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केतन अग्रवाल की मौत के 16 दिन बाद दादा देवीचंद अग्रवाल का निधन, परिवार में दूसरा शोक

Maharashtra महाराष्ट्र: अग्रवाल परिवार, जो पहले से ही 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की कथित हत्या के मामले से गहरे सदमे में था, अब एक और दुखद घटना से टूट गया है। केतन के दादा देवीचंद अग्रवाल का शनिवार, 4 जुलाई को निधन हो गया। जानकारी के अनुसार, उन्होंने पुणे के एक अस्पताल में इलाज के दौरान कार्डियक अरेस्ट के कारण अंतिम सांस ली।
परिवार के लिए यह दूसरा बड़ा झटका लगभग 16 दिनों के भीतर आया है। केतन अग्रवाल की मौत के बाद से ही परिवार मानसिक और भावनात्मक तनाव से गुजर रहा था। उसी दौरान 71 वर्षीय देवीचंद अग्रवाल की तबीयत भी बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन शनिवार को उनकी हालत अचानक गंभीर हो गई और कार्डियक अरेस्ट से उनकी मौत हो गई।
Unable to bear the shock of his grandson's murder, Ketan Agarwal's grandfather Devichand Agrawal has passed away.
— Varun Kumar Rana (@VarunKrRana) July 4, 2026
Violent crimes don't just claim one life; they destroy entire families. The culprits must face the strictest punishment under the law. Nothing less!
परिवार के सदस्यों के अनुसार, केतन की मृत्यु के बाद से ही घर में गहरा शोक और तनाव का माहौल था। लगातार मानसिक दबाव और दुख के कारण परिवार के बुजुर्ग सदस्य भी प्रभावित हुए। देवीचंद अग्रवाल अपने पोते के निधन से बेहद आहत थे और उनकी तबीयत उसी समय से लगातार कमजोर होती जा रही थी।
परिजनों ने बताया कि केतन अग्रवाल की मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में था और वे न्याय की मांग को लेकर लगातार प्रयास कर रहे थे। परिवार का कहना है कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से भी यह मांग उठाई थी कि केतन की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इस बीच, दादा के निधन से परिवार पर दुख का एक और पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के लोगों के अनुसार, लगातार दो बड़े झटकों ने उन्हें पूरी तरह से हिला कर रख दिया है। पहले पोते की असामयिक मौत और अब दादा के निधन ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डाल दिया है।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, देवीचंद अग्रवाल को गंभीर स्थिति में ICU में रखा गया था और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे थे। हालांकि, अचानक कार्डियक अरेस्ट आने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका।
इस घटना के बाद क्षेत्र में भी शोक का माहौल है। परिचितों और रिश्तेदारों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और इसे बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया है।
परिवार अब दोनों सदस्यों के निधन के बाद गहरे शोक में है और अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटा हुआ है। लगातार हुए इन दो हादसों ने अग्रवाल परिवार को मानसिक और भावनात्मक रूप से पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।





