मध्य प्रदेश

गुना में जमीन विवाद पर बवाल, तीन महिलाओं से मारपीट का वीडियो वायरल

Kavita2
26 Oct 2026 2:28 PM IST
गुना में जमीन विवाद पर बवाल, तीन महिलाओं से मारपीट का वीडियो वायरल
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गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले में जमीन विवाद को लेकर तीन महिलाओं के साथ कथित मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ितों में दसवीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा भी शामिल है। आरोप है कि कुछ लोगों ने महिलाओं के साथ मारपीट की, उन्हें जबरन खींचकर घर के अंदर ले गए और छात्रा के कपड़े फाड़ दिए। पीड़ित पक्ष ने जातिसूचक गालियां देने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए हैं। घटना 19 अक्टूबर को कैंट थाना क्षेत्र में हुई थी, जबकि इससे जुड़ा वीडियो रविवार को सोशल मीडिया पर सामने आया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से मामला चर्चा में


गुना जिले के कैंट थाना क्षेत्र में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।

वीडियो में कुछ लोग महिलाओं के साथ मारपीट करते दिखाई देने की बात सामने आई है।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावरों ने महिलाओं को जबरन खींचा और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।

घटना में एक नाबालिग छात्रा के साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई।

हालांकि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले पूरे घटनाक्रम और उसमें मौजूद व्यक्तियों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के आधार पर ही होगी।

लंबे समय से चल रहा था जमीन का विवाद

दसवीं कक्षा की छात्रा की शिकायत के अनुसार, उसके परिवार का गांव के ही गजराम यादव के साथ लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।

इसी विवाद को घटना की पृष्ठभूमि बताया जा रहा है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि जमीन संबंधी तनाव के कारण उनके साथ मारपीट की गई।

हालांकि जमीन के स्वामित्व और विवाद की वर्तमान कानूनी स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना से पहले दोनों पक्षों के बीच क्या विवाद था और उस दिन परिस्थितियां कैसे बिगड़ीं।

खेत से मक्के की ढेरियां गायब होने पर शुरू हुआ विवाद

शिकायत के अनुसार, 19 अक्टूबर की सुबह करीब 6:30 बजे परिवार को जानकारी मिली कि खेत में रखी मक्के की चार से पांच ढेरियां गायब हैं।

इस बात की जानकारी मिलने के बाद परिवार के सदस्य परेशान हो गए।

छात्रा के पिता कोक सिंह, भाई हरि सिंह और मामा बलिस्टर अहिरवार ने मामले की शिकायत पुलिस से करने का निर्णय लिया।

इसके बाद तीनों मोटरसाइकिल से पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने के लिए निकल पड़े।

पीड़ित पक्ष के अनुसार, खेत से मक्का गायब होने की घटना पहले से चल रहे जमीन विवाद के बीच सामने आई थी।

हालांकि मक्का किसने हटाया या चोरी किया, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

महिलाओं के साथ मारपीट का गंभीर आरोप

पीड़ित छात्रा की शिकायत के अनुसार, घटना के दौरान तीन महिलाओं को कथित तौर पर निशाना बनाया गया।

आरोप है कि कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें जबरन खींचकर एक घर के अंदर ले गए।

इस दौरान महिलाओं के साथ गाली-गलौज किए जाने की बात भी सामने आई है।

शिकायत में कहा गया है कि हमलावरों ने पीड़ितों को जान से मारने की धमकी दी।

हालांकि मारपीट में महिलाओं को कितनी चोटें आईं और उनका चिकित्सकीय परीक्षण हुआ या नहीं, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

दसवीं की छात्रा के कपड़े फाड़ने का आरोप

इस मामले का सबसे गंभीर पहलू नाबालिग छात्रा के साथ कथित दुर्व्यवहार है।

छात्रा ने शिकायत में आरोप लगाया है कि हमलावरों ने उसके कपड़े फाड़ दिए।

इसके अलावा उसके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार भी किया गया।

नाबालिग के साथ इस तरह के कथित व्यवहार को लेकर मामला संवेदनशील हो गया है।

पुलिस को शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करते हुए पीड़िता की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करनी होगी।

नाबालिग की पहचान उजागर करने वाली जानकारी सार्वजनिक करने से बचना भी आवश्यक है।

जातिसूचक गालियां देने की शिकायत

पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि घटना के दौरान जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया।

इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के साथ एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया है।

यह कानून अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों के खिलाफ निर्धारित प्रकार के अत्याचारों से संरक्षण प्रदान करता है।

हालांकि इस मामले में अधिनियम की कौन-कौन सी विशिष्ट धाराएं लगाई गई हैं, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।

वीडियो सामने आने के बाद बढ़ी चर्चा

घटना 19 अक्टूबर की बताई जा रही है, लेकिन इसका वीडियो रविवार को सामने आया।

वीडियो वायरल होने के बाद महिलाओं के साथ कथित मारपीट को लेकर लोगों का ध्यान इस मामले की ओर गया।

सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकता है।

हालांकि किसी वीडियो की प्रामाणिकता, रिकॉर्डिंग का समय और उसमें दिखाई देने वाले घटनाक्रम की पुष्टि आवश्यक होती है।

पुलिस वीडियो की जांच के आधार पर घटना से संबंधित अतिरिक्त जानकारी जुटा सकती है।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

कैंट थाना पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर बीएनएस और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

अब पुलिस के सामने घटना में शामिल व्यक्तियों की भूमिका और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करने की जिम्मेदारी है।

जांच के दौरान पीड़ितों और संबंधित गवाहों के बयान महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

इसके अतिरिक्त वायरल वीडियो तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण भी किया जा सकता है।

हालांकि आरोपियों की गिरफ्तारी या किसी अन्य कार्रवाई के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

जमीन विवाद में हिंसा पर उठे सवाल

इस घटना ने जमीन संबंधी विवादों के दौरान हिंसा और धमकी के मामलों को लेकर गंभीर चिंता पैदा की है।

भूमि के स्वामित्व और कब्जे से जुड़े विवादों का समाधान कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए।

किसी भी विवाद में महिलाओं या बच्चों के खिलाफ हिंसा का सहारा लेना कानूनन गंभीर मामला हो सकता है।

विशेष रूप से नाबालिगों के साथ कथित मारपीट और अपमानजनक व्यवहार के आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद

पीड़ित परिवार ने पुलिस के सामने अपनी शिकायत दर्ज कराई है।

परिवार के अनुसार, जमीन विवाद के बीच उनके साथ मारपीट और धमकी की घटना हुई।

अब परिवार को मामले में निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की उम्मीद है।

हालांकि दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया अभी उपलब्ध नहीं है।

इसलिए शिकायत में लगाए गए आरोपों को जांच पूरी होने से पहले प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।

जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी घटना

गुना जिले के कैंट थाना क्षेत्र में हुई इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं।

एक ओर परिवार का लंबे समय से जमीन विवाद चल रहा था, वहीं दूसरी ओर खेत से मक्का गायब होने की शिकायत के बाद महिलाओं के साथ कथित मारपीट की घटना सामने आई।

पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होगा कि घटना में किन लोगों की क्या भूमिका रही, वायरल वीडियो में क्या दिखाई देता है और पीड़ित पक्ष की शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में कौन-कौन से साक्ष्य उपलब्ध हैं।

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