महाराष्ट्र

73 साल के डायरेक्टर शकील नूरानी गिरफ्तार, अभिनेत्री की शिकायत पर कार्रवाई

Kavita2
10 Aug 2026 10:00 AM IST
73 साल के डायरेक्टर शकील नूरानी गिरफ्तार, अभिनेत्री की शिकायत पर कार्रवाई
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मुंबई। मुंबई पुलिस ने फिल्म डायरेक्टर शकील नूरानी को एक महीने की तलाश के बाद गिरफ्तार किया है। 73 वर्षीय नूरानी के खिलाफ करीब 40 दिन पहले 33 वर्षीय एक उभरती हुई अभिनेत्री की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। अभिनेत्री ने आरोप लगाया था कि नूरानी ने करीब चार साल तक उसका शोषण किया। शिकायत दर्ज होने के बाद से पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। आखिरकार तकनीकी निगरानी के जरिए पुलिस को उनके ठिकाने की जानकारी मिली और उन्हें महाराष्ट्र के सतारा जिले के महाबलेश्वर स्थित एक फार्महाउस से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के मुताबिक, नूरानी को महाबलेश्वर के मेधा इलाके में स्थित उनके फार्महाउस से पकड़ा गया। इसके बाद उन्हें मुंबई लाया गया और स्थानीय अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 12 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। अब पुलिस मामले से जुड़े आरोपों की जांच और पूछताछ आगे बढ़ाएगी।

चार साल तक शोषण का आरोप

पुलिस के अनुसार, 33 वर्षीय अभिनेत्री ने अपनी शिकायत में नूरानी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अभिनेत्री का दावा है कि पिछले करीब चार वर्षों के दौरान उसका शोषण किया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोप अभी जांच का विषय हैं और अदालत में इनकी पुष्टि होना बाकी है। पुलिस इसी दिशा में सबूत जुटाने और शिकायत से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

इस मामले में नूरानी के वकील विकास सिंह गोअर ने अपने मुवक्किल का बचाव किया है। उन्होंने दावा किया कि नूरानी को झूठे मामले में फंसाया गया है। वकील ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक वह मामले पर अतिरिक्त टिप्पणी नहीं करना चाहते। ऐसे में फिलहाल मामले में दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

एक महीने से पुलिस कर रही थी तलाश

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत दर्ज होने के बाद से नूरानी गिरफ्तारी से बच रहे थे। जांचकर्ताओं ने उनके संभावित ठिकानों की तलाश शुरू की थी। पुलिस की शुरुआती कोशिशों में अंधेरी के लोखंडवाला इलाके में उनके बेटे के घर पर भी तलाशी ली गई, लेकिन वहां से पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला।

इसके बाद जांचकर्ताओं ने तकनीकी निगरानी का सहारा लिया। पुलिस ने कथित तौर पर मोबाइल और अन्य तकनीकी माध्यमों से उनकी गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश की। इसी प्रक्रिया के दौरान जांच टीम को उनके महाबलेश्वर के मेधा इलाके में मौजूद होने की जानकारी मिली।

इसके बाद पुलिस टीम ने फार्महाउस पर कार्रवाई की और नूरानी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के लिए मुंबई लाया गया।

अदालत ने 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेजा

गिरफ्तारी के बाद नूरानी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने मामले की जांच के लिए उनकी हिरासत की मांग की। अदालत ने उन्हें 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।

पुलिस हिरासत के दौरान जांचकर्ता शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करेंगे। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि शिकायत में बताए गए घटनाक्रम से संबंधित कोई दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड या अन्य साक्ष्य मौजूद हैं या नहीं।

जांच में शिकायतकर्ता के बयान और अन्य संभावित गवाहों के बयान भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। मामले की आगे की दिशा पुलिस जांच और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।

बेटे के घर पर भी हुई थी तलाशी

पुलिस की जांच में सामने आया कि नूरानी की तलाश के दौरान उनके बेटे के लोखंडवाला स्थित घर पर भी शुरुआती तलाशी ली गई थी। हालांकि, पुलिस को वहां से कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं मिला।

इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और तकनीकी सर्विलांस की मदद ली गई। पुलिस ने नूरानी की लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रखी। इसी आधार पर जांचकर्ता महाबलेश्वर के मेधा इलाके तक पहुंचे।

फार्महाउस से गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

बचाव पक्ष ने आरोपों को बताया झूठा

नूरानी की ओर से उनके वकील विकास सिंह गोअर ने आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि उनके मुवक्किल को झूठे मामले में फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने फिलहाल मामले पर विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार किया है और कहा है कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक इस बारे में कोई अतिरिक्त बात नहीं की जाएगी।

इस बयान के बाद अब मामले में पुलिस के आरोपों और बचाव पक्ष के दावों के बीच कानूनी लड़ाई की स्थिति बन गई है। जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्य सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

जांच के दौरान साक्ष्यों पर रहेगी नजर

फिलहाल पुलिस इस मामले में सभी पहलुओं की जांच कर रही है। शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। तकनीकी सर्विलांस के जरिए फार्महाउस तक पहुंचने के बाद अब पूछताछ और जांच की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि शिकायत में बताए गए चार वर्षों के दौरान आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच किस तरह का संपर्क था और आरोपों से जुड़े कौन-कौन से साक्ष्य उपलब्ध हैं।

आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण

शकील नूरानी की गिरफ्तारी के बाद अब मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अदालत ने फिलहाल उन्हें 12 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेजा है। इसके बाद पुलिस को जांच की प्रगति के आधार पर आगे की कार्रवाई करनी होगी।

इस पूरे मामले में फिलहाल शिकायतकर्ता के आरोप और बचाव पक्ष का खंडन दोनों सामने हैं। आरोप साबित होना अभी बाकी है। पुलिस जांच, एकत्र किए जाने वाले साक्ष्य और अदालत में होने वाली आगे की सुनवाई से ही मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी।

फिलहाल 73 वर्षीय फिल्म डायरेक्टर की गिरफ्तारी ने मुंबई के फिल्म जगत से जुड़े इस मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। एक महीने की तलाश के बाद फार्महाउस से हुई गिरफ्तारी और उसके बाद अदालत द्वारा पुलिस हिरासत दिए जाने से जांच को आगे बढ़ाने का रास्ता खुल गया है। अब पुलिस की पूछताछ और जांच से यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में क्या तथ्य सामने आते हैं।

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