महाराष्ट्र

नासिक के 26 म्युनिसिपल छात्रों का ISRO बेंगलुरु दौरा

Kavita2
24 April 2026 5:00 PM IST
नासिक के 26 म्युनिसिपल छात्रों का ISRO बेंगलुरु दौरा
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Maharashtra महाराष्ट्र: एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल के तहत नासिक शहर के म्युनिसिपल स्कूलों के 26 होनहार छात्रों को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), बेंगलुरु के विशेष दौरे पर भेजा गया है। इस कार्यक्रम के साथ शहर में एक नए साइंस एक्सपोजर प्रोग्राम की शुरुआत भी हुई है, जिसका उद्देश्य छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र से जोड़ना है।

‘म्युनिसिपल स्टूडेंट्स की उड़ान: ISRO के घर तक’ नाम से शुरू किए गए इस अभियान की शुरुआत नासिक म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के शिक्षा विभाग द्वारा की गई है। इस पहल का मकसद सरकारी स्कूलों के छात्रों को उच्च स्तरीय वैज्ञानिक संस्थानों से परिचित कराना और उनमें विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाना है।

चयनित छात्रों के लिए यह यात्रा विशेष और प्रेरणादायक रही, क्योंकि इनमें से कई छात्र पहली बार हवाई यात्रा कर रहे थे। छात्रों को हवाई जहाज से बेंगलुरु रवाना किया गया, जिससे उनके अनुभव को और भी यादगार बनाया गया। यात्रा से पहले म्युनिसिपल मुख्यालय में एक विशेष विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों को शुभकामनाएं दी गईं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

इस अवसर पर नासिक की मेयर हिमगौरी अहेर-अडके ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि नासिक, जिसे परंपरा और संस्कृति का केंद्र माना जाता है, अब शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में भी नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि शहर के युवा यदि सही अवसर और मार्गदर्शन पाते हैं, तो वे अंतरिक्ष विज्ञान जैसे क्षेत्रों में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।

मेयर ने यह भी कहा कि इस तरह के शैक्षणिक दौरे छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने इसे न केवल छात्रों के लिए बल्कि पूरे शहर के लिए गर्व का विषय बताया।

शिक्षा विभाग के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को कक्षा की पढ़ाई से आगे ले जाकर वास्तविक वैज्ञानिक संस्थानों का अनुभव देना है। ISRO जैसे प्रतिष्ठित संगठन का दौरा छात्रों के लिए सीखने का एक अनूठा अवसर है, जो उनके करियर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इस पहल को लेकर शिक्षकों और अभिभावकों में भी उत्साह देखा गया है। उनका मानना है कि ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण और म्युनिसिपल स्कूलों के छात्रों को मुख्यधारा के विज्ञान और तकनीक से जोड़ने में मदद करेंगे।

कुल मिलाकर यह पहल नासिक के छात्रों के लिए एक नई दिशा खोलने वाली साबित हो रही है, जो उन्हें भविष्य में वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

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