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Gujarat में ₹225 करोड़ का क्रिप्टो रैकेट उजागर, टेरर फंडिंग और डार्क वेब लिंक की जांच

Mumbai मुंबई : गुजरात में साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े क्रिप्टोकरेंसी रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिसकी अनुमानित राशि करीब ₹225 करोड़ बताई जा रही है। इस मामले में टेरर फंडिंग, डार्क वेब गतिविधियों और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े लिंक सामने आने के बाद जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
पुलिस ने इस मामले में कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुंबई का निवासी ज़ीशान मोतीवाला भी शामिल है। अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह संगठित तरीके से क्रिप्टोकरेंसी के जरिए अवैध लेन-देन को अंजाम दे रहा था और इसके लिए विभिन्न डिजिटल वॉलेट्स और बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
साइबर क्राइम पुलिस की जांच में सामने आया है कि मोतीवाला समेत छह आरोपियों ने मिलकर एक आपराधिक साजिश रची और कई संदिग्ध क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजैक्शन किए। जांचकर्ताओं का दावा है कि इस नेटवर्क के जरिए धन को अलग-अलग माध्यमों में घुमाकर उसकी असली पहचान छिपाने की कोशिश की जा रही थी।
पुलिस के अनुसार, ज़ीशान मोतीवाला का Binance वॉलेट 57 अलग-अलग बैंक खातों से जुड़ा हुआ पाया गया है। इन खातों के माध्यम से कुल 2,355,393 अमेरिकी डॉलर का लेन-देन हुआ है, जो संदिग्ध गतिविधियों की ओर इशारा करता है। अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क केवल घरेलू स्तर तक सीमित नहीं था, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसके तार जुड़े हो सकते हैं।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस पूरे रैकेट का इस्तेमाल टेरर फंडिंग और डार्क वेब पर अवैध गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए किया जा रहा था। इसके अलावा, नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े लेन-देन भी इस नेटवर्क के जरिए किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
साइबर क्राइम विभाग ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों से डिजिटल डिवाइस, बैंकिंग रिकॉर्ड और क्रिप्टो वॉलेट से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा जब्त किए गए हैं। इन सबूतों के आधार पर आगे की जांच को तेज कर दिया गया है।
अधिकारियों ने कहा है कि इस मामले में और भी लोगों की संलिप्तता हो सकती है, जिनकी पहचान की जा रही है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर पूरे नेटवर्क की कड़ी से कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
इस खुलासे के बाद साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि क्रिप्टोकरेंसी के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त निगरानी और नियमन की आवश्यकता है, ताकि इसका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में न किया जा सके।
फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।





