मध्य प्रदेश

उज्जैन में शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने का काम फिर शुरू, भारी सुरक्षा के बीच इलाके में शांति

Kavita2
29 Sept 2026 1:36 PM IST
उज्जैन में शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने का काम फिर शुरू, भारी सुरक्षा के बीच इलाके में शांति
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उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में गोपाल मंदिर और छतरी चौक के पास स्थित शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का काम मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच फिर शुरू किया गया। एक दिन पहले सड़क चौड़ीकरण परियोजना के दौरान हुई पत्थरबाजी और पुलिस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी। अधिकारियों ने कहा कि मंगलवार को स्थिति नियंत्रण में रही और मस्जिद समिति के सदस्य विकास कार्य से प्रभावित हिस्से को हटाने का काम जारी रखे हुए हैं।

प्रशासन ने संवेदनशील इलाके के आसपास सुरक्षा घेरा बनाया और लोगों की आवाजाही पर नियंत्रण रखा। सोमवार को हुए तनाव के बाद पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता किसी भी तरह की नई अप्रिय स्थिति को रोकना रही। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया और आसपास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई। सोमवार को पथराव के बाद पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया था और कई लोगों को हिरासत में लिया गया था।

मंगलवार को मस्जिद समिति की ओर से प्रभावित निर्माण को स्वयं हटाने का काम जारी रहा। प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट किया था कि सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले हिस्से को समुदाय के लोग खुद हटा रहे हैं। अधिकारियों ने उन अफवाहों को भी खारिज किया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि प्रशासन मशीनों के जरिए पूरी मस्जिद को गिरा रहा है।

उज्जैन के जिला कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने कहा कि शाही मस्जिद स्थल पर पूरी तरह शांति है और काम तय प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने नागरिकों से किसी भी तरह की भ्रामक सूचना पर ध्यान नहीं देने की अपील की। प्रशासन ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट वीडियो और संदेशों के कारण सोमवार को भ्रम और तनाव बढ़ा था, इसलिए लोगों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा गया है।

शहर काजी खलीलुर रहमान ने भी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि मस्जिद से संबंधित मामला बातचीत के बाद तय हो चुका है और लोगों को अफवाहों से प्रभावित होकर बाजारों या संवेदनशील क्षेत्रों की ओर नहीं जाना चाहिए। उन्होंने समुदाय से घरों में रहने और स्थिति को सामान्य बनाए रखने में सहयोग करने को कहा।

उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित हिस्से को हटाने का काम मस्जिद समिति से जुड़े लोग ही कर रहे हैं और वहां प्रशासन की ओर से किसी तरह की जबरन कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने लोगों से किसी भी उकसावे या अफवाह में नहीं आने की अपील की।

सोमवार को शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके के आसपास जमा हो गए थे। इसी दौरान पथराव की घटनाएं हुईं और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस तथा हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस के मुताबिक कुछ सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए। घटना के बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया और कुछ के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने सोशल मीडिया पर अफवाह और कथित भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों पर भी नजर बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ पोस्ट और वीडियो ने स्थिति को लेकर भ्रम पैदा किया। पुलिस ऐसे खातों और सामग्री की जांच कर रही है जिनके जरिए गलत या भ्रामक जानकारी प्रसारित होने का संदेह है।

यह पूरा मामला सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत चल रहे सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट से जुड़ा है। उज्जैन में आने वाले सिंहस्थ को देखते हुए कई सड़कों के विस्तार, यातायात व्यवस्था और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास पर काम किया जा रहा है। गोपाल मंदिर से छतरी चौक के बीच का हिस्सा भी इसी योजना के तहत विकसित किया जा रहा है।

शाही मस्जिद के कुछ हिस्से को सड़क चौड़ीकरण की सीमा में आने के कारण हटाया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर कानूनी प्रक्रिया भी चली थी। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में संबंधित पक्षों की ओर से याचिकाएं दाखिल की गई थीं। बाद में संबंधित पक्षों और नगर निकाय के बीच सहमति बनने के बाद हाई कोर्ट ने अपीलों का निपटारा कर दिया।

मस्जिद समिति और प्रशासन के बीच बातचीत के बाद प्रभावित हिस्से को स्वेच्छा से हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई। अधिकारियों ने साफ किया कि धार्मिक स्थल के बाकी हिस्से को नुकसान पहुंचाने की योजना नहीं है और केवल सड़क चौड़ीकरण की सीमा में आने वाले निर्माण को हटाया जा रहा है।

मंगलवार को प्रशासन ने आसपास के करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। आने-जाने वाले लोगों की निगरानी की गई और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा। सोमवार की घटना को देखते हुए अधिकारियों ने किसी भी भीड़ को जमा होने से रोकने पर विशेष ध्यान दिया।

सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही प्रशासन ने स्थानीय धार्मिक और सामाजिक नेताओं से लगातार संपर्क बनाए रखा। अधिकारियों का कहना है कि सभी समुदायों के सहयोग से मंगलवार को स्थिति शांतिपूर्ण रही और प्रभावित ढांचे को हटाने का काम बिना किसी बड़े विवाद के जारी रहा।

शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार गश्त कर रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा न करें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि शांति भंग करने वाली या भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल शाही मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित हिस्से को हटाने का काम मस्जिद समिति की देखरेख में जारी है। जिला प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शहर में शांति बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात हैं।

सोमवार की पत्थरबाजी के बाद पैदा हुए तनाव के बीच मंगलवार की कार्रवाई प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण रही। अधिकारियों और धार्मिक नेताओं दोनों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अफवाह को स्थिति बिगाड़ने नहीं दिया जाएगा। प्रशासन का फोकस अब प्रभावित हिस्से को शांतिपूर्ण तरीके से हटाने और सिंहस्थ 2028 से जुड़ी सड़क चौड़ीकरण परियोजना को आगे बढ़ाने पर है।

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