मध्य प्रदेश

हर घर तिरंगा अभियान में महिलाओं ने भरी देशभक्ति के रंग

Kavita2
11 Aug 2026 2:22 PM IST
हर घर तिरंगा अभियान में महिलाओं ने भरी देशभक्ति के रंग
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इंदौर। जिले में प्रभावी ढंग से चलाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने के लिए सांवेर विकासखंड में आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं-सहायता समूहों की महिला सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। महिलाओं ने अपने गांवों और आसपास के क्षेत्रों में आकर्षक तिरंगा रंगोलियां बनाकर देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और गौरव का संदेश दिया। रंगोलियों के माध्यम से महिलाओं ने लोगों को अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित किया और अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया।

सांवेर विकासखंड के विभिन्न गांवों में महिलाओं ने समूहों के माध्यम से अभियान को लेकर लोगों में जागरूकता पैदा की। रंगोली के जरिए तिरंगे के तीनों रंगों को कलात्मक रूप से प्रदर्शित किया गया। रंगोलियों में राष्ट्रीय ध्वज के साथ देशभक्ति से जुड़े संदेश और राष्ट्रीय एकता की भावना को भी उकेरा गया। इससे गांवों में अभियान को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला।

तिरंगे के रंगों से सजे गांव

स्वयं-सहायता समूहों की महिलाओं ने गांवों में अलग-अलग स्थानों पर तिरंगा थीम पर रंगोलियां तैयार कीं। केसरिया, सफेद और हरे रंगों का इस्तेमाल करते हुए महिलाओं ने बेहद आकर्षक डिजाइन बनाए। रंगोलियों में तिरंगे के साथ भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना को दर्शाया गया।

महिलाओं का कहना था कि राष्ट्रीय ध्वज केवल एक झंडा नहीं, बल्कि देश की एकता, गौरव और स्वतंत्रता का प्रतीक है। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से प्रत्येक परिवार को राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना से जोड़ना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।

घर-घर तिरंगा फहराने का संदेश

रंगोली बनाने के साथ महिलाओं ने ग्रामीणों को अपने घरों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अधिक से अधिक परिवार अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएं और अभियान में सक्रिय भागीदारी करें।

महिलाओं ने बताया कि अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि जनभागीदारी के उत्सव के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। जब हर परिवार इसमें शामिल होगा, तभी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का उद्देश्य व्यापक स्तर पर पूरा हो सकेगा।

स्वयं-सहायता समूहों की अहम भूमिका

ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका मिशन से जुड़े स्वयं-सहायता समूहों की महिलाएं विभिन्न सामाजिक और जनजागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। इस बार भी महिलाओं ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को लेकर अपनी जिम्मेदारी निभाई।

महिलाओं ने न केवल रंगोलियां बनाईं, बल्कि आसपास के लोगों से संवाद कर उन्हें अभियान की जानकारी भी दी। उन्होंने परिवारों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित किया। इस गतिविधि से महिलाओं की सामाजिक भागीदारी और नेतृत्व क्षमता भी सामने आई।

देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की झलक

महिलाओं द्वारा बनाई गई रंगोलियों में केवल तिरंगे के रंग ही नहीं, बल्कि देशभक्ति की भावना भी स्पष्ट दिखाई दी। विभिन्न रंगोली डिजाइनों में राष्ट्रीय एकता और गौरव को प्रमुखता दी गई। महिलाओं ने अपने हुनर का इस्तेमाल करते हुए रंगोलियों को आकर्षक रूप दिया।

ग्रामीण क्षेत्रों में रंगोलियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनीं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने इन्हें देखा और अभियान के संदेश से जुड़ने की प्रेरणा ली। इस तरह महिलाओं ने कला को जनजागरूकता का माध्यम बनाकर अभियान को नई दिशा दी।

गांवों में बना उत्साह का माहौल

‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत महिलाओं की गतिविधियों से गांवों में उत्साह का माहौल बना हुआ है। समूह की सदस्य अलग-अलग स्थानों पर जाकर लोगों को अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। रंगोली के माध्यम से दिया गया संदेश लोगों तक आसानी से पहुंच रहा है।

महिलाओं ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी और सम्मान व्यक्त करने का अवसर भी है। तिरंगा प्रत्येक भारतीय के गौरव का प्रतीक है और इसे सम्मान के साथ अपने घर पर फहराना देश के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक माध्यम है।

अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास

स्वयं-सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने प्रयासों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि किसी भी जनअभियान की सफलता के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। ग्रामीण महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को गांवों तक पहुंचाने में मदद मिल रही है।

महिलाओं ने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों पर तिरंगा फहराएं और आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और उसकी गरिमा बनाए रखने पर भी जोर दिया।

जनभागीदारी से सार्थक होगा अभियान

सांवेर विकासखंड में स्वयं-सहायता समूहों की महिलाओं की यह पहल अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने का उदाहरण बन रही है। महिलाओं ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से देशभक्ति की भावना को प्रदर्शित करते हुए लोगों को राष्ट्रीय पर्व से जोड़ने का प्रयास किया।

‘हर घर तिरंगा’ अभियान का उद्देश्य तभी पूरी तरह सार्थक होगा, जब समाज के प्रत्येक वर्ग की इसमें सक्रिय भागीदारी हो। सांवेर क्षेत्र की महिलाओं ने रंगोलियों और जनजागरूकता गतिविधियों के जरिए इसी भावना को मजबूत किया है। तिरंगे के रंगों से सजी रंगोलियों ने गांवों में देशभक्ति का संदेश फैलाने के साथ राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना को भी मजबूत किया।

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