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इंदौर। इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना के तहत बनाई जा रही महत्वपूर्ण टनल का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। रेलवे द्वारा इस परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। 2,957 मीटर लंबी टनल की लाइनिंग का काम पूरी तरह पूरा हो चुका है, जबकि अब बिना बैलास्ट (गिट्टी रहित) ट्रैक बिछाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
रतलाम डिवीजन के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) मुकेश कुमार ने बताया कि टनल निर्माण में खुदाई के बाद सबसे महत्वपूर्ण चरण टनल लाइनिंग का होता है। यह काम पूरा कर लिया गया है। लाइनिंग से टनल को मजबूती मिलती है और लंबे समय तक रेल संचालन के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, 3 अगस्त तक टनल के अंदर 1,216 मीटर हिस्से में बिना बैलास्ट वाला ट्रैक बिछाया जा चुका है। शेष हिस्से में भी तेजी से काम जारी है। रेलवे आधुनिक तकनीक के माध्यम से इस कार्य को पूरा कर रहा है, जिससे भविष्य में ट्रेनों के संचालन को बेहतर और सुरक्षित बनाया जा सके।
इस परियोजना में ट्रैक निर्माण के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण सिविल कार्य भी तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। टनल के अंदर 1,470 मीटर हिस्से में अंतिम PCC (प्लेन सीमेंट कंक्रीट) लेयर का काम पूरा हो चुका है, जबकि 2,007 मीटर हिस्से में पहली PCC लेयर डालने का कार्य पूरा कर लिया गया है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि टनल निर्माण में PCC लेयर की अहम भूमिका होती है। यह ट्रैक के लिए मजबूत आधार तैयार करती है और भविष्य में रेल संचालन के दौरान स्थिरता बनाए रखने में मदद करती है।
टनल में पानी की निकासी व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। ड्रेनेज सिस्टम के तहत साइड ड्रेन और इनवर्ट ड्रेन का काम काफी हद तक पूरा हो चुका है। यह व्यवस्था बारिश या अन्य कारणों से टनल में पानी जमा होने की समस्या को रोकने में मदद करेगी और रेल संचालन को सुरक्षित बनाएगी।
इसके अलावा टनल के कट-एंड-कवर सेक्शन में रीइन्फोर्समेंट और लाइनिंग का काम भी पूरा कर लिया गया है। रेलवे की ओर से बताया गया है कि टनल के निर्माण में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
यात्रियों और रेल कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टनल में आपातकालीन सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। इसके तहत इमरजेंसी शेल्टर यानी रेफ्यूज नीचेस, रेस्क्यू शाफ्ट, वेंटिलेशन डक्ट और एग्जॉस्ट फैन सिस्टम तैयार किए जा रहे हैं।
आपातकालीन शेल्टर की व्यवस्था किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होगी। वहीं, वेंटिलेशन सिस्टम टनल के अंदर हवा के बेहतर प्रवाह को सुनिश्चित करेगा।
इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है। इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में यातायात सुविधाओं का विस्तार होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, टनल निर्माण का कार्य चुनौतीपूर्ण था क्योंकि इसमें पहाड़ी और भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद इंजीनियरों और कर्मचारियों की मेहनत से परियोजना लगातार आगे बढ़ रही है।
इस रेल लाइन के शुरू होने से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और कई क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा। साथ ही, माल परिवहन को भी गति मिलने की संभावना है, जिससे क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि परियोजना के सभी चरणों को सुरक्षा और गुणवत्ता के मानकों के अनुसार पूरा किया जा रहा है। टनल के शेष कार्यों को भी जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इंदौर-दाहोद रेल परियोजना में टनल निर्माण की यह प्रगति रेलवे के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। लाइनिंग, ट्रैक बिछाने और सुरक्षा सुविधाओं के कार्य पूरे होने के बाद यह टनल जल्द ही रेल संचालन के लिए तैयार हो सकेगी।
रेलवे की कोशिश है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को नई रेल सुविधा का लाभ जल्द मिल सके।





