महाराष्ट्र

Sub-Inspector Gopal Badne को चार दिन की पुलिस रिमांड, वकील ने किया मामले पर बयान

SHIDDHANT
26 Oct 2025 9:09 PM IST
Sub-Inspector Gopal Badne को चार दिन की पुलिस रिमांड, वकील ने किया मामले पर बयान
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Maharashtra: महाराष्ट्र : सतारा जिले में महिला डॉक्टर आत्महत्या मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सुर्खियाँ बटोरी हैं। आरोपी सब-इंस्पेक्टर (SI) Gopal Badne को अदालत ने चार दिन की पुलिस कस्टडी प्रदान की है। इस मामले में Badne के वकील राहुल धाइगुडे ने कहा कि "मेरे क्लाइंट और अन्य तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दर्ज मामला पूरी तरह से झूठा है। इसमें दो पहलू हैं। पहले, आत्महत्या के लिए उकसाने और अन्य आरोपों के संदर्भ में मेरे क्लाइंट और तीन अन्य पुलिस अधिकारियों ने पीड़िता के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी, जो अभी जांचाधीन है। धाइगुडे ने बताया कि जांच में पीड़िता का बयान सरकारी सिविल सर्जन के सामने दर्ज किया गया था, जिसमें उसने बलात्कार का कोई आरोप नहीं लगाया। उन्होंने कहा, "जहाँ पीड़िता ने आत्महत्या की, वह एक होटल था, जिसमें उसने खुद कमरा बुक किया था। अगर कोई समस्या थी तो वह मकान मालिक के घर क्यों नहीं लौट गई? और उसने होटल में ही आत्महत्या क्यों की? यह आश्चर्यजनक है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

वकील ने आगे कहा कि सभी तथ्य जांच के दौरान स्पष्ट हो जाएंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि केस में शामिल आरोपों को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया में फैल रही अफवाहों पर लोगों को ध्यान नहीं देना चाहिए। जांच अधिकारी इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं और सच्चाई सामने लाने के लिए हर पहलू की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि सतारा पुलिस मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठा रही है। पुलिस टीम ने होटल और आत्महत्या स्थल का निरीक्षण किया और संबंधित दस्तावेज और साक्ष्यों को संकलित किया। इसके अलावा, पुलिस मृतक डॉक्टर के परिवार और अन्य गवाहों से भी पूछताछ कर रही है।

समाज में यह मामला संवेदनशील है और स्थानीय प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया है। मामले में न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जा रही है और सभी आरोपी अधिकारियों को कड़ी जांच के लिए पुलिस कस्टडी में रखा गया है। धाइगुडे ने स्पष्ट किया कि इस मामले में उनके क्लाइंट को गलत तरीके से बदनाम किया गया है और अदालत द्वारा प्रदान की गई पुलिस रिमांड जांच में मदद करेगी ताकि सभी पहलुओं का सत्य सामने आ सके। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविकता स्पष्ट होगी और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। सतारा महिला डॉक्टर आत्महत्या मामला महाराष्ट्र में महिला सुरक्षा और पुलिस विभाग के आचरण पर भी सवाल उठा रहा है। प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और मीडिया में अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए कदम उठाए हैं।
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