- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- बचपन के दोस्त ने ही कर...
बचपन के दोस्त ने ही कर दी दोस्त की हत्या, पहले कार से मारी टक्कर, फिर डंडे से सिर पर किए वार

छत्रपति संभाजीनगर। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में व्यापारिक वर्चस्व और पुरानी रंजिश को लेकर हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गुरुवार, 22 अक्टूबर की सुबह करीब 10:30 बजे शहर के व्यस्त बजरंग चौक और बलिराम पाटिल चौक के बीच एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपने बचपन के दोस्त की हत्या कर दी। मृतक की पहचान 37 वर्षीय देवेश उर्फ बंटी चंद्रेश दीक्षित के रूप में हुई है, जबकि आरोपी का नाम पवन दिलीप पाराशर बताया गया है। आरोप है कि पवन ने पहले अपनी कार से स्कूटर सवार बंटी को टक्कर मारी और फिर सड़क पर गिरे बंटी के सिर पर डंडे से कई वार किए। इस हमले में बंटी की मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी खुद सिडको पुलिस थाने पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों के बीच कारोबार में दबदबा कायम करने और कुछ महीने पहले हुए विवाद को लेकर रंजिश चल रही थी।
सुबह 10:30 बजे मुख्य सड़क पर हुई वारदात
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह बजरंग चौक और बलिराम पाटिल चौक के बीच सड़क पर लोगों की आवाजाही जारी थी।
इसी दौरान एक कार चालक ने स्कूटर पर जा रहे व्यक्ति को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद स्कूटर सवार सड़क पर गिर पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार, कार चालक यहीं नहीं रुका। उसने वाहन से उतरकर घायल व्यक्ति पर डंडे से हमला कर दिया।
घटना के समय सड़क पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
हमले में गंभीर रूप से घायल बंटी दीक्षित की मौत हो गई।
जिम से लौट रहा था बंटी दीक्षित
बताया जा रहा है कि बंटी दीक्षित गुरुवार सुबह अपनी नियमित दिनचर्या के अनुसार जिम गया था।
जिम से लौटने के बाद वह स्कूटर पर सवार होकर घर की ओर जा रहा था।
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी पवन पाराशर को बंटी की गतिविधियों के बारे में जानकारी थी।
आरोप है कि पवन ने कार से उसका पीछा किया और बजरंग चौक से बलिराम पाटिल चौक की ओर जाने वाले मार्ग पर उसे निशाना बनाया।
मंगेश गैस एजेंसी के सामने कार से स्कूटर को टक्कर मारने की जानकारी सामने आई है।
इस घटनाक्रम से हमले के पहले से योजनाबद्ध होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इसकी अंतिम पुष्टि पुलिस जांच से ही होगी।
कार की टक्कर से दूर जा गिरा स्कूटर
रिपोर्ट के अनुसार, कार की टक्कर इतनी जोरदार थी कि बंटी दीक्षित स्कूटर से उछलकर सड़क पर जा गिरा।
बताया गया है कि उसका दोपहिया वाहन लगभग 200 फीट दूर तक जा पहुंचा।
टक्कर के बाद बंटी गंभीर रूप से घायल हो गया था।
आरोप है कि इसके बावजूद पवन ने उस पर डंडे से हमला जारी रखा।
सिर पर किए गए हमलों के कारण उसकी हालत और बिगड़ गई।
हालांकि, मृत्यु का सटीक चिकित्सकीय कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा।
पुलिस इस बात की भी जांच करेगी कि कार की टक्कर और उसके बाद हुए हमले में कौन-कौन से साक्ष्य उपलब्ध हैं।
बचपन से एक-दूसरे को जानते थे दोनों
इस हत्याकांड की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक और आरोपी बचपन के दोस्त बताए जा रहे हैं।
देवेश उर्फ बंटी दीक्षित और पवन दिलीप पाराशर ने एक ही स्कूल में पढ़ाई की थी।
दोनों लंबे समय तक एक-दूसरे के संपर्क में रहे और बाद में कारोबार से भी जुड़े।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों स्थानीय होटल और बार में सुरक्षा कर्मचारी उपलब्ध कराने का काम साथ मिलकर करते थे।
समय के साथ उनके बीच व्यावसायिक मतभेद पैदा होने लगे।
बताया जा रहा है कि इन्हीं मतभेदों ने धीरे-धीरे गंभीर रंजिश का रूप ले लिया।
व्यापारिक वर्चस्व को लेकर बढ़ा विवाद
पुलिस की शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों के बीच कारोबार में वर्चस्व कायम करने को लेकर तनाव था।
स्थानीय होटल और बार में सुरक्षा कर्मचारियों की व्यवस्था करने के कारोबार से दोनों जुड़े रहे थे।
बताया जा रहा है कि व्यापारिक गतिविधियों में दबदबा बनाने को लेकर उनके बीच कई बार विवाद हुआ था।
कुछ महीने पहले हुए कथित अपमान को भी हत्या के पीछे संभावित कारण बताया जा रहा है।
हालांकि, अपमान की घटना कब और किन परिस्थितियों में हुई थी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
पुलिस जांच में यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि वारदात का प्रमुख कारण कारोबारी विवाद था या इसके पीछे अन्य व्यक्तिगत रंजिश भी मौजूद थी।
मेस और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ा था मृतक
जानकारी के अनुसार, बंटी दीक्षित सिडको के एन-7 इलाके में मेस चलाता था।
इसके अलावा वह अन्य व्यावसायिक और सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़ा हुआ था।
स्थानीय स्तर पर उसकी पहचान एक कारोबारी के रूप में थी।
बंटी और पवन की पुरानी दोस्ती तथा कारोबार से जुड़े संबंधों के कारण दोनों एक-दूसरे की गतिविधियों के बारे में जानकारी रखते थे।
ऐसे में पुलिस इस पहलू की भी जांच कर सकती है कि आरोपी को बंटी के जिम जाने और लौटने के समय की जानकारी कैसे मिली।
वारदात के बाद खुद थाने पहुंचा आरोपी
हमले के बाद आरोपी पवन पाराशर के सिडको पुलिस थाने पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, पवन ने थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण किया।
इसके बाद पुलिस ने घटना से संबंधित जांच शुरू की।
आरोपी के थाने पहुंचने और कथित आत्मसमर्पण की परिस्थितियां भी जांच का हिस्सा होंगी।
पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि हमले में इस्तेमाल वाहन और डंडे से संबंधित कौन-कौन से साक्ष्य उपलब्ध हैं।
आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जांच और संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी।
दिनदहाड़े हत्या से इलाके में सनसनी
बजरंग चौक से बलिराम पाटिल चौक के बीच का मार्ग शहर के व्यस्त इलाकों में शामिल है।
सुबह करीब 10:30 बजे सड़क पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच इस तरह की हिंसक घटना होने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।
घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा और व्यक्तिगत विवादों के हिंसक रूप लेने के खतरे को सामने रखा है।
विशेष रूप से व्यस्त सड़क पर वाहन से टक्कर मारने और उसके बाद हमला करने के आरोप बेहद गंभीर हैं।
पुलिस के लिए यह भी महत्वपूर्ण होगा कि घटनास्थल पर मौजूद लोगों से जानकारी लेकर घटनाक्रम की पुष्टि की जाए।
सीसीटीवी और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान हो सकते हैं अहम
इस मामले की जांच में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
यदि घटनास्थल या उसके आसपास कैमरे मौजूद हैं, तो उनके फुटेज से कार की गतिविधियों और हमले के क्रम का पता लगाया जा सकता है।
इसके अलावा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट करने में सहायक हो सकते हैं।
पुलिस को हत्या में इस्तेमाल कथित हथियार, दुर्घटनाग्रस्त स्कूटर और कार से संबंधित साक्ष्यों की भी जांच करनी होगी।
इन प्रमाणों के आधार पर यह निर्धारित करने में मदद मिलेगी कि हमला किस प्रकार किया गया और क्या इसकी योजना पहले से तैयार की गई थी।
पुरानी रंजिश ने लिया जानलेवा रूप
कारोबारी मतभेद और व्यक्तिगत विवादों को लेकर हिंसक घटनाएं कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं।
इस मामले में बचपन की दोस्ती के बाद कारोबार में पैदा हुए मतभेदों को हत्या की संभावित वजह बताया गया है।
यदि शुरुआती आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह घटना दर्शाती है कि व्यक्तिगत रंजिश किस तरह गंभीर अपराध में बदल सकती है।
हालांकि, पुलिस को आरोपी की मंशा और घटनाक्रम की पुष्टि स्वतंत्र साक्ष्यों के आधार पर करनी होगी।
पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
छत्रपति संभाजीनगर में हुई इस वारदात में 37 वर्षीय देवेश उर्फ बंटी दीक्षित की मौत हो गई है।
उसके बचपन के दोस्त पवन पाराशर पर हत्या का आरोप लगा है। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने घटना के बाद सिडको पुलिस थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण किया।
अब पुलिस के सामने हत्या के पीछे की वास्तविक वजह, संभावित पूर्व योजना और पूरे घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों की जांच करने की चुनौती है।
व्यापारिक वर्चस्व और पुराने अपमान की बात शुरुआती जांच में सामने आई है, लेकिन घटना की सभी परिस्थितियों की पुष्टि होना अभी बाकी है।





