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पुणे : महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) की बसों से जुड़े सड़क हादसों में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान पुणे डिवीजन में 24 लोगों की मौत हो गई, जबकि 168 यात्री और सड़क का इस्तेमाल करने वाले लोग घायल हुए। हादसों के बाद पीड़ितों और उनके परिवारों को राहत देने के लिए MSRTC को लगभग ₹5 करोड़ का मुआवजा देना पड़ा।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में MSRTC बसों से जुड़े हादसों में कुल 192 लोग प्रभावित हुए। इनमें 24 लोगों की जान चली गई, जबकि 60 लोग गंभीर रूप से घायल हुए और 108 लोगों को मामूली चोटें आईं।
हादसों के बाद करोड़ों रुपये का मुआवजा
MSRTC के पुणे डिवीजन ने सड़क हादसों से प्रभावित लोगों को कुल ₹4.98 करोड़ का भुगतान किया। अधिकारियों के अनुसार, यह राशि अलग-अलग श्रेणियों में पीड़ितों और उनके परिवारों को दी गई।
घायल यात्रियों और अन्य प्रभावित लोगों को तत्काल आर्थिक सहायता के रूप में ₹16.57 लाख का भुगतान किया गया। वहीं, सड़क हादसों में मारे गए लोगों के कानूनी वारिसों और गंभीर रूप से घायल लोगों को अदालत के आदेशों के अनुसार ₹4.82 करोड़ की राशि दी गई।
गंभीर हादसों ने बढ़ाई चिंता
MSRTC बसें महाराष्ट्र में सार्वजनिक परिवहन का एक प्रमुख साधन हैं और रोजाना बड़ी संख्या में लोग इनसे यात्रा करते हैं। ऐसे में बसों से जुड़े हादसों में होने वाली मौतें और चोटें सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बस संचालन, ड्राइवरों की सतर्कता और सड़क सुरक्षा नियमों के पालन पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है।
सड़क सुरक्षा उपायों पर जोर
बस हादसों को कम करने के लिए परिवहन विभाग और MSRTC की ओर से कई कदम उठाए जाते हैं। इनमें चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रशिक्षण देना, वाहनों की नियमित जांच करना और यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करना शामिल है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क हादसों को रोकने के लिए केवल वाहन की स्थिति ही नहीं, बल्कि चालक की सतर्कता, सड़क की स्थिति और यातायात व्यवस्था भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
पीड़ित परिवारों को राहत देने की कोशिश
सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता महत्वपूर्ण होती है। MSRTC की ओर से दिए गए मुआवजे का उद्देश्य हादसों से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा देना है।
कानूनी प्रक्रिया के तहत मृतकों के आश्रितों और गंभीर रूप से घायल लोगों को मुआवजा दिया जाता है। इसके अलावा, दुर्घटना के तुरंत बाद जरूरतमंद लोगों को तत्काल सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।
आंकड़ों से सामने आई तस्वीर
वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़े बताते हैं कि MSRTC बसों से जुड़े हादसों में प्रभावित लोगों की संख्या काफी अधिक रही। कुल 192 प्रभावित लोगों में 84 लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए, जिनमें 24 की मौत और 60 के गंभीर रूप से घायल होने के मामले शामिल हैं।
हालांकि, अधिकारियों की ओर से सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन हादसों को पूरी तरह रोकना अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।
यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
MSRTC अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा निगम की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। बस चालकों को नियमों के अनुसार वाहन चलाने और सावधानी बरतने के निर्देश दिए जाते हैं।
इसके साथ ही, दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर भविष्य में ऐसे हादसों को कम करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं।





