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भोपाल में यूथ कॉन्क्लेव, 20 हजार युवाओं से सीएम मोहन यादव का संवाद

मध्य प्रदेश : मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित ‘यूथ कॉन्क्लेव’ में युवाओं से सीधा संवाद किया। पूरे राज्य से आए हजारों छात्र, युवा, स्टार्टअप प्रतिनिधि और विभिन्न संस्थानों से जुड़े लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने लगभग 20 हजार युवाओं से बातचीत करते हुए करियर, कौशल विकास, उद्यमिता और भविष्य की तकनीकों से जुड़े अवसरों पर चर्चा की।
इस युवा सम्मेलन का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग और मंत्री इंदर सिंह परमार की पहल पर किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को बदलते रोजगार बाजार, नई तकनीकों, व्यवसाय के नए अवसरों और स्टार्टअप संस्कृति से जोड़ना है। इसके साथ ही छात्रों को यह समझाने की कोशिश की गई कि आने वाले वर्षों में किन क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमिता की ज्यादा संभावनाएं बन सकती हैं।
यूथ कॉन्क्लेव में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे क्षेत्रों को विशेष रूप से फोकस में रखा गया। ये सभी सेक्टर आने वाले समय में उद्योग और रोजगार की दिशा बदलने वाले माने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने युवाओं से कहा कि बदलते समय में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है। नई तकनीकों को समझना, कौशल को लगातार अपडेट करना और रोजगार के साथ-साथ उद्यमिता की दिशा में भी सोचना जरूरी है। उन्होंने युवाओं को नए विचारों पर काम करने और स्टार्टअप के जरिए रोजगार देने वाले बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में 17 सरकारी विभागों और कई संगठनों ने हिस्सा लिया। अलग-अलग विभागों ने युवाओं के लिए उपलब्ध योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और आर्थिक सहायता से जुड़ी जानकारी साझा की।
लाल परेड ग्राउंड में 80 से ज्यादा प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए, जिनमें विश्वविद्यालयों, सरकारी विभागों, स्टार्टअप्स और विभिन्न संस्थानों की परियोजनाओं को प्रदर्शित किया गया। इन स्टॉलों पर तकनीक, शिक्षा, रोजगार, स्टार्टअप और कौशल विकास से संबंधित मॉडल और प्रोजेक्ट दिखाए गए।
AI और रोबोटिक्स से जुड़े स्टॉल युवाओं के बीच आकर्षण का केंद्र रहे। छात्रों को बताया गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग केवल आईटी कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, उद्योग, सुरक्षा और सरकारी सेवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है।
ड्रोन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी युवाओं को नए अवसरों की जानकारी दी गई। कृषि सर्वे, भूमि मापन, सुरक्षा, डिलीवरी सेवाओं और आपदा प्रबंधन में ड्रोन का उपयोग बढ़ रहा है। इस सेक्टर में प्रशिक्षण और तकनीकी कौशल रखने वाले युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।
सेमीकंडक्टर को लेकर भी कार्यक्रम में विशेष चर्चा हुई। देश में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और चिप उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ इस क्षेत्र में इंजीनियरिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े नए अवसर बन रहे हैं। युवाओं को बताया गया कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र तकनीकी रोजगार का बड़ा स्रोत बन सकता है।
रिन्यूएबल एनर्जी भी यूथ कॉन्क्लेव का अहम हिस्सा रही। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और अन्य स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों से जुड़े प्रोजेक्ट्स के जरिए छात्रों को समझाया गया कि हरित ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार और निवेश दोनों तेजी से बढ़ रहे हैं।
इलेक्ट्रिक वाहन सेक्टर को लेकर भी युवाओं में खास उत्साह दिखा। बैटरी तकनीक, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, वाहन डिजाइन और सर्विस से जुड़े अवसरों की जानकारी दी गई। सरकार का फोकस युवाओं को भविष्य के उद्योगों के लिए तैयार करने पर है।
कॉन्क्लेव में केवल तकनीकी क्षेत्रों पर ही नहीं, बल्कि व्यवसाय और उद्यमिता पर भी चर्चा की गई। युवाओं को बताया गया कि यदि उनके पास कोई अच्छा आइडिया है तो उसे स्टार्टअप में बदलने के लिए सरकारी योजनाओं और संस्थागत सहायता का लाभ लिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे नौकरी की तलाश तक सीमित न रहें, बल्कि अपने विचारों को कारोबार में बदलने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्टार्टअप, नवाचार और कौशल विकास के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को समर्थन दे रही है।
कार्यक्रम में करियर काउंसलिंग और स्किल डेवलपमेंट से जुड़े सत्र भी आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने युवाओं को बताया कि बदलती अर्थव्यवस्था में रोजगार पाने के लिए तकनीकी ज्ञान के साथ संवाद कौशल, समस्या समाधान और डिजिटल क्षमता भी जरूरी है।
युवाओं को विभिन्न विश्वविद्यालयों और प्रशिक्षण संस्थानों के कार्यक्रमों की जानकारी भी दी गई। इससे छात्रों को उच्च शिक्षा और विशेष प्रशिक्षण के विकल्पों को समझने का मौका मिला।
मुख्यमंत्री का 20 हजार युवाओं से सीधा संवाद कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। छात्रों ने रोजगार, स्टार्टअप, तकनीक और शिक्षा से जुड़े सवाल भी रखे।
यूथ कॉन्क्लेव के माध्यम से सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की कि राज्य की युवा आबादी को भविष्य के उद्योगों के लिए तैयार किया जाएगा। AI, ड्रोन, रोबोटिक्स और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे क्षेत्रों में कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
कुल मिलाकर भोपाल का यूथ कॉन्क्लेव युवाओं के लिए करियर, कौशल और उद्यमिता से जुड़े नए अवसरों को समझने का बड़ा मंच बनकर सामने आया। 80 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल और 17 सरकारी विभागों की भागीदारी ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप दिया।
अब सरकार की चुनौती यह होगी कि कॉन्क्लेव में सामने आए विचारों और योजनाओं को जमीन पर किस तरह लागू किया जाए और युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और स्टार्टअप सहायता से कितनी तेजी से जोड़ा जाए।





