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मुंबई। बायकुला स्थित वीरमाता जीजाबाई भोसले बॉटनिकल गार्डन और जू परिसर में बने मुंबई मेयर के सरकारी आवास के रेनोवेशन को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने करीब चार महीने पहले 2.4 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद अब इसी आवास के लिए 2.9 करोड़ रुपये के नए रेनोवेशन टेंडर जारी किए हैं। यदि यह टेंडर मंजूर हो जाता है तो महज चार महीने के भीतर मेयर आवास के रखरखाव और सुधार कार्यों पर कुल खर्च 5.3 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच जाएगा।
BMC की ओर से जारी नए प्रस्ताव में मेयर के सरकारी आवास को बेहतर सुविधाओं से लैस करने के लिए कई तरह के निर्माण और सुधार कार्य शामिल किए गए हैं। इनमें शोर नियंत्रण व्यवस्था, आंतरिक सजावट, सुरक्षा और कर्मचारियों के लिए सुविधाओं का विस्तार, जल निकासी व्यवस्था तथा बिजली और अन्य तकनीकी कार्य शामिल हैं।
प्रस्तावित कार्यों के तहत E.S. पाटनवाला रोड की ओर शोर कम करने के लिए बायो-एब्जॉर्बेंट पैनल लगाए जाने की योजना है। इसके अलावा हेरिटेज बंगले के बाहर कंटेनर आधारित अस्थायी ढांचे का निर्माण भी प्रस्ताव में शामिल है। इस ढांचे को कॉन्फ्रेंस हॉल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें अंदरूनी सजावट और आवश्यक फर्नीचर की व्यवस्था की जाएगी।
रेनोवेशन योजना में परिसर में इंटरलॉकिंग पेवर को दोबारा लगाने, नई सीवर लाइन और स्टॉर्मवॉटर ड्रेनेज सिस्टम तैयार करने, यूटिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और पानी की टंकियों की व्यवस्था जैसे काम भी शामिल हैं। इसके साथ ही घरेलू और सुरक्षा कर्मचारियों के कमरों के नवीनीकरण तथा मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल कार्य भी किए जाएंगे।
BMC के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी आवास को बेहतर स्थिति में बनाए रखने और वहां काम करने वाले कर्मचारियों तथा आने वाले लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए ये सुधार कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। प्रशासन का तर्क है कि पुराने ढांचे में समय के साथ आवश्यक मरम्मत और आधुनिकीकरण की जरूरत होती है।
हालांकि, इस खर्च को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर ने सरकारी आवास में रहते हुए शोर से जुड़ी किसी समस्या से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान आवास में ऐसी कोई परेशानी महसूस नहीं हुई थी, जिसके लिए इस तरह के बड़े स्तर पर शोर नियंत्रण उपायों की आवश्यकता पड़े।
उन्होंने हेरिटेज बंगले के बाहर कंटेनर आधारित अस्थायी ढांचा बनाने की योजना पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ऐतिहासिक महत्व वाले परिसर में किसी भी तरह के निर्माण कार्य को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए और खर्च की आवश्यकता व उपयोगिता की स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए।
मुंबई मेयर का यह सरकारी आवास वीरमाता जीजाबाई भोसले बॉटनिकल गार्डन और जू परिसर में स्थित है और इसे शहर के प्रमुख ऐतिहासिक परिसरों में शामिल किया जाता है। ऐसे में यहां होने वाले निर्माण और बदलाव को लेकर हमेशा विशेष ध्यान दिया जाता है।
नगरपालिका के रिकॉर्ड के अनुसार, पहले चरण में भी आवास के सुधार के लिए बड़ी राशि खर्च की गई थी। अब नए रेनोवेशन प्रस्ताव के बाद कुल लागत बढ़ने की संभावना ने राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर बहस को जन्म दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी भवनों के रखरखाव के लिए समय-समय पर मरम्मत जरूरी होती है, लेकिन बड़े खर्च वाले प्रोजेक्ट में पारदर्शिता और आवश्यकता का मूल्यांकन भी महत्वपूर्ण है। खासकर जब किसी ऐतिहासिक भवन में बदलाव किए जा रहे हों तो संरक्षण के मानकों का पालन किया जाना चाहिए।
BMC की ओर से फिलहाल टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। मंजूरी मिलने के बाद ही यह तय होगा कि प्रस्तावित कार्य कब शुरू होंगे और कितनी राशि वास्तव में खर्च होगी।
मेयर आवास के रेनोवेशन को लेकर एक ओर जहां प्रशासन इसे सुविधा और सुरक्षा से जुड़ा आवश्यक सुधार बता रहा है, वहीं दूसरी ओर खर्च की बढ़ती राशि को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि BMC इस प्रस्ताव को किस तरह आगे बढ़ाती है और क्या इसमें किसी तरह का बदलाव किया जाता है।





