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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक खरीद व्यवस्था के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य ने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से वर्ष 2017 से अब तक 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की खरीद दर्ज कर नया रिकॉर्ड बनाया है।
सरकार का दावा है कि यह उपलब्धि डिजिटल गवर्नेंस, पारदर्शिता और कुशल प्रशासन की दिशा में किए गए सुधारों का परिणाम है। उत्तर प्रदेश देश के सभी राज्यों में जेम पोर्टल के जरिए सबसे अधिक खरीद करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है।
जेम पोर्टल पर यूपी की खरीद 1 लाख करोड़ के पार
गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस यानी जेम पोर्टल की शुरुआत केंद्र सरकार ने वर्ष 2016 में सरकारी खरीद प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से की थी।
उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2017 से इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल शुरू किया और अब तक राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, संस्थानों और एजेंसियों ने जेम के माध्यम से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की खरीदारी की है।
यह आंकड़ा प्रदेश की सार्वजनिक खरीद व्यवस्था में डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग को दर्शाता है।
देश की कुल खरीद में 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी
उत्तर प्रदेश की इस उपलब्धि का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि देश के सभी राज्यों द्वारा जेम पोर्टल के माध्यम से की गई कुल खरीद में यूपी की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से अधिक है।
सरकार के अनुसार, यह आंकड़ा बताता है कि राज्य ने ऑनलाइन खरीद प्रणाली को तेजी से अपनाया है और सरकारी खरीद प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया है।
पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर रोक का दावा
योगी सरकार का कहना है कि जेम पोर्टल के उपयोग से सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है।
पहले सरकारी खरीद में कई स्तरों पर प्रक्रिया लंबी और जटिल होती थी। ऑनलाइन प्रणाली लागू होने से खरीद प्रक्रिया आसान हुई है और विभागों को बेहतर विकल्प उपलब्ध हुए हैं।
सरकार का दावा है कि जेम पोर्टल के माध्यम से खरीद करने से प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और सरकारी धन के बेहतर उपयोग में मदद मिली है।
छोटे कारोबारियों और विक्रेताओं को मिला अवसर
जेम पोर्टल की खासियत यह है कि इसमें देशभर के छोटे और बड़े विक्रेता सरकारी विभागों को अपने उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध करा सकते हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से छोटे उद्यमियों, स्थानीय व्यापारियों और स्टार्टअप को भी सरकारी खरीद प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर मिला है।
इससे स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलने और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में कदम
राज्य सरकार लगातार सरकारी सेवाओं और प्रक्रियाओं को डिजिटल माध्यम से जोड़ने पर जोर दे रही है।
जेम पोर्टल पर रिकॉर्ड खरीद को सरकार डिजिटल गवर्नेंस की सफलता के रूप में देख रही है।
सरकार का कहना है कि तकनीक के इस्तेमाल से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आई है और योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार हुआ है।
विभागों की सक्रिय भागीदारी से मिली सफलता
इस उपलब्धि के पीछे प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों की सक्रिय भागीदारी बताई जा रही है।
विभागों ने जरूरत की वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के लिए जेम पोर्टल का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया, जिससे खरीद का आंकड़ा लगातार बढ़ता गया।
सरकार का कहना है कि भविष्य में भी सार्वजनिक खरीद को और अधिक डिजिटल और पारदर्शी बनाने के प्रयास जारी रहेंगे।
यूपी मॉडल की चर्चा
1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की खरीद का आंकड़ा हासिल करने के बाद उत्तर प्रदेश की खरीद प्रणाली को देश में एक उदाहरण के तौर पर पेश किया जा रहा है।
सरकार का कहना है कि यह उपलब्धि केवल आर्थिक आंकड़ा नहीं है, बल्कि प्रशासनिक सुधारों और बेहतर व्यवस्था का संकेत है।
आगे भी डिजिटल खरीद को बढ़ावा देने की तैयारी
उत्तर प्रदेश सरकार आने वाले समय में जेम पोर्टल के इस्तेमाल को और बढ़ाने की योजना बना रही है।
उद्देश्य है कि अधिक से अधिक सरकारी खरीद ऑनलाइन माध्यम से हो और प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।
जेम पोर्टल पर 1 लाख करोड़ रुपये की खरीद का आंकड़ा उत्तर प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। सरकार इसे डिजिटल प्रशासन, पारदर्शी व्यवस्था और सुशासन की दिशा में बड़ा कदम बता रही है।





