समुद्र तटों के लिए सफाई की प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि समुद्र तटों की सफाई के लिए केवल मानव संसाधन पर निर्भर रहने के बजाय आधुनिक मशीनरी और तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाए। अधिकारियों को जरूरत के मुताबिक सफाई मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। समुद्र तट की भौगोलिक स्थिति और वहां जमा होने वाले कचरे के प्रकार के आधार पर उपयुक्त उपकरणों का इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया।

समुद्र तटों पर सफाई की सबसे बड़ी चुनौतियों में समुद्र के साथ बहकर आने वाला कचरा भी शामिल है। ज्वार-भाटा और समुद्री धाराओं के कारण कई बार सफाई के बाद भी कुछ ही समय में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, थर्माकोल और अन्य कचरा किनारे पर जमा हो जाता है। ऐसे में अधिकारियों से लगातार निगरानी और जरूरत के अनुसार सफाई अभियान चलाने को कहा गया है।

मुंबई के प्रमुख समुद्र तट न केवल पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि बड़ी संख्या में नागरिक और पर्यटक भी यहां पहुंचते हैं। जुहू, दादर, वर्सोवा और गोराई जैसे समुद्र तटों पर सप्ताहांत और छुट्टियों के दौरान लोगों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में यहां स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखना बीएमसी के लिए एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

समीक्षा बैठक में समुद्र तटों पर ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि समुद्र तटों से एकत्र किए गए कचरे का उचित तरीके से संग्रह, पृथक्करण और निपटारा किया जाए। विशेष रूप से प्लास्टिक और अन्य गैर-बायोडिग्रेडेबल कचरे को अलग करने और उसके वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन पर जोर दिया गया।

अधिकारियों को समुद्र तटों की सफाई के दौरान पर्याप्त मैनपावर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। जरूरत के मुताबिक कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने और उनकी तैनाती का प्रभावी शेड्यूल तैयार करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समुद्र तटों पर सफाई अभियान नियमित रूप से चलता रहे और किसी एक हिस्से में कचरा लंबे समय तक जमा न हो।

MPCB और बीएमसी के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बैठक में जोर दिया गया। पर्यावरण से जुड़े मामलों में दोनों विभागों के बीच लगातार संवाद और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत बताई गई। अधिकारियों से समुद्र तटों की स्थिति पर नियमित रिपोर्ट तैयार करने और सफाई अभियान के परिणामों की समीक्षा करते रहने को कहा गया।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि समुद्र तटों की सफाई केवल सौंदर्यीकरण का विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध समुद्री पर्यावरण और जैव विविधता से है। समुद्र में जाने वाला प्लास्टिक और अन्य ठोस कचरा समुद्री जीवों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इसलिए समुद्र तटों से कचरे को समय पर हटाने के साथ-साथ कचरा समुद्र तक पहुंचने से रोकने के उपायों पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।

MPCB चेयरमैन के निर्देशों के बाद बीएमसी अब मुंबई के विभिन्न समुद्र तटों की मौजूदा सफाई व्यवस्था का आकलन कर आवश्यक संसाधनों की पहचान करेगी। सर्वे के आधार पर मशीनरी, तकनीक और कर्मचारियों की जरूरत तय की जाएगी। इसके बाद समुद्र तटों की नियमित सफाई के लिए अधिक प्रभावी व्यवस्था लागू किए जाने की उम्मीद है।

अधिकारियों का मानना है कि व्यापक सर्वे और संसाधनों की बेहतर तैनाती से मुंबई के समुद्र तटों की सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा। साथ ही नियमित निगरानी और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से समुद्री कचरे की समस्या से निपटने में भी मदद मिल सकती है। आने वाले समय में इस अभियान की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।

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