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मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने नासिक, अहिल्यानगर और जलगांव जिलों के पात्र किसानों को राहत देने के लिए 86.65 करोड़ रुपये के विशेष राहत पैकेज को मंजूरी दी है। यह आर्थिक सहायता उन किसानों को दी जाएगी, जिनकी खरीफ 2025 सीजन की फसलें भारी बारिश, औसत से अधिक वर्षा और तेज हवाओं के कारण बर्बाद हो गई थीं।
राहत और पुनर्वास मंत्री मकरंद जाधव-पाटिल ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने प्रभावित किसानों की स्थिति को देखते हुए यह विशेष सहायता स्वीकृत की है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है।
जानकारी के अनुसार, यह राहत पैकेज 2 जुलाई 2026 को हुई कैबिनेट उप-समिति की बैठक में लिए गए फैसले के आधार पर मंजूर किया गया है। सरकार ने इसे विशेष उपाय के रूप में स्वीकृति दी है, ताकि आपदा से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहारा मिल सके और वे आगामी कृषि गतिविधियों को बेहतर तरीके से शुरू कर सकें।
महाराष्ट्र के कई हिस्सों में खरीफ 2025 के दौरान मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों का असर देखने को मिला था। भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण बड़ी संख्या में किसानों की फसलें प्रभावित हुई थीं। खेतों में खड़ी फसलें खराब होने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था।
सरकार की ओर से बताया गया कि राहत राशि केवल उन्हीं किसानों को दी जाएगी, जो निर्धारित नियमों और पात्रता मानकों को पूरा करेंगे। सहायता राशि का वितरण सरकार द्वारा तय दरों और प्रक्रियाओं के अनुसार किया जाएगा।
मंत्री मकरंद जाधव-पाटिल ने कहा कि किसानों की समस्याओं को देखते हुए सरकार संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। प्राकृतिक आपदाओं के समय किसानों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
कृषि क्षेत्र महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। राज्य के लाखों किसान अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर हैं। ऐसे में बारिश, सूखा या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने से किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है।
सरकार के इस फैसले से नासिक, अहिल्यानगर और जलगांव जिलों के प्रभावित किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि राहत राशि की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि जरूरतमंद किसानों तक सहायता समय पर पहुंच सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, प्राकृतिक आपदाओं के बाद किसानों को आर्थिक सहायता मिलना बेहद जरूरी होता है। इससे किसान दोबारा खेती शुरू करने, बीज, खाद और अन्य कृषि जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो पाते हैं।
राज्य सरकार पहले भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए विभिन्न राहत योजनाएं लागू करती रही है। इस बार भी फसल नुकसान को देखते हुए विशेष पैकेज की घोषणा की गई है। सरकार का उद्देश्य किसानों को आर्थिक संकट से उबारना और कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है।
नासिक, अहिल्यानगर और जलगांव जिलों के किसान लंबे समय से फसल नुकसान के बाद राहत की मांग कर रहे थे। सरकार के इस फैसले के बाद प्रभावित किसानों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, किसानों को सहायता मिलने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। संबंधित विभागों की ओर से पात्र किसानों की पहचान और दस्तावेजों की जांच के बाद राहत राशि जारी की जाएगी।
महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के हितों की रक्षा के लिए आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। सरकार की कोशिश है कि किसानों को समय पर मदद मिले और वे आर्थिक परेशानियों से बाहर निकल सकें।
86.65 करोड़ रुपये के इस विशेष राहत पैकेज को किसानों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सहायता राशि का वितरण कितनी जल्दी शुरू होता है और कितने किसानों को इसका लाभ मिलता है।





