मध्य प्रदेश

CM मोहन यादव के काफिले के सामने सड़क पर लेटी महिला, मचा हड़कंप

Kavita2
19 Oct 2026 5:28 PM IST
CM मोहन यादव के काफिले के सामने सड़क पर लेटी महिला, मचा हड़कंप
x

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण सड़क हादसे के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव घायलों का हाल जानने जयारोग्य अस्पताल पहुंचे। इस दौरान उस समय अचानक हंगामे की स्थिति बन गई, जब अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर से लौट रहे मुख्यमंत्री के काफिले के सामने एक महिला सड़क पर लेट गई। महिला के इस कदम से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षाकर्मी तत्काल सक्रिय हो गए। सुरक्षाकर्मियों ने महिला को सड़क से हटाया और समझाइश देकर शांत कराया। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल स्थित ट्रॉमा सेंटर पहुंचे थे। यहां उन्होंने शीतला माता मंदिर हादसे में घायल लोगों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों से उपचार की व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की। उन्होंने घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनके इलाज में किसी तरह की कमी नहीं आने देने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री के काफिले के सामने अचानक लेटी महिला

मुख्यमंत्री के अस्पताल दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के बीच अचानक हुई इस घटना से मौके पर मौजूद अधिकारी और सुरक्षाकर्मी सतर्क हो गए। बताया गया कि मुख्यमंत्री जब ट्रॉमा सेंटर में घायलों से मुलाकात करने के बाद लौट रहे थे, उसी समय एक महिला सड़क पर पहुंचकर उनके काफिले के सामने लेट गई।

महिला के इस कदम से कुछ देर के लिए असामान्य स्थिति बन गई। मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों ने तत्काल महिला को सड़क से हटाया। इसके बाद उसे समझाइश देकर शांत कराया गया।

महिला ने यह कदम किस कारण उठाया, इसकी स्पष्ट और आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है। ऐसे में उसके विरोध या मांग को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

घायलों का हाल जानने ट्रॉमा सेंटर पहुंचे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती शीतला माता मंदिर हादसे के घायलों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों से प्रत्येक मरीज के स्वास्थ्य, चोटों की गंभीरता और उपचार की प्रगति के बारे में जानकारी ली।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकीय निगरानी और आवश्यक उपचार जारी रखने की जरूरत बताई गई।

मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय हुआ, जब शीतला माता मंदिर के पास हुए हादसे के बाद कई परिवार अपने सदस्यों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। अस्पताल में घायलों के परिजन भी उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद लगाए हुए हैं।

शीतला माता मंदिर के पास हुआ था भीषण हादसा

ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास 18 अक्टूबर की तड़के एक अनियंत्रित ट्रक श्रद्धालुओं की भीड़ में घुस गया था। हादसा उस समय हुआ, जब बड़ी संख्या में लोग नवरात्रि के अवसर पर माता के दर्शन के लिए पहुंचे थे।

बताया गया कि धान से लदे ट्रक ने नियंत्रण खोने के बाद रास्ते में मौजूद श्रद्धालुओं को टक्कर मार दी। ट्रक मंदिर के प्रवेश द्वार और दीवार से भी जा टकराया। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को बचाने का प्रयास किया।

19 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, इस हादसे में मृतकों की संख्या 15 तक पहुंच गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए। घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर सामने आया है।

हादसे के बाद पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल

शीतला माता मंदिर के पास हुए हादसे ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित बताई गई थी, वहां ट्रक कैसे पहुंचा, इसे लेकर स्थानीय लोगों और मृतकों के परिजनों ने नाराजगी जताई है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे के बाद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस मामले में आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया, जबकि ग्वालियर सिटी एसपी को पद से हटाया गया।

इसके अतिरिक्त हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए गए हैं। जांच अधिकारी को सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

मृतकों के परिजनों को चार लाख की सहायता

मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। गंभीर रूप से घायलों के लिए दो-दो लाख रुपये और अन्य घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की सहायता निर्धारित की गई है।

सरकार की ओर से घायलों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है।

अस्पताल में घायलों के परिजन चिंतित

हादसे के बाद जयारोग्य अस्पताल में भर्ती घायलों के परिवारों के सामने कठिन परिस्थितियां बनी हुई हैं। कई परिवार अपने सदस्यों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं, जबकि मृतकों के परिजन हादसे की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान काफिले के सामने महिला के सड़क पर लेटने की घटना ने भी ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि, महिला की पहचान और उसके इस कदम के पीछे की वजह की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

फिलहाल प्रशासन के सामने घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित करना, पीड़ित परिवारों तक सहायता पहुंचाना और हादसे के कारणों की जांच पूरी करना प्रमुख चुनौतियां हैं।

Next Story