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डबरा। मौसम का मिजाज अब तेजी से बदल रहा है। दिन में तीखी धूप तो रात में नरमी के चलते तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। मौसम में यह बदलाव सेहत पर भारी पड़ रहा है। वायरल बीमारी का प्रकोप बढ़ने लगा है। नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऐसे मरीजों की संख्या यकायक तेजी से बढ़ी है। जिन्हें सर्दी-खांसी, बुखार, उल्टी-दस्त की शिकायत के साथ ही घबराहट की शिकायत हो रही है। धीरे-धीरे प्राथमिक स्टेज का मलेरिया और टाइफाइड भी पांव पसारने लगा है। चिकित्सक दवा-उपचार के साथ ही सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
प्रतिदिन अस्पताल की ओपीडी में 300 से 350 मरीज लगातार अस्पताल में इलाज कराने के लिए आ रहे हैं......
मौसम में बदलाव के साथ वायरल बीमारी होना सामान्य बात है। आमतौर पर यही स्थिति जहां मार्च के अंत और अप्रैल महीने की शुरुआत में होती है। लेकिन फरवरी के महीने में से ही वही सर्दी-खांसी, जुकाम, बुखार से पीड़ित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। सामुदायिक अस्पताल की ओपीडी के आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले एक सप्ताह में प्रतिदिन अस्पताल की ओपीडी में 300 से 350 मरीज लगातार अस्पताल में इलाज कराने के लिए आ रहे हैं। जिनमें से 60 से 70 प्रतिशत से अधिक मरीज इन्हीं बीमारियों के हैं। सोमवार को भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी पर इलाज कराने के लिए लगभग 325 मरीज पहुंचे थे। सबसे खास बात यह है कि मौसमी बीमारियों का असर सबसे ज्यादा छोटे-छोटे बच्चों पर दिखाई दे रहा है क्योंकि अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों में अधिकतर सर्दी - खांसी, बुखार, जुकाम और उल्टी - दस्त के साथ ही गले में जकड़न की शिकायत छोटे-छोटे बच्चों में देखने को मिल रही है।
चिकित्सकों की एडवाइजरी बचाव के लिए सावधानी जरूरी......
बढ़ते मरीजों के साथ उन्हें उपचार देने के साथ ही डॉक्टर सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि हल्के गुनगुने पानी का सेवन करें, ज्यादा तला-भुना खाने से बचें, हरी सब्जियां व फल का सेवन करें। किसी प्रकार का कोई वायरल का असर दिखाई दे तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं और उसी की निगरानी में आवश्यक दवाओं का उपयोग करें।
तेज धूप में पर्चे के लिए रहे परेशान मरीज......
जहां एक और मौसम के बदलाव के कारण मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है तो वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ओपीडी का पर्चा बनाने के लिए एक ही काउंटर का संचालन हो रहा है। ऐसे में महिला मरीज और गर्भवती महिलाओं के अलावा वृद्धजनों को भी अपनी विभिन्न प्रकार की जांच इत्यादि के लिए उसी काउंटर पर ओपीडी का पर्चा बनवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। तो दूसरी ओर पड रही तेज धूप के बीच मरीजों को घंटों लाइन में लगकर ओपीडी का पर्चा बनवाना पड़ रहा है।
महिलाओं के लिए ओपीडी काउंटर अलग करने की मांग.....
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले कई महीनों से नगर के लोग कई बार स्वास्थ्य प्रबंधन से गर्भवती महिलाओं की प्रसव से पूर्व होने वाली तमाम तरह की जांचों के लिए दूर-दराज के गांव से आने वाली महिलाओं को जहां ओपीडी का पर्चा बनवाने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ता है। ऐसे में महिलाओं को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है तो कई घंटों लाइन में भी खड़े रहना पड़ता है। लेकिन स्वास्थ्य प्रबंधन द्वारा जागरूक लोगों के द्वारा की गई मांग की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा जिसका खामियाजा ग्रामीण अंचल से आने वाली महिलाओं को उठाना पड़ रहा है। तो वहीं एक बार फिर महिलाओं की ओपीडी का पर्चा बनवाने की मांग उठना शुरू हो गई है।
इस दौरान अभिभाषक हरीश अग्रवाल ने जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी से दूरभाष पर चर्चा कर मांग की है कि गर्मी के मौसम को देखते हुए महिलाओं के लिए ओपीडी का पर्चा काउंटर अलग बनवाया जाए। जिससे गर्भवती महिलाओं के अलावा अन्य महिला मरीजों को पुरुष मरीजों के साथ खड़ा ना होना पड़े और उन्हें आसानी से ओपीडी का परिचय प्राथमिकता के साथ बन सके।
इनका कहना है ’
पिछले कुछ दिनों से वायरल फीवर के साथ ही जुकाम, खांसी और उल्टी इत्यादि के मरीजों की संख्या बढ़ी है जिसमें खासकर बच्चे ज्यादा पीड़ित हैं। ऐसे मरीजों को उपचार के साथ ही मौसम के अनुसार कुछ एडवाइजरी भी दी जा रही है।





