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मुंबई में वित्तीय धोखाधड़ी के 80 मामले दर्ज, EOW ने 5,485 करोड़ की ठगी की जांच शुरू की

मुंबई: मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने वर्ष 2026 में वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मामलों को लेकर बड़ी जानकारी साझा की है। पुलिस के क्राइम डेटा के अनुसार, 31 अगस्त 2026 तक EOW ने कथित वित्तीय फ्रॉड से जुड़े 80 मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों में कुल 5,485 करोड़ रुपये से अधिक की राशि शामिल बताई गई है।
हालांकि, पिछले साल की तुलना में इस साल मामलों की संख्या में मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन कथित धोखाधड़ी में शामिल रकम में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में इसी अवधि तक अधिक राशि से जुड़े मामले सामने आए थे।
पिछले साल के मुकाबले मामलों की संख्या बढ़ी
क्राइम डेटा के अनुसार, 31 अगस्त 2026 तक EOW ने 5,485 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय फ्रॉड से जुड़े 80 मामले दर्ज किए।
वहीं, 31 अगस्त 2025 तक EOW के पास 15,296.94 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े 75 मामले दर्ज थे। यानी इस साल मामलों की संख्या में पांच की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन आर्थिक नुकसान से जुड़ी राशि में काफी कमी आई है।
जनवरी 2026 में दर्ज हुए 21 मामले
आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 में EOW ने 562.61 करोड़ रुपये से जुड़े 21 वित्तीय धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए थे।
इसके मुकाबले जनवरी 2025 में 194.35 करोड़ रुपये की राशि से जुड़े 13 मामले दर्ज किए गए थे। इससे पता चलता है कि शुरुआती महीनों में मामलों की संख्या में अंतर देखने को मिला।
फरवरी 2025 तक बढ़े थे बड़े मामले
डेटा के अनुसार, फरवरी 2025 तक वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की संख्या में आठ की बढ़ोतरी हुई थी। इस दौरान कथित फ्रॉड की राशि बढ़कर 10,475.66 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी।
इसके बाद साल के दौरान कई बड़े आर्थिक अपराधों से जुड़े मामले सामने आए, जिसके चलते दिसंबर 2025 तक कुल मामलों और रकम में और बढ़ोतरी दर्ज की गई।
दिसंबर 2025 तक 123 मामले दर्ज
मुंबई पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 तक EOW ने 17,342.18 करोड़ रुपये से जुड़े 123 वित्तीय धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए थे।
इन मामलों में निवेश धोखाधड़ी, आर्थिक अनियमितता, फर्जीवाड़ा और अन्य वित्तीय अपराधों से जुड़े मामले शामिल रहे।
EOW करती है बड़े आर्थिक अपराधों की जांच
मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग बड़े आर्थिक अपराधों की जांच करने वाली विशेष इकाई है। यह संस्था वित्तीय धोखाधड़ी, निवेश से जुड़े फ्रॉड, बैंकिंग अपराध और बड़े आर्थिक मामलों की जांच करती है।
EOW की जांच में दस्तावेजों की पड़ताल, वित्तीय लेन-देन की जांच और संबंधित लोगों से पूछताछ जैसे कदम शामिल होते हैं।
वित्तीय अपराधों पर पुलिस की नजर
मुंबई जैसे बड़े आर्थिक केंद्र में वित्तीय अपराधों के मामले लगातार पुलिस के लिए चुनौती बने रहते हैं। बड़ी कंपनियों, निवेश योजनाओं और आर्थिक लेन-देन से जुड़े मामलों में जांच अक्सर जटिल होती है।
पुलिस लगातार ऐसे मामलों में कार्रवाई कर रही है और आर्थिक अपराधों पर नियंत्रण के लिए निगरानी बढ़ाई जा रही है।
राशि में गिरावट, लेकिन मामले चिंता का विषय
आंकड़ों से पता चलता है कि वर्ष 2026 में अगस्त तक दर्ज मामलों में शामिल राशि पिछले साल की तुलना में कम है। हालांकि, मामलों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जो आर्थिक अपराधों को लेकर सतर्कता की जरूरत को दर्शाती है।
EOW अधिकारियों के लिए चुनौती यह है कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने के साथ-साथ आरोपियों तक पहुंचकर वित्तीय नुकसान की भरपाई की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।
फिलहाल मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा इन मामलों की जांच कर रही है। आने वाले समय में दर्ज मामलों की संख्या और जांच की प्रगति पर नजर बनी रहेगी।





