महाराष्ट्र

मुंबई के भूलेश्वर में 22 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा गिरी, दो की मौत पांच घायल

Kavita2
23 Aug 2026 10:53 AM IST
मुंबई के भूलेश्वर में 22 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा गिरी, दो की मौत पांच घायल
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मुंबई। शनिवार रात दक्षिण मुंबई के भूलेश्वर इलाके में गणेश प्रतिमा के आगमन जुलूस के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ‘भूलेश्वरचा राजा’ की करीब 22 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा जुलूस के दौरान गिर गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल बताए गए हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गया।

यह दुर्घटना उस समय हुई जब गणेश प्रतिमा का आगमन जुलूस जाम अंबे चौक स्थित कबूतरखाना के पास बलराम मर्चेंट रोड से गुजर रहा था। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और मुंबई पुलिस के मुताबिक, हादसा शनिवार रात करीब 9:50 बजे हुआ।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जुलूस में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद थे। गणेश प्रतिमा को लेकर जुलूस आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान अचानक विशाल प्रतिमा असंतुलित होकर गिर गई। प्रतिमा के गिरते ही वहां मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई पुलिस और दमकल विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने भी राहत और बचाव अभियान में मदद की। प्रतिमा के नीचे या आसपास फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। हादसे के बाद सड़क पर काफी भीड़ जमा हो गई, जिसके कारण राहत कार्य के दौरान भी प्रशासन को चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

पुलिस और नागरिक प्रशासन ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। घायलों को दक्षिण मुंबई के सर जेजे अस्पताल, रिलायंस अस्पताल और जीटी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने घायलों की जांच शुरू की और आवश्यक उपचार दिया।

अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में दो लोगों की जान चली गई। पांच अन्य लोगों को चोटें आई हैं और उनका अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। घायलों की स्थिति को लेकर चिकित्सकों की ओर से विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

गणेशोत्सव से पहले मुंबई में विभिन्न मंडलों द्वारा गणेश प्रतिमाओं का आगमन जुलूस निकाला जाता है। इन जुलूसों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं। शहर की संकरी सड़कों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से विशाल प्रतिमाओं को ले जाने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

भूलेश्वर मुंबई के पुराने और घनी आबादी वाले इलाकों में शामिल है। यहां सड़कें कई स्थानों पर संकरी हैं और जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं। ऐसे में 22 फीट ऊंची प्रतिमा को ले जाने के दौरान सुरक्षा मानकों और संतुलन का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है।

हादसे के बाद पुलिस ने घटना की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि प्रतिमा किस वजह से असंतुलित हुई और गिरने के समय उसके आसपास सुरक्षा के क्या इंतजाम थे। पुलिस प्रतिमा को ले जाने वाले वाहन और जुलूस की व्यवस्था से जुड़े लोगों से भी पूछताछ कर सकती है।

जांच में यह भी देखा जा सकता है कि प्रतिमा की ऊंचाई और वजन के हिसाब से उसे ले जाने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए गए थे या नहीं। इसके अलावा जुलूस के मार्ग पर बिजली के तार, सड़क की स्थिति, भीड़ नियंत्रण और वाहन की स्थिरता जैसे पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।

BMC और मुंबई पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटीं। हादसे के बाद मार्ग पर यातायात प्रभावित होने की भी संभावना रही। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने और राहत-बचाव कार्य के लिए इलाके में आवश्यक व्यवस्था की।

घटना ने गणेश प्रतिमा आगमन जुलूसों के दौरान सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुंबई में गणेशोत्सव बड़े पैमाने पर मनाया जाता है और प्रतिमाओं के आगमन से लेकर विसर्जन तक कई बड़े जुलूस निकलते हैं। इन जुलूसों में भारी भीड़ के साथ बड़ी और ऊंची प्रतिमाएं भी शामिल होती हैं। ऐसे में प्रशासन और आयोजकों के लिए सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी हो जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बड़ी प्रतिमाओं को ले जाते समय उनके वजन, ऊंचाई, वाहन की क्षमता और सड़क की स्थिति का पहले से आकलन किया जाना चाहिए। साथ ही जुलूस के मार्ग पर संभावित बाधाओं की पहचान और भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम भी जरूरी हैं।

शनिवार रात का हादसा इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यह गणेश प्रतिमा के आगमन के दौरान हुआ और इसमें दो लोगों की जान चली गई। पांच लोगों के घायल होने से उनके परिवारों में भी चिंता का माहौल है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। यह स्पष्ट होने के बाद कि प्रतिमा किस परिस्थिति में गिरी और सुरक्षा व्यवस्था में कहीं लापरवाही हुई थी या नहीं, आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

मुंबई में गणेशोत्सव को लेकर तैयारियां तेज होने के बीच भूलेश्वर की यह घटना आयोजकों और प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी के रूप में सामने आई है। आने वाले दिनों में होने वाले प्रतिमा आगमन जुलूसों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना जरूरी होगा, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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