- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- उज्जैन में शाही मस्जिद...
उज्जैन में शाही मस्जिद का प्रभावित हिस्सा हटाने का काम फिर शुरू, भारी सुरक्षा बल तैनात

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले छोटे हिस्से को हटाने का काम मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच फिर शुरू किया गया। एक दिन पहले इस कार्रवाई के दौरान तनाव और पथराव की स्थिति बनने के बाद प्रशासन ने मंगलवार को पूरे इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए। मौके पर स्थिति सामान्य बनाए रखने के लिए अतिरिक्त इंतजाम भी किए गए।
मस्जिद का प्रभावित हिस्सा छत्री चौक क्षेत्र में चल रहे सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के तहत हटाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि पूरी मस्जिद को नहीं हटाया जा रहा, बल्कि केवल वही हिस्सा हटाया जा रहा है जो प्रस्तावित सड़क के दायरे में आ रहा है। मंगलवार को भी मस्जिद समिति से जुड़े लोग प्रशासन की मौजूदगी में प्रभावित निर्माण को स्वयं हटाते दिखाई दिए।
#WATCH | Ujjain, Madhya Pradesh: Operation to remove a portion of the Shahi Masjid set to resume today amid heavy security deployment.
— ANI (@ANI) September 29, 2026
Yesterday, the situation was tense in the area as clashes between a crowd and Police took place after stone pelting incidents. Police used tear… pic.twitter.com/iox39JDkWb
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए छत्री चौक और आसपास के संवेदनशील हिस्सों में पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ा दी गई। कई रास्तों पर आवाजाही नियंत्रित की गई और सुरक्षा अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखते रहे। पुलिसकर्मी घोड़ों पर सवार होकर भी इलाके का निरीक्षण करते दिखाई दिए, ताकि भीड़ और स्थानीय गतिविधियों की निगरानी की जा सके।
एहतियात के तौर पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां, एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहन भी मौके पर तैयार रखे गए। निर्माण और मलबा हटाने के काम के लिए ट्रैक्टर समेत अन्य वाहन मौजूद रहे। प्रशासन का उद्देश्य किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देना और सड़क चौड़ीकरण का काम शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराना है।
छत्री चौक और आसपास के बाजार मंगलवार को बंद रहे। एक दिन पहले हुई घटना के बाद व्यापारिक क्षेत्रों में सामान्य गतिविधियां सीमित दिखाई दीं। हालांकि मंगलवार को प्रभावित हिस्सा हटाने के दौरान किसी नए बड़े तनाव की सूचना नहीं मिली और काम शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा।
सोमवार को कार्रवाई शुरू होने के दौरान इलाके में तनाव बढ़ गया था। पुलिस के मुताबिक कुछ लोगों ने काम का विरोध किया और बाद में पथराव हुआ। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और हल्के बल का इस्तेमाल किया था। इसके बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया और कथित तौर पर भड़काऊ सामग्री फैलाने वाले कुछ सोशल मीडिया खातों की भी जांच शुरू की गई।
प्रशासन और मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बाद प्रभावित हिस्सा स्वेच्छा से हटाने पर सहमति बनी थी। उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के अनुसार प्रशासन और समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में यह तय हुआ कि सड़क चौड़ीकरण की सीमा में आने वाले मस्जिद के हिस्से को समुदाय से जुड़े लोग स्वयं हटाएंगे।
स्थानीय धार्मिक प्रतिनिधियों ने भी लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि सोशल मीडिया पर गलत या भ्रामक जानकारी फैलने से स्थिति बिगड़ सकती है, इसलिए केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा किया जाना चाहिए।
यह पूरा प्रोजेक्ट उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों से जुड़ा है। शहर में बड़े पैमाने पर सड़क चौड़ीकरण और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम चल रहा है। छत्री चौक से जुड़े इस मार्ग को भी चौड़ा किया जा रहा है ताकि आने वाले सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही आसान हो सके।
कंथाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक की सड़क को लगभग 15 मीटर चौड़ा करने की योजना है। इसी सड़क के प्रस्तावित अलाइनमेंट में आने वाले विभिन्न निर्माणों को हटाने या उनमें बदलाव करने की प्रक्रिया चल रही है। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई केवल शाही मस्जिद तक सीमित नहीं है और सड़क की सीमा में आने वाले अन्य निर्माणों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
शाही मस्जिद से जुड़े मामले में कानूनी प्रक्रिया भी चली है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के खिलाफ चुनौती को खारिज किया था। अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद सड़क चौड़ीकरण के तहत कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
मस्जिद समिति और स्थानीय समुदाय की ओर से पहले इस धार्मिक स्थल की ऐतिहासिक और धार्मिक अहमियत का हवाला देते हुए इसे बचाने की मांग की गई थी। बाद में प्रशासन के साथ बातचीत के बाद प्रभावित हिस्से को स्वेच्छा से हटाने की सहमति बनी।
सोमवार को हुई हिंसा के बाद पुलिस ने निगरानी और कड़ी कर दी है। CCTV और अन्य माध्यमों से पथराव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पोस्ट की भी जांच कर रही है, क्योंकि अधिकारियों का कहना है कि कुछ भ्रामक सामग्री ने लोगों के बीच भ्रम और तनाव बढ़ाया।
पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मंगलवार को भी मौके पर मौजूद रहे। संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च और लगातार गश्त के जरिए कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखी गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सड़क चौड़ीकरण का काम निर्धारित योजना के अनुसार जारी रहेगा, लेकिन किसी भी प्रकार के तनाव से बचने के लिए सभी पक्षों के साथ संवाद बनाए रखा जाएगा।
सिंहस्थ 2028 को लेकर उज्जैन में यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। विभिन्न सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है और भीड़ प्रबंधन के लिए नए मार्ग तथा अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। प्रशासन का तर्क है कि सिंहस्थ के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए सड़कों की क्षमता बढ़ाना जरूरी है।
शाही मस्जिद का मामला धार्मिक स्थल से जुड़ा होने के कारण संवेदनशील बना हुआ है। इसी वजह से प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। मंगलवार की कार्रवाई में भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बावजूद काम को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर रहा।
फिलहाल छत्री चौक पर शाही मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित हिस्से को हटाने का काम जारी है। प्रशासन और मस्जिद समिति के बीच बनी सहमति के मुताबिक समुदाय के लोग ही निर्माण का संबंधित हिस्सा हटा रहे हैं। इलाके में सुरक्षा बल तैनात हैं और बाजार बंद रहने के बावजूद स्थिति नियंत्रण में बताई गई है। प्रशासन की नजर अब काम को बिना किसी नए तनाव के पूरा करने और सिंहस्थ 2028 से जुड़े सड़क विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर है।





