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टारापुर मेडली फार्मा में नाइट्रोजन गैस लीकेज हादसे में 4 की मौत, 4 गंभीर

MHARASHTRA महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के टारापुर MIDC, बोइसर में मेडली फार्मास्यूटिकल्स के प्लॉट नंबर F-13 पर मंगलवार दोपहर लगभग 3 बजे एक भयानक हादसा हुआ। कंपनी के नाइट्रोजन रिएक्शन टैंक से गैस लीक होने के कारण चार मजदूरों की मौत हो गई और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। लीकेज का कारण और उत्पादन प्रक्रिया घटना उस समय हुई जब कंपनी में एल्बेंडाजोल-आधारित दवा का उत्पादन चल रहा था। नाइट्रोजन गैस के रिसाव से प्रभावित आठ मजदूरों में से चार को अस्पताल ले जाने से पहले ही मृत घोषित कर दिया गया। घायलों को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। आपात स्थिति और बचाव कार्य घटना के समय टारापुर MIDC में सुरक्षा कर्मचारियों और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। अधिकारियों ने आसपास के क्षेत्रों को सुरक्षित कर और अन्य कर्मचारियों को तुरंत बाहर निकाला। प्रभावित टैंक को बंद कर, रिसाव को नियंत्रित करने की कोशिश की गई।
कर्मचारियों और परिवारों की प्रतिक्रिया घटना ने कर्मचारियों और उनके परिवारों में गहरा सदमा पैदा कर दिया। मृतक मजदूरों के परिजनों को हादसे की जानकारी दी गई और उन्हें तत्काल राहत प्रदान करने का आश्वासन दिया गया। आसपास के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में भी डर और चिंता का माहौल था। कंपनी और प्रशासन की प्रतिक्रिया मेडली फार्मास्यूटिकल्स ने हादसे पर शोक व्यक्त किया और घायलों के इलाज और मृतक कर्मचारियों के परिजनों को सहायता देने का आश्वासन दिया। महाराष्ट्र औद्योगिक सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग ने भी घटना स्थल का निरीक्षण किया और हादसे की जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा नियमों और औद्योगिक प्रक्रियाओं पर सवाल इस हादसे ने औद्योगिक सुरक्षा मानकों और कंपनी की आपातकालीन तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नाइट्रोजन जैसी गैसों का रिसाव अत्यंत खतरनाक होता है और इसके लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय और कर्मचारियों को प्रशिक्षण होना जरूरी है।
जांच और आगे की कार्रवाई स्थानीय प्रशासन और औद्योगिक सुरक्षा विभाग ने इस घटना की पूर्ण जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लीकेज किस कारण हुआ और क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था। इसके अलावा, कंपनी पर कानूनी कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है। सावधानियों और भविष्य की रोकथाम विशेषज्ञों ने कहा है कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा उपकरणों का नियमित निरीक्षण, कर्मचारियों का प्रशिक्षण और आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना आवश्यक है। भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े नियम और निगरानी की जरूरत है।





