महाराष्ट्र

SIR प्रक्रिया में 5.56 लाख फॉर्म अब भी जमा नहीं, नासिक वेस्ट सबसे पीछे

Kavita2
12 Aug 2026 5:43 PM IST
SIR प्रक्रिया में 5.56 लाख फॉर्म अब भी जमा नहीं, नासिक वेस्ट सबसे पीछे
x

नासिक: चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत नासिक जिले में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और डिजिटाइजेशन का काम तेजी से चल रहा है। 11 अगस्त तक जिले में बड़ी संख्या में अपडेट फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, लेकिन अभी भी लाखों फॉर्म जमा होना बाकी हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 5.56 लाख फॉर्म जमा नहीं हुए हैं। यह कुल वितरित फॉर्म के मुकाबले करीब 15.14 प्रतिशत की न जमा होने की दर है।

SIR प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। इसके तहत मतदाताओं से संबंधित जानकारी की जांच की जा रही है और आवश्यक विवरण को डिजिटल रिकॉर्ड में शामिल किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से फॉर्म वितरण और उनके संग्रह के साथ-साथ डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया भी समानांतर रूप से आगे बढ़ाई जा रही है।

36.71 लाख फॉर्म बांटे गए

11 अगस्त तक जिले में कुल 36.71 लाख फॉर्म बांटे गए थे। इनमें से 3,194,444 फॉर्म का हिसाब मिल चुका है, जबकि 556,950 फॉर्म अभी जमा होना बाकी हैं। इस आंकड़े से साफ है कि प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं तक फॉर्म पहुंच चुके हैं, लेकिन सभी फॉर्म निर्धारित प्रक्रिया के तहत वापस नहीं आए हैं।

फॉर्म जमा नहीं होने के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं। कुछ मतदाता अपने घर पर उपलब्ध नहीं रहे होंगे, जबकि कुछ मामलों में फॉर्म भरने या जमा करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई होगी। प्रशासन के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती ऐसे मतदाताओं तक पहुंचना है, जिनके फॉर्म अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं।

जिले में 51 लाख से ज्यादा मतदाता

आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 5,104,494 मतदाता हैं। वहीं, 9,030,394 मतदाताओं को अपडेट फॉर्म वितरित किए गए हैं। इससे पता चलता है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं और संबंधित रिकॉर्ड को अपडेट करने का काम किया जा रहा है।

मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया में प्रत्येक फॉर्म की जानकारी का मिलान और डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना महत्वपूर्ण है। इससे भविष्य में मतदाता सूची में गलतियों को कम करने और पात्र मतदाताओं की जानकारी को सही तरीके से दर्ज करने में मदद मिल सकती है।

डिंडोरी और इगतपुरी में 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन

डिजिटाइजेशन के मोर्चे पर जिले के कुछ क्षेत्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। डिंडोरी और इगतपुरी तालुका ने 100 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है। यह उपलब्धि बताती है कि इन क्षेत्रों में फॉर्म से संबंधित डेटा को डिजिटल रूप में दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

डिजिटाइजेशन के पूरा होने से मतदाता सूची के डेटा को व्यवस्थित करने और आगे की जांच प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से जानकारी को तेजी से सत्यापित और अपडेट किया जा सकता है।

नासिक ईस्ट ने भी किया बेहतर प्रदर्शन

नासिक जिले में डिजिटाइजेशन के मामले में नासिक ईस्ट विधानसभा क्षेत्र ने भी उल्लेखनीय प्रगति की है। यहां 98.81 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी सामने आई है। यह क्षेत्र 100 प्रतिशत लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच चुका है।

प्रशासन के लिए अब बाकी बचे काम को पूरा करना प्राथमिकता होगी। यदि शेष प्रक्रिया भी निर्धारित समय में पूरी होती है तो नासिक ईस्ट पूरी तरह डिजिटाइजेशन का लक्ष्य हासिल करने वाले क्षेत्रों में शामिल हो सकता है।

नासिक वेस्ट में सबसे कम प्रगति

इसके विपरीत नासिक वेस्ट विधानसभा क्षेत्र डिजिटाइजेशन के मामले में जिले में सबसे पीछे है। यहां अभी तक करीब 60 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है। यानी इस क्षेत्र में बड़ी मात्रा में डेटा को अभी डिजिटल रिकॉर्ड में शामिल किया जाना बाकी है।

नासिक वेस्ट में धीमी प्रगति प्रशासन के लिए चुनौती बन सकती है। अब इस क्षेत्र में डिजिटाइजेशन की गति बढ़ाने के साथ-साथ लंबित फॉर्म के संग्रह पर भी विशेष ध्यान देना होगा।

फॉर्म जमा कराने पर जोर

SIR प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए केवल फॉर्म वितरित करना पर्याप्त नहीं है। प्रत्येक पात्र मतदाता से संबंधित फॉर्म प्राप्त होना और उसकी जानकारी का सही तरीके से सत्यापन महत्वपूर्ण है। इसलिए जिन मतदाताओं के फॉर्म अभी तक जमा नहीं हुए हैं, उन तक पहुंचने के लिए प्रशासन को विशेष अभियान चलाना पड़ सकता है।

बूथ स्तर के कर्मचारियों के माध्यम से लंबित फॉर्म की स्थिति की जांच और मतदाताओं से संपर्क करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि फॉर्म जमा क्यों नहीं हुए और किन मतदाताओं को दोबारा संपर्क की आवश्यकता है।

डिजिटल रिकॉर्ड से आसान होगी प्रक्रिया

मतदाता सूची का डिजिटाइजेशन चुनावी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद कर सकता है। एक बार डेटा डिजिटल रूप से उपलब्ध होने के बाद उसमें संशोधन, सत्यापन और रिकॉर्ड की निगरानी अपेक्षाकृत आसान हो जाती है।

हालांकि, डिजिटल प्रक्रिया की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि मूल जानकारी कितनी सटीक तरीके से दर्ज की गई है। इसलिए फॉर्म संग्रह और डेटा एंट्री दोनों चरणों में सावधानी जरूरी है।

अंतिम चरण में तेजी की जरूरत

नासिक जिले में SIR प्रक्रिया के आंकड़े बताते हैं कि काफी काम पूरा हो चुका है, लेकिन अभी बड़ी संख्या में फॉर्म जमा होना और डिजिटाइजेशन का काम बाकी है। 11 अगस्त तक 5.56 लाख फॉर्म लंबित होना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है।

जहां डिंडोरी और इगतपुरी ने 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा कर मिसाल पेश की है, वहीं नासिक ईस्ट 98.81 प्रतिशत के साथ लक्ष्य के करीब है। दूसरी ओर नासिक वेस्ट में 60 प्रतिशत प्रगति को देखते हुए वहां काम की रफ्तार बढ़ाने की आवश्यकता है।

अब प्रशासन का ध्यान लंबित फॉर्म को प्राप्त करने और पिछड़े क्षेत्रों में डिजिटाइजेशन पूरा करने पर रहेगा। SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदाता सूची अधिक अद्यतन और व्यवस्थित होने की उम्मीद है। ऐसे में आने वाले दिनों में फॉर्म संग्रह और डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की गति यह तय करेगी कि जिले में पुनरीक्षण प्रक्रिया कितनी प्रभावी ढंग से पूरी होती है।

Next Story